Book Title: Dandak Tatha Laghu Sangrahani
Author(s): Shravak Bhimsinh Manek
Publisher: Shravak Bhimsinh Manek
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१५ जंबुद्विपनो परिधि तेने विष्कभना चोथा भाग २५००० वडे गुणवा.
धनुष २०००) ३५१५ ( : गाउ
१५१५ धनुष. योजन. गाउ. धनुष. अंगुल. ७९०५६९४१५०-१--१५१५-६०-जंबूद्वीप, गणितपद.
समज. (१) योजनना अंकने २५००० गुण्या. तेमां ॥ (२) त्रण गाउने २५००० गुणी ४ रे भागीए, त्यारे १८७५०
भाग योजनना आवे, ते (१) योजननी मोटी संख्यामां उमेरवा।। (३) एकसो अठयावोस धनुषने २५००० गुणतां ३२००००० थाय,
तेने ८००० धनुषनें एक योजन गणी ८००० थी भागाकार करीए, तो ४०० भाग योजनना आवे, ते (१) योजननी
मोटी राशिमां उमेरवा ॥ (४) साडा तेर अंगुलने २५००० थी गुणतां ३३७५०० थाय, तेने
९६ अंगुलनु एक धनुष गणी ९६ थी भागाकार करीए, तो ३५१५ भाग धनुषना आवे. अने ६० अंगुल शेष रहे. तथा ३५१५ धनुषमाथी २००० धनुषनो एक गाउ काढी लइए, तो गाउनों १ भाग थाय, अने १५१५ धनुष शेष बाकी रहे, ए रीते उपर कहेलं प्रमाण थाय ॥

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