Book Title: Paryushan na 4 thi 7 ma Divas na Vyakhyano
Author(s): Ajitshekharsuri
Publisher: Ajitshekharvijay

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Page 294
________________ શ્રી શંખેશ્વર પાર્શ્વનાથાય નમઃ સિદ્ધ વ્યાખ્યાન આઠમું - સ્થવિરાવલી ते णं काले णं ते णं समएणं समणस्स भगवओ महावीरस्स नव गणा, इक्कारस गणहरा हुत्था ॥१।। २. से केणटेणं भंते ! एवं वुचइ- समणस्स भगवओ महावीरस्स नव गणा, इक्कारस गणहरा हुत्था ? ॥२॥ ३. समणस्स भगवओ महावीरस्स जिट्टे इंदभूई अणगारे गोयमगुत्ते णं पंचसमणसयाइं वाएइ, मज्झिमए अग्गिभूई अणगारे गोयमगुत्ते णं पंच समणसयाई वाएइ, कणीयसे वाउभूई अणगारे गोयमगुत्ते णं पंच समणसयाई वाएइ, थेरे अनवियत्ते भारदायगुत्ते णं पंच समणसयाइं वाएइ, थेरे अज्जसुहस्मे अग्गिवेसायणगुत्ते णं पंच समणसयाई वाएइ, थेरे मंडिअपुत्ते वासिट्ठसगुत्ते णं अद्भुट्ठाई समणसयाई वाएइ, थेरे मोरियपुत्ते कासवगुत्ते णं अद्भुट्ठाई समणसयाई वाएइ, थेरे अकंपिए गोयमगुत्ते णं-थेरे अयलभाया हारियायणगुत्ते णं, ते दुण्णि वि थेरा तिण्णि तिण्णि समणसयाई वाएंति, थेरे अजमेयने - थेरे अज्जपभासे, एए दुण्णि वि थेरा कोडिन्नगुत्ते णं तिण्णि तिण्णि समणसयाई वाएंति । से तेणटेणं अज्जो ! एवं वुचइ-समणस्स भगवओ महावीरस्स नव गणा, इक्कारस गणहरा हुत्था ॥३॥ ४. सव्वे णं एए समणस्स भगवओ महावीरस्स इक्कारस वि गणहरा दुवालसंगिणो चउद्दसपुस्विणो समत्तगणिपिङगधारणा रायगिहे नगरे मासिएणं भत्तेणं अपाणएणं कालगया जाव सव्वदुक्खप्पहीणा || थेरे इंदभूई, थेरे अजसुहम्मे य सिद्धिं गए महावीरे पच्छा दुण्णि वि थेरा परिनिव्वुया। जे इमे अज्जत्ताए समणा निग्गंथा विहरंति एए णं सव्वे अजसुहम्मस्स अणगारस्स आवचिज्जा, अवसेसा गणहरा निरवचा वुच्छिन्ना ॥४॥ ५. समणे भगवं महावीरे कासवगुत्ते णं । समणस्स णं भगवओ महावीरस्स कासवगुत्तस्स अन्नसुहम्मे थेरे अंतेवासी अग्गिवेसायणुगत्ते १, थेरस्स णं अज्जसुहम्मस्स अग्गिवेसायणगुत्तस्स अजजंबूनामे थेरे अंतेवासी कासवगुत्ते २, थेरस्स णं अज्जजंबूणामस्स || २७३ dan Education Intematonal For Private & Fessoal Use Only www.jainelibrary.org.

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