Book Title: Dandak Tatha Laghu Sangrahani
Author(s): Shravak Bhimsinh Manek
Publisher: Shravak Bhimsinh Manek

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Page 166
________________ ३ए सूत्रकार एज अर्थने स्पष्ट करतां जंबूद्वीपनी सर्व नदीनो संख्या कहे छे. सीयासीउयावि य, बत्तीससहस्स पचलखेटिं॥सवे चनदस लका, उप्पन्न सदस्स मेलविया ॥३॥ गाथा २५ मीना छुटा शब्दना अर्थ. सीया-सीता नदो. सम्वे-सर्वे. सीओयावि-सीतोदानदी पण. | चउदस लक्खा-चौद लाख. य-अने. छप्पन्न सहस्स-छप्पन्न हजार. बत्तीससहस्स-बत्रीश हजार. | मेलविया-मेलवता. पंचलक्खेहि-पांच लाख. विस्तारार्थः- तथा ( सीया सीउयावि य के ) सीता अने सीतोदा ए बे नदी पण प्रत्येके ( बत्तीससंस्ह पंचलकेहिं के० ) द्वात्रिंशत्सहस्रपंचलः, एटले पांच लाख ने बत्रीश हजार नदी सहित समुअमां जाय बे. एम ( सवे के ) सर्वाः, एटले सर्वे मली जंबूछीप मध्ये ( चनदश लरका के ) चतुर्दश लक्षाणि, एटले चौदलाख अने ( बप्पन्न सहस्स के० ) षट्पंचाशत्सह

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