Book Title: Anusandhan 2015 12 SrNo 68
Author(s): Shilchandrasuri
Publisher: Kalikal Sarvagya Shri Hemchandracharya Navam Janmashatabdi Smruti Sanskar Shikshannidhi Ahmedabad
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डिसेम्बर - २०१५
६५
राधनपुर)थी मुनि श्रीउदयविजयजी द्वारा लिखित, संस्कृत, ८१ श्लोक, आदि - स्वस्तिश्रियः सन्ततमाश्रयन्ते यत्सुप्रसादैविषयीकृतं शम्; पृ. १२६
१२८. १४१. श्रीपुरी बिराजमान श्रीविजयदेवसूरिजी पर वांसाथी उपाध्याय श्रीमेघविजयजी
द्वारा लिखित, संस्कृत, १२५ श्लोक, आदि - स्वस्तिश्रीमदमन्दमोद
विनमद्देवेन्द्रमौलिस्फुरन्०; पृ. १२९-१३६. १४२. द्वीप(-दीव)थी मुनि श्रीमेरुविजयजी द्वारा लिखित, संस्कृत, ७४ श्लोक,
त्रुटित, आदि - स्वस्तिश्रीः क्रमपङ्कजं क्रतुभुजां राजीभिरभ्यर्चितम् पृ.
१५१-१५४. १४३. इलादुर्ग(-ईडर) बिराजमान श्रीविजयदेवसूरिजी पर विद्यापुर(-वीजापुर)थी
उपाध्याय श्रीकीतिविजयजी द्वारा लिखित, संस्कृत, ८७ श्लोक, आदि -
स्वस्तिश्रीर्भजते भवार्णवभयं हर्तुं क्षमाधीश्वरम्; पृ. १५५-१५८. १४४. पत्तन(-अणहिल्लपुर पाटण) बिराजमान श्रीविजयसिंहसूरिजी पर सुरपत्तन
(-देवपत्तन)थी उपाध्याय श्रीअमरचन्द्रजी द्वारा लिखित, संस्कृत, ६३ श्लोक, आदि - स्वस्तिश्रीपतगेश्वरध्वजवधूर्यस्य क्रमाम्भोरुहम्; पृ. १५९
१६१. १४५. पुरबन्दिर(-पोरबन्दर) बिराजमान श्रीविजयप्रभसूरिजी पर स्तम्भतीर्थ(
खम्भात)थी पं. श्रीउदयविजयजी द्वारा लिखित, सं. १७१८, संस्कृत, ५६ श्लोक, आदि - स्वस्तिश्रियः केवलसम्पदश्च चक्रित्वलक्ष्म्याः सुषमाः
प्रभाश्च; पृ. १६२-१६५. १४६. पत्तन(-पाटण) बिराजमान श्रीविजयप्रभसूरिजी पर पं. श्रीलाभविजयजी
द्वारा लिखित, संस्कृत, १२७ श्लोक, आदि - स्वस्तिश्रीवनिताकटाक्षलहरी
सञ्चारिसच्छङ्खपु०; पृ. १६६-१७१. १४७. पत्तन(-पाटण) बिराजमान श्रीविजयसिंहसूरिजी पर स्तम्भतीर्थ(-खम्भात)थी
उपाध्याय श्रीकमलविजयजी द्वारा लिखित, संस्कृत, १४३ श्लोक, विविध अष्टकोथी अलङ्कृत, आदि - स्वस्तिश्रीणां निधिरनवधिस्थामधामाभिरामः;
पृ. १७९-१८४. १४८. पत्तन(-पाटण) बिराजमान श्रीविजयप्रभसूरिजी पर वर्गवटी(-वगडी)थी

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