Book Title: Agamik Gaccha Prachin Trustutik Gaccha ka Itihas
Author(s): Shivprasad
Publisher: Z_Aspect_of_Jainology_Part_3_Pundit_Dalsukh_Malvaniya_012017.pdf

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Page 8
________________ डॉ० शिव प्रसाद २ - अमरसिंह सूरि के पट्टधर हेमरत्नसूरि - हेम रत्नसूरि द्वारा प्रतिष्ठापित ४० प्रतिमायें अद्यावधि उपलब्ध हुई हैं। ये सभी प्रतिमायें लेख युक्त हैं । इन पर वि०सं० १४८४ से वि० सं० १५२१ तक के लेख उत्कीर्ण हैं । इनका विवरण इस प्रकार है २४८ वि०सं० १४८४ 33 33 १४८४ !" " १४८५ 39 27 31 " " 33 3) " 31 11 11 " " 33 33 13 " 31 " " " ور 27 ا 33 17 23 " 37 33 33 33 " 33 23 33 १४९० १४९१ १४९२ १५०३ १५०४ 31 १५०५ १५०६ १५०७ १५०७ १५१२ १५१२ १५१२ १५१२ १५१२ १५१२ १५१५ १५१५ १५१६ १५१७ १५१८ १५१९ १५१९ १५१९ १५१९ १५२१ 22 33 "3 33 13 " 27 " 33 " "" 17 23 " 33 " ار 23 33 33 १४८७. १४८८ १४८९ १४८९ 33 Jain Education International वैशाख सुदि ३ शुक्रवार मार्ग शीर्ष सुदि ५ रविवार ज्येष्ठ वदि माघ सुदि ५ गुरुवार ज्येष्ठ सुदि १० शुक्रवार माघ वदि २ शुक्रवार तिथि विहीन फाल्गुन- सोमवार द्वितीय ज्येष्ठ वदि ७ शनिवार ज्येष्ठ वदि माघ वदि ८ बुद्धवार फाल्गुन सुदि १२ गुरुवार माघ सुदि ९ शनिवार तिथि विहीन ज्येष्ठ सुदि ९ माघ सुदि १३ शुक्रवार तिथि विहीन ज्येष्ठ वदि ५ सोमवार ज्येष्ठ सुदि १० रविवार वैशाख वदि १० शुक्रवार वैशाख सुदि ५ शुक्रवार फाल्गुन वदि ३ शुक्रवार वैशाख सुदि १० गुरुवार फाल्गुन सुदि ८ शनिवार वैशाख सुदि ३ वैशाख सुदि ३ सोमवार माघ सुदि ५ गुरुवार वैशाख वदि ११ शुक्रवार वैशाख सुदि ३ गुरुवार माघ वदि ९ शनिवार माघ सुदि ३ सोमवार आषाढ़ सुदि १ गुरुवार १ प्रतिमा 17 २ प्रतिमा १ प्रतिमा 11 ار " 33 " For Private & Personal Use Only " " २ प्रतिमा 37 १ प्रतिमा " २ प्रतिमा १ प्रतिमा ܙ, २ प्रतिमा ३ प्रतिमा १ प्रतिमा در " ار 33 " " २ प्रतिमा १ प्रतिमा " 33 www.jainelibrary.org

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