Book Title: Anuyogadwara Sutra
Author(s): Aryarakshit,
Publisher: Sujalpur
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स सर्वेदद्रमत्रामाभावस
उ-वरुण] ते-तेषामइखइश्राश्राल समतार परमार तथा लपार बिहता समतार महताए बेस्करी विचार पाह तीमा
तिमिह पंन्न ते तंज हा प्रामामाया परनामायारे तदुभयसमा सघ आपण स्वरूप ससमय तारे जुदान धारिवेळेअनेव्यवहारथी ए.आपण प्राधार जजिम कु· · कुडा माहिब बोरत- घर भणी सर्व द्रमापणा स्वरूपछी कुमादी कनेरिवेपण रर्त ना बोली- पराम नङ्रियई
खाबई
श्री.घानी श्रीराला भारिसमा बालभार
तुहिने वस्तु रख-छंमत दुभावी समर वरर्तन-निमसरविष
घाटियां प्रायसामाया र प्राय भाव सामा यरं ति१२ भावि जहा क्रुाउनुपरा सूर्त जभणी िितदुभयमा माया र एज हा धारा-प्रायभाविया जहा घारगीवाप्रायभावि त्र. प्र जा-ज्ञा सरीर-जाण भ-भबीकशरीर व व्यतिरक्त द. द्रव्यसमवतार दु-त्रकार पं. पानं तेषाम बई
करी विचारला हुता
थवा
नोसरीर
हवा जाएग सरीर भविय सरी स्वरिते दासामायरिशिहा

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