Book Title: Bhaktamara Stotra Yantras
Author(s): 
Publisher: ZZZ Unknown

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Page 24
________________ भक्तामर यंत्र - २४ Bhaktamara Yantra-24 त्वामव्ययं विभुमचिन्त्यमसङ्ख्यमाद्यं नहीं अहँ णमो दिट्ठिविसाणं।' 906:00:0068A ज्ञानस्वरूपममलं प्रवदन्ति सन्तः॥२४॥ असिआउँसा झौ झौ स्वाहा। नमः "ज नमो भगवते वद्धमाणसामिस्स सर्वसमीहितं ब्रह्माणमीश्वरमनन्तमनङ्गकेतुम् । 8268686869 1 449 haineeyesabellish ऋद्धि-ॐ हीं अर्ह णमो दिद्विविसाणं । मंत्र नमो भगवते बदमाणमामिस्स सर्वसमीहितं कुरु कुरु स्वाहा । (ॐ हाँ हाँ हूँ हाँ हः असिआउसा झी झाँ स्वाहा) प्रभाव-सिरकी पीडा दूर होती है। Removing of all head related aches. त्वामव्ययं विभुमचिन्त्यमसंख्यमाचं ब्रह्माणमीश्वरमनन्तमनंगकेतुम् योगीश्वरं विदितयोगमनेकमेक ज्ञानस्वरूपममलं प्रवदन्ति सन्तः ॥ २४ ॥ 24

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