Book Title: Agam Sudha Sindhu Part 03 of 01 Author(s): Jinendravijay Gani Publisher: Harshpushpamrut Jain Granthmala View full book textPage 7
________________ 256 ] [श्रीमदागमसुधासिन्धुः प्रथमो विभागः कमे देवासुरमणुयाणं तसि 2 समयंसि ॥सू० 42 // एगे नाणे, एगे दंसणे, एगे चरिते॥सू० 43 // एगे समए॥सू. 44 // एगे पएसे एगे परमाणू॥सू० 45 // एगा सिद्धी / एगे सिद्धे / एगे परिनिव्वाणे / एगे परिनिव्वुए ॥सू० 46 // एगे सद्दे / एगे रूवे / एगे गंधे। एगे रसे / एगे फासे / एगे सुब्भिसद्दे / एगे दुभिसद्दे / एगे सुरूवे / एगे दुरूवे। एगे दोहे / एगे हस्से (रहस्से) / एगे वट्टे / एगे तसे / एगे चउरंसे / एगे पिहुले / एगे परिमंडले / एगे किरहे। एगे णीले / एगे लोहिए। एगे हलिद्दे / एगे सुकिले। एगे सुभिगंधे। एगे दुन्भिगंधे / एगे तित्ते / एगे कडुए। एगे कसाए। एगे अंबिले। एगे महुरे। एगे कक्खडे जाव लुक्खे ॥सू० 47 // एगे पाणातिवाए जाव एगे परिग्गहे / एगे कोधे जाव लोभे / एगे पेज्जे एगे दोसे जाव एगे परपरिवाए / एगा अरतिरती / एगे मायामोसे / एगे मिच्छादसणसल्ले ॥सू० 48 // एगे पाणावायवेरमणे जाव परिग्गहवेरमणे / एगे कोहविवेगे जाव मिच्छादंसणसल्लविवेगे॥सू० ४१॥एगायोसप्पिणी / एगा सुसमसुसमा जाव एगा दूसमदूसमा। एगा उस्सप्पिणी एगा दुस्समदुस्समा जाव एगा सुसमसुसमा। ॥सू० 50 // एगा नेरइयाणं वग्गणा एगा असुरकुमारांणं वग्गणा चवीसदंडयो जाव वेमाणियाणं वग्गणा / एगा भवसिद्धीयाणं वगणा एगा अभवसिद्धीयाणं वग्गणा एगा भवसिद्धिनेरझ्याणं वग्गणा एगा अभवसिद्धियाणं णेरतियाणं वग्गणा, एवं जाव एगा भवसिद्धियाणं वेमाणियाणां वग्गणा। एगा अभवसिद्धियाणं वेमाणियाणं वग्गणा / एगा सम्मदिट्ठियाणां वग्गणा एगा मिच्छदिट्ठियाणां वग्गणा एगा सम्मामिच्छदिट्ठियाणां वग्गणा / एगा सम्मदिट्ठियाणां णेरइयाणां वग्गणा एगा मिच्छद्दिट्ठियाणां णेरइयाणां वग्गणा एगा सम्ममिच्छद्दिट्ठियाणां णेरइयाणां वग्गणा, एवं जाव थणियकुमारागां वग्गणा / एगा मिच्छादिट्ठियागां पुढविकाइयाणां वग्गणा एवं जाव वणस्सइकाइयागां / एगा सम्मदिट्ठियाणाPage Navigation
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