Book Title: Apbhramsa Bharti 1994 05 06
Author(s): Kamalchand Sogani, Gyanchandra Khinduka, Gopichand Patni
Publisher: Apbhramsa Sahitya Academy

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Page 65
________________ 54 अपभ्रंश-भारती 5-6 20. नाट्यशास्त्र, आ. भरतमुनि, सं. बटुकनाथ उपाध्याय, अध्याय-7.8। 21. दसरूपक, धनंजय, सं. डॉ. भोलाशंकर व्यास, 4.48। 22. रसगंगाधर, पंडितराज जगन्नाथ, सं. मदनमोहन झा, पृ. 130। 23. संदेश-रासक, सं. आ. हजारी प्रसाद द्विवेदी एवं डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी, पृ. 116। 24. रीतिकालीन काव्यभाषा, डॉ. इन्द्र बहादुर सिंह, पृ. 313। 25. वही, पृ. सं. 3141 26. संदेश-रासक, सं. आ. हजारी प्रसाद द्विवेदी तथा डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी, पृ. 115। 27. वही, पृ. 1291 28. वही, पृ. 1321 स्नातकोत्तर व्याख्याता हिन्दी विभाग रामनिरंजन झुनझुनवाला कॉलेज घाटकोपर (प.), बम्बई-400086

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