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महावीर
गणना होती है। वीर सम्वतू विक्रम सम्वत से ४७० ऐसा मानते हैं कि निर्वाण के समय महावीर की उम्रः ७२ वर्षे की थी। अतः उनका जन्म विक्रम सम्वत् से ५४२ वर्ष पहिले माना जा सकता है।
२. बाल स्वभाव एवं मातृ-भक्ति : ___ महावीर का जन्म-नाम वर्धमान था। वे बचपन से ही अत्यन्त मातृभक्त और दयालु स्वभाव के थे तथा वैराग्य और तप की ओर उनकी रुचि थी।
३. पराक्रम-प्रियता:
वर्धमान की बाल्यावस्था में क्षात्रोचित खेलो में बहुत रुचि थी। उनका शरीर ऊँचा, बलिप्ट और स्वभाव पराक्रम-प्रिय था। उन्होंने बचपन से ही भय को हृदय में कभी स्थान नहीं दिया। एक वार आठ वर्ष की उम्र में कुछ लड़को के साथ खेलते-खेलते वे जंगल में चले गए। वहां उन्होने एक पेड़ के नीचे एक भयंकर सर्प को पड़ा हुमा देखा । दूसरे लड़के उसे देखकर भागने लगे। लेकिन आठ घर्ष के वर्धमान ने उसे एक माला की तरह उठाकर फेंक दिया।
४. बुद्धिमत्ता
वे जैसे पराक्रम में अग्रणी थे, वैसे ही पढ़ने में भी । कहा जाता है कि ह वर्ष की उम्र में उन्होने व्याकरण सीख लिया था।