Book Title: Vijapur Bruhat Vrutant
Author(s): Buddhisagar
Publisher: Adhyatma Gyan Prasarak Mandal

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Page 308
________________ Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra www.kobatirth.org Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandir (२४२) क्षत्रप और महाक्षत्रप होनेके वर्ष । क्षत्रप. शक-संवत्. । विक्रम संवत् ईसवी-सन्. ४२,(४१,४५) १७४(१७६,१८० १२०,११९,१२३ (शहरात वंश) भूमक. नहपान (चष्टन-वंश). चष्टन जयदामा दामजदश्री प्रथम सत्य दामा रुदसिंह प्रथम (प्रथमवार) रुद्रसिंह प्रथम (द्वितीय वार ) रुद्रसेन प्रथम पृथ्वीसेन दामजदश्री द्वितीय वीर दामा १०२-१०३ - २३७-२३८ १८०-१८१ ११०-११२ १२१-१२२ १४४ १५४-१५५ १५६-१६० २४५-२४७ १८८-१९० २५६-२५७? १९९-२०० २२२ २८९-२९० | २३२-२३३ २९१-२९५ | २३४-२३८ महा क्षत्रप. शक संवत्. | विक्रम संवत्. । ईसवी-सन्. १२४ (क्षहरात वंश) नहपान १८१ (चष्टन वंश) चष्टन ददामा प्रथम २०७ १५० दामजदश्री प्रथम जीव दामा(प्रथमवार) । १ (००) २३५ १७८ रूद्रसिंहप्रथम (प्र.वार) । १०३-११० । २३८-२४५ । १८१-१८८ रुद्रसिंहप्रथम(द्वि.वार) ११३-११८-११६२४८-२५३-२५४१६१-१९६-१९७ जीवदामा (द्वि. वार) ११९-१२० २५४-२५५ १६७-१९८ रुद्रसेन प्रथम १२२-१४४ २५७-२७९ २००-२२२ संघदामा १४४-१४५ २७६-२८० २२२-२२३ दामसेन १४५-१५- २८०-२६३ २२३-२३६ ईश्वर दत्त राज्य वर्ष १-२ For Private And Personal Use Only

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