Book Title: Paryushan na 4 thi 7 ma Divas na Vyakhyano
Author(s): Ajitshekharsuri
Publisher: Ajitshekharvijay
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पन्नटुिं च, सेसं जहा मल्लिस्स ॥१९४||१२॥ १९५. सिख्रसस्स णं अरहओ जाव सव्वदुक्खप्पहीणस्स एगे सागरोवमसए विइक्वंते पन्नाष्टुिं च, सेसं जहा मल्लिस्स ॥१९५॥११॥ १९६. सीअलस्स णं अरहओ जाव सव्वदुक्खप्पहीणस्स एगा सागरोवमकोडी तिवासअद्धनवमासाहिअबायालीसवाससहस्सेहिं ऊणिया विइक्वंता, एयंमि समए महावीरो निव्वुओ, तओ वि णं परं नव वाससयाई विइक्ताई , दसमस्स य वाससयस्स अयं असीइमे संवच्छरे काले गच्छइ ॥१९६॥१०॥ १९७. सुविहिस्स णं अरहओ पुप्फदंतस्स जाव सव्वदुक्खप्पहीणस्स दस सागरोवमकोडीओ विइक्वंताओ, सेसं जहा सीअलस्स, तं च इम-तिवासअद्धनवममासाहिअ-बायालीसवाससहस्सेहिं ऊणिया विइक्वंता इचाइ ॥१९७॥९॥ १९८. चंदप्पहस्स णं अरहओ जाव पहीणस्स एगं सागरोवमकोडीसयं विइक्वंतं, सेसं जहा सीअलस्स, तं च इमं- तिवासअद्धनवममासाहियबायालीसवाससहस्सेहिं ऊणगमिचाइ ॥१९८॥८॥ १९९. सुपासस्स णं अरहओ जाव पहीणस्स एगे सागरोवमकोडिसहस्से विइक्कंते सेसं जहा सीअलस्स, तं च इमं - तिवासअद्धनवममासाहिअ-बायालीसवाससहस्सेहिं ऊणिया इचाइ ॥१९९॥७॥ २००. पउमप्पहस्स णं अरहओ जाव पहीणस्स दस सागरोवमकोडिसहस्सा विइक्वंता, तिवासअद्धनवममासाहिय-बायालीससहस्सेहिं ऊणगमिचाइ ॥२००||६॥ २०१. सुमइस्स णं अरहओ जाव प्पहीणस्स एगे सागरोवमकोडिसयहस्से विइक्कंते, सेसं जहा सीअलस्स, तं च इमं तिवासअद्धनवममासाहिय-बायालीसवाससहस्सेहिं ऊणगमिचाइ ॥२०१॥५॥ २०२. अभिनंदणस्स णं अरहओ जाव प्पहीणस्स दस सागरोवमकोडिसयसहस्सा विइक्ता, सेसं जहा सीअलस्स तं च इमतिवासअद्धनवममासाहिय-बायालीसवाससहस्सेहिं ऊणगमिचाइ ॥२०२॥४॥ २०३. संभवस्स णं अरहओ जाव प्पहीणस्स वीसं सागरोवमकोडिसयसहस्सा विइक्वंता, सेसं जहा सीअलस्स, तं च इम-तिवासअद्धनवममासाहिअ-बायालीसवाससहस्सेहिं ऊणगमिचाइ ॥२०३||३||
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