Book Title: Kangda Jain Tirth
Author(s): Shantilal Jain
Publisher: Shwetambar Jain Kangda Tirth Yatra Sangh

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Page 62
________________ (३५) और उन सभी सजनों को जो यात्रा सम्बन्धी सेवाभाव रखते थ इस संघ में शामिल कर लिया गया और उनमें से एक कार्यकारिणी बनाई गई जो आज तक यह कार्यक्रम भली-भाँति चलाती आ रही है। कार्यकारिणी के सदस्यों की नामावलि इस प्रकार है : (१) ला० सरदारीलाल जैन फर्म सरदारीलाल प्रेमसागर (संघचालक)। (२) ला० प्रीतमचंद जैन सुपुत्र ला० कुन्दनलाल जैन (सहायक संचालक)। (३) डाक्टर फकीरचंद जैन (प्रधान मन्त्री)। (४) ला० शान्तिलाल जैन नाहर सुपुत्र ला० गोकलचंद (मन्त्री)। (५) ला धर्मचंद जैन फर्म धर्मचंद अभयकुमार (कोषाध्यक्ष)। (६) ला० डोगरमल जेन प्रधान श्री आत्मानन्द जैन सभा होश्यारपुर। (७) ला० ज्ञानचंद जैन मन्त्री श्री आत्मानन्द जैन सभा होश्यारपुर । इस प्रकार यह कार्यकारिणी निश्चित करके उन्हें काम करने की पूरी स्वतन्त्रता देते हुए, पूर्ण सहयोग देने का श्री संघ ने आश्वासन दिया। तब से यह कार्यकारिणी अपने प्रेमी साथियों के सहयोग से बड़े उत्साह पूर्वक कार्य कर रही है। प्रति वर्ष वार्षिक रिपोर्ट प्रकाशित कर के हिसाब किताब का सारा चिट्ठा प्रकट किया जाता है ताकि किसी प्रकार से कोई शंका न रहे। उत्सव के विज्ञापन पत्र छपवा कर दूसरे नगरों में सूचना रूप भेजे जाते हैं और उनमें सारा कार्यक्रम दे दिया जाता है। इस सारे उत्साह के कारण हमारे वह मान्य सुश्रावक हैं जोकि समय समय पर हमें तन, मन और धन से सहयोग देते चले आ रहे Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com

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