Book Title: Agam 12 Uvavayaim Uvangsutt 01 Moolam
Author(s): Dipratnasagar, Deepratnasagar
Publisher: Agam Shrut Prakashan

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Page 45
________________ Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra Yo www.kobatirth.org Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandir (७४) इय सव्वकालतित्ता अउलं निव्वाणमुवगया सिद्धा सासयमच्वाबाहं चिट्ठति सुही सुहं पत्ता (७५) सिद्धत्तिय बुद्धत्तिय पारगयत्ति य परंपरगय त्ति उम्मुक्क- कम्म- कवया अजरा अमरा असंगा य (७६) निच्छिण्णसव्यदुक्खा जाइजरामरणबंधणविमुक्का अब्याबाहं सुक्खं अनुहोंती सासयं सिद्धा अतुल सुहसागरगया अव्वाबाहं अणोवमं पत्ता सव्वमणागयमद्धं चिट्ठति सुही सुहं पत्ता (७७) १२ उववाइयं समत्तं पढमं उवंगं समत्तं For Private And Personal Use Only उववाइयं ५५ - ॥२७॥1-19 ||२८|| 20 ॥२९॥-21 113 11-22

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