Book Title: Tulsi Prajna 1978 07 Author(s): Shreechand Rampuriya, Nathmal Tatia, Dayanand Bhargav Publisher: Jain Vishva Bharati View full book textPage 6
________________ 156 161 173 11. कुण्डलपुर के बड़े बाबा : आदिनाथ -डॉ० भागचन्द्र जन 'भागेन्दु' 12. भारतीय भाषाओं के विकास और साहित्य की समृद्धि में श्रमणों का महत्वपूर्ण योगदान -डॉ० के० आर० चन्द्र 13. शब्द-प्रभेव टीका और उसके कर्ता डॉ. देवेन्द्र कुमार शास्त्री के निबन्ध का कतिपय आवश्यक संशोधन -श्री अगरचन्द नाहटा 14. साहित्य समीक्षा (1) सात समन्दर पार -डॉ० पुष्पा गुप्ता (2) जिन दिन देखे वे कुसम -डॉ० पुष्पा गुप्ता (3) तीर्थङ्कर -डॉ० फूलचन्द जैन 'प्रेमी' (4) जैन गीता -डॉ० फूलचन्द जैन 'प्रेमी' (5) मुणिचन्द कहाणयं -डॉ० कमलेश कुमार जैन 15. जैन विश्व भारती : प्रवृति एवं प्रगति डॉ. कमलेशकुमार जैन एवं डॉ० पुष्पा गुप्ता 176 181 Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.orgPage Navigation
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