Book Title: Agamik Gaccha Prachin Trustutik Gaccha ka Itihas Author(s): Shivprasad Publisher: Z_Aspect_of_Jainology_Part_3_Pundit_Dalsukh_Malvaniya_012017.pdf View full book textPage 2
________________ २४२ डॉ. शिव प्रसाद अज्ञात पट्टावली क्रमाङ्क पट्टावली का नाम रचनाकार संभावित संदर्भ ग्रन्थ . तिथि आगमिकगच्छपट्टावली अज्ञात १३वीं शती विविधगच्छीयपट्टावली लगभग संग्रह-संपा० जिनविजय पृष्ठ ९-१२ आगमिकगच्छपट्टावली अज्ञात १६वीं शती जैनगूर्जरकविओ, भाग ३, लगभग परिशिष्ट, संपा० मोहन लाल दलीचंद देसाई पृष्ठ २२२४-२२३२ धंधूकीया शाखा की १७वीं शती वही, पृष्ठ २२३२ पट्टावली लगभग विडालंबीया शाखा अज्ञात १८वीं शती वही पृष्ठ २२३३ की पट्टावली लगभग आगमिकगच्छ- मुनिसागरसूरि १६वीं शती पट्टावलीसमुच्चय, भाग२ १५८-१६२ लगभग जैनसत्यप्रकाश वर्ष ६, अंक ४ जैन परम्परानो इतिहास भाग-२, पृष्ठ ५४०-५४२ विविधगच्छीयपट्टावली संग्रह, पृष्ठ २३४-२३५ धंधूकीयाशाखा अज्ञात १७वीं शती विविधगच्छीयपट्टावलीकी पट्टावली लगभग संग्रह, पृष्ठ २३५-२३६ उक्त तालिका की प्रथम पट्टावली में आगमिकगच्छ के प्रवर्तक आचार्य शीलगुणसूरि का पूर्णिमागच्छीय आचार्य चन्द्रप्रभसूरि के शिष्य के रूप में उल्लेख है। इसके अतिरिक्त इस पट्टावली से आगमिकगच्छ के इतिहास के बारे में कोई सूचना नहीं मिलती है। तालिका में प्रदर्शित अंतिम दोनों पट्टावलियाँ आगमिक गच्छ के प्रकटकर्ता शीलगुणसूरि से प्रारम्भ होती हैं। ये पट्टावलियाँ इस प्रकार हैं :मुनिसागरसूरि द्वारा रचित आगमिकगच्छपट्टावली में उल्लिखित गुरु परम्परा की सूची शीलगुणसूरि [ आगमिकगच्छ के प्रवर्तक ] देवभद्रसूरि धर्मघोषसूरि Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.orgPage Navigation
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