Book Title: Jain Vidya 12 Author(s): Pravinchandra Jain & Others Publisher: Jain Vidya Samsthan View full book textPage 5
________________ विषय-सूची क्र.सं. विषय लेखक पृ. सं. प्रास्ताविक प्रकाशकीय 1. प्राचार्य पूज्यपाद पं. नरेन्द्रकुमार 'मिसीकर' 2. तत्त्व संग्रह मा. पूज्यपान 3. योगी क्या चाहता है/करता है ? मा. पूज्यपाद 4. श्री पूज्यपाद संबंधी कुछ श्री कुन्दनलाल जैन ऐतिहासिक अभिलेख 5. चिदानंद स्वरूप की उपलब्धि मा. पूज्यपाद 6. प्राचार्य पूज्यपाद का लक्षण और डॉ. रमेशचन्द्र जैन व्युत्पत्तिपरक दृष्टिकोण 7. प्राचार्य पूज्यपाद का संस्कृत ___डॉ. हरीन्द्रभूषण जैन व्याकरण-शास्त्र को अवदान 8. इष्टोपदेश : दर्शन मौर नीति का डॉ. श्रीरंजन सूरिदेव अपूर्व संगम : 9. इष्टोपदेश का उपदेश “श्री श्रीयांसकुमार सिंघई 10. मकान मृत्यू किन जीवों की नहीं मा. पूज्यपाद il. इष्टोपदेश में सालंकारता 12. पूज्यपाद-स्मरण 13. देवनंदि पूज्यपाद का सर्जना-संसार -----..मादित्य प्रचडिया 14. प्राचार्य पूज्यपाद का युगबोध में.संजीव प्रचमिया 15. मुक्त मात्मा ऊपर ही क्यों जाता है ? प्रा. पूज्यपाव 16. भाचार्य देवनंदि पूज्यपाद पोर उनका समय भी रमाकान्त बन 17. सप्ततच्च रचनाकारः प्रभात अनुवादकः पं मंबरलाल पोल्याकाPage Navigation
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