Book Title: Agam 12 Uvavayaim Uvangsutt 01 Moolam
Author(s): Dipratnasagar, Deepratnasagar
Publisher: Agam Shrut Prakashan

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Page 16
________________ Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra www.kobatirth.org Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandir सूतं - २० यावचं सम्झाओ झामं विउस्सग्गी से किं तं पायच्छित्ते पायच्छित्ते दसविहे पत्रत्ते तं जहा - आलोयणारिहे पडिक्कमणारिहे तदुभयारिहे विवेगारिहे विउस्सग्गारिहे तवारिहे छेदारिहे मूलारिहे अणवट्टप्पारिहे पारंचियारिहे से तं पायच्छित्ते ११ से किं तं विनए नए सत्तविहे पत्रत्ते तं जहा-नाणविनए दंसणविनए चरितविनए मणविनए वइविनए कायविनए लोगोवयारविनए से किं तं नाणविणए नाणविणए पंचविहे पन्नत्ते तं जहाआभिणिबोहियनाणविणए सुयणाणविणए ओहिनाणविणए मणपज्जवनाणविणए केयलनाणविणए से तं नाणवणिए, से किं तं दंसणविणए दंसणविणए दुविहे पत्रते तं जहा सुस्सूसणाविणए य अनच्चासायणाविणए य से किं तं सुस्सूणाविणए सुस्सूसणाविणए अणेगविहे पत्ते तं जहाअडाणेइ वा आसणाभिग्गहेइ वा आसणप्पयाणंति वा सक्कारेइ वा सम्पाणेइ वा किइकम्मेइ वा अंजलिप्पार्हइ वा एतस्स अभिगच्छणया ठियस्स पजुवासणया गच्छंतस्स पडिसंसाहणया से तं सुस्सूसणाविनए से किं तं अनद्यासायणाविणए अनञ्चासायणाविणए पणयालीसविहे पन्नत्ते तं जहाअरहंताणं अगवासाचणा अरहंतपन्नत्तस्सधम्मस्स अणञ्चासाचणा आयरियाणअणघासायणा एवं उवज्झायाणं श्रेराणं कुलस्स गणस्स संघस्स किरियाणं संभोगस्स आभिणिबोहियनाणस्स सुयनाणस्स ओहिनाणस्स मणपज्जवनाणस्स केवलनाणस्स एएस चैव भत्ति बहुमाणेणं एएस चेव वण्णसंजलणया से तं अनच्चासायणाविणए से तं दंसणविणए से किं तं चरित्तविनए चरित्तविणए पंचविहे पन्नत्ते तं जहा- सामाइयचरित्तविणए छेदोवट्टावणियचरित्तविणए परिहारविसुद्धिचरित्तविणए सुहुमसंपरायचरित्तविणए अहक्खायचरितविए से तं चरितविणए से किं तं मनविणए मनविणए दुविहे पत्रत्ते तं जहा-पसत्यमनविनए अपसत्यमनविणए से किं तं अपसत्थमनविणए अपसत्यमनविणए जे य मणे सावजे सकिरिए सकक्कसे कडुए नगरे फरसे अण्हकरे छेयकरे भेयकरे परितावणकरे उद्दवणकरे भूओवघाइए तहप्पगारं मणो नो पहारेज्जा से तं अपसत्यमनविणए से किं तं पसत्यमनविणए पसत्यपनविणए [जे य मणे असायचे अकिरिए अकक्कसे अकडुए अणिङ्करे अफरुसे अणण्यकरे अछेयकरे अमेयकरे अपरितावणकरे अनुद्दवणकरे अभूओघाइए तहप्पगारं मणो पहारेजा से तं पसत्यमणविणए से तं मणविणए से किं तं चइबिणए चइविणए दुविहे पत्ते तं जहा -पसत्यवइविणए अपसत्यवइविणए से किं तं अपसत्थवइविणए अपसत्यवइविणए जा य वई सावज्जा सकिरिया सक्क्कसा कडुया निडुरा फरुसा अण्हयकरी छेवकरी भेयकरी परितावणकरी उद्दवणकरी भूओवघाइया तहप्पगारं वइ नो पहारेजा से तं अपसत्यवइविणए से किं तं पसत्यवइविणए पसत्यवइविणए जा य वई असावजा अकिरिया अकक्कसा अकडुया अणिट्टुरा अफरुसा अणण्यकरी अछेयकरी भेयकरी अपरितावणकरी अनुद्दवणकरी अभूओवघाइया तहप्पणारं बई पहारेखा से तं पसत्यवइविणए] से तं बइविणे से किं तं काबिए कार्याविणए दुविहे पत्रत्ते तं जहा पसत्यकायविणए अपसत्थकायविणए से किं तं अपसत्यकाय - विणए अपसत्थकायविणए सत्तविहे पन्नत्ते तं जहा - अणाउतं गमणे अणाउत्तं ठाणे अणाउत्तं निसीदणे अणाउत्तं तुयट्टणे अणात्तं उल्लंघणे अणावत्तं पल्लंघणे अणाउतं सव्वि For Private And Personal Use Only

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