Book Title: Kangda Jain Tirth
Author(s): Shantilal Jain
Publisher: Shwetambar Jain Kangda Tirth Yatra Sangh

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Page 74
________________ देखने योग्य स्थान श्री कांगड़ा तीर्थ के जैन ऐतिहासिक स्मारकों का वर्णन हो चुका अब कांगड़ा के अन्य आकर्षणीय स्थानों का वर्णन किया जाता है जिस से जहाँ आप तीर्थ यात्रा द्वारा आत्मिक आनन्द का लाभ उठा सकेंगे वहाँ इन रमणीय स्थानों की छटा को देखकर मनोरन्जन भी प्राप्त कर सकेंगे। अतः इस विषय के दो भाग किये जाते हैं : (१) ऐतिहासिक स्थान । (२) रमणीय स्थान । ऐतिहासिक स्थान :-कांगड़े का सारा क्षेत्र ही देवी और देवताओं का घर है । वैसे तो देवी देवताओं के अनगिनत स्थान आप के देखने को यहाँ मिलेंगे परन्तु तीन प्राचीन मन्दिरों को इधर बहुत मान्यता है । जिनका वर्णन नीचे किया जाता है : वज्र श्वरी देवी :-कांगड़ा की नई बस्ती में वज्र श्वरी देवी का एक प्राचीन विशाल मन्दिर है जो देखने में बहुत मनोहर है । दूर दूर से यात्री लोग इसके दर्शनों को आते हैं । यहाँ पर नवरात्रों में बड़ा भारी मेला लगता है। ___ज्वालामुखी-कांगड़ा नगर के पूर्व की ओर कोई चौदह मील की दूरी पर यह स्थान दूर दूर तक प्रसिद्ध है। यहाँ पर एक बहुत प्राचीन विश ल मन्दिर है जिस में दो चार स्थानों से पृथ्वी में से अग्नि की ज्वालायें लगातार निकलती रहती हैं यही इसकी विशेषता है। इसी कारण यह ज्वालामुखी के नाम से प्रसिद्ध है। यहाँ पर नवरात्रों के दिनों में बड़ा भारी मेला लगता है । यू०पी० की तरफ के सैंकड़ों लोग प्रति वर्ष नंगे पांवों इसके दर्शनों को पाते हैं। Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com

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