Book Title: Avashyaksutra Niryuktirev Curni Part_1 Author(s): Sundarsuri, Pramodsagar Publisher: Devchand Lalbhai Pustakoddhar Fund View full book textPage 2
________________ Resseskase -: प्रकाशकीय :अमने जणावतां हर्ष थाय छे के अमारी आ संस्था आज सुधीमां अनेक प्रकाशनो प्रगट करी चूकी छे.. श्री ज्ञानसागरसरि कृत आवश्यक अवचणिना बे भोग छपावी चुकी छे. पण अमारो ए मुद्दो छ के जे जे आगमग्रंथोनी पञ्चाङ्गीमार्नु प्रकाशन न थयु होय तेनुं प्रकाशन करवु, ते मुदाए पू. आचार्य श्रीधीरसुन्दरसुरिकृत आवश्यक अवचुर्णि नुं कार्य शरु कर्यु छ तेना २४० पृष्ठ पर्यन्तनो आ प्रथम भाग बहार पाडीए छीए । आना सम्पादन कार्यनी जवाबदारी पं. श्री प्रबोधसागरजी म.ना शिष्य मुनि भीप्रमोदसागरजीए कर्यु छे. तेमना कार्यमा आगमोद्धारक शिशु पं. श्री कचनसोगरजीए सहकार आप्यो छे. आ भागनी प्रेसकोपीनो मोटो भाग प. ओ. श्रीहेमसागरसरिजीए को हतो, गुरुदेवश्रीए ते तपास्यो हतो. ते बधाना अमो ऋणी छीए. तेज प्रेसे काम करी आप्यु ते बदल तेनो पण आभार मानीए छीए । प्रकाशक Sin du m atina For Private & Personal use only wor-Bolibrary.orgPage Navigation
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