Page #1
--------------------------------------------------------------------------
________________
डा.नारायण
सुबोध स्वान ज्योतिष
Page #2
--------------------------------------------------------------------------
________________
स्वप्न मानव को ईश्वर का दिया वरदान है। इसके माध्यम से वह जीवन को रहस्यमयी जटिल गुत्थियों को सहज ही सुलझा सकता है। मानव और स्वप्न का मादिकाल से गूढ़ सम्बन्ध रहा है। बिना स्वप्न के मानव जीवित रहे, यह असम्भव है।
__ स्वप्न हमारे भूत, वर्तमान और भविष्य की तस्वीर है। यह मस्तिष्क की एक ऐसी सिनेमास्कोपिक पिक्चर है, जो पूरे जीवन को साकार कर देती है।
पर इन स्वप्नों को समझना और सही फलितार्थ करना अत्यन्त दुरूह कार्य है। हिन्दी में यह इस प्रकार का पहला एवं सर्वाङ्गपूर्ण प्रयास है, जिसमें स्वप्नों को समझने एवं फलितार्थ करने का प्रामाणिक विवेचन किया गया है।
सुप्रसिद्ध ज्योतिषी डॉ. नारायणदत्त श्रीमाली की एक प्रामाणिक पुस्तक जो हर हाथ में होनी चाहिए
Page #3
--------------------------------------------------------------------------
________________
डॉ. नारायणदत्त श्रीमाली की अन्य पुस्तकें सुबोध मुहूर्त ज्योतिष सुबोध प्रारम्भिक ज्योतिष
३.०० सुबोध अंक विद्या
३.०० सुबोध हस्तरेखा
४.००
00
।। सुबोध पॉकेट बुक्स दिल्ली
Page #4
--------------------------------------------------------------------------
________________
सुबोध सानज्योतिष
।
AP
'डॉ. नारायणदत्त श्रीमाली
Page #5
--------------------------------------------------------------------------
________________
प्रकाशक | सुबोध पॉकेट बुक्स,
२, दरियागंज, दिल्ली-२
अक्टूबर, १९७८
मुद्रक | नरेन्द्र प्रिंटिंग प्रेस,
२०, मॉडल बस्ती,
नई दिल्ली-११०००५. SUBODH SWAPNA JYOTISH :
Dr. Narayan Dutt Shrimali मूल्य . ३:००
Page #6
--------------------------------------------------------------------------
________________
विषय-सूची
o
s
n
is
is
n
m
m
m
m
स्वप्न क्या है ? स्वप्नों के भेद मनोविज्ञान और स्वप्न स्वप्नों के प्रतीक भविष्यसूचक स्वप्न सोसायटी फॉर साइण्टीफिकल रिसर्च ऑफ ड्रीम्स स्वप्नेश्वरी देवी स्वप्नेश्वरी देवी का मंत्र स्वप्न-अवधि शुभ स्वप्न अशुभ स्वप्न अशुभ स्वप्न-परिहार विशेष ज्ञातव्य भारतीय दर्शन और स्वप्न पाश्चात्य देशों में स्वप्न-विवेचन अंक
अंगराग
अंगीठी अंग
अंगूठी आँगन
अंजन अंगभंग
अंत्येष्टि
m
m
m
m
m
x
अंकुश
x
x
x
x
Page #7
--------------------------------------------------------------------------
________________
४७
अंधकूप अंधा अकाल अग्नि अग्निशाला
उच्च न्यायालय उत्तीर्ण ऊँट
४७
ऋषि
४७
अग्रज
४७
कंगन कंगाल कंजूस कथा
४३
w
w
कदम्ब
W
४८
अचरज अट्टालिका अणुबम अतिथि अदालत अधिकारी अध्यापक अनाथालय
W
४८
४८
AW
४
अन्न
४४
कन्याग्रहण कपि कपोत कब्रिस्तान कमल कमला कलम कस्तूरी काँच कामिनी कारागार कार्यालय किताब किस्ता
४४ ४५
अपमान अपराधी अभिनन्दन अभिषेक अवतार अश्वारोही अभिसारिका अष्टभुजा अस्त्र-शस्त्र आकाशगामी आशीर्वचन आश्रम इन्द्रधनुष
४५
५०
w
<
w
कुंजर
<
w
कुन्दन
<
w
कुआँ
w
कुत्ता कुक्कुट
४७
Page #8
--------------------------------------------------------------------------
________________
५१
ग्राम
५२
५२
xxxxxxxxxxx
ग्वाला घड़ियाल घाटी घाव चण्डी चण्ड बाज चन्द्रमा चन्दन चढ़ाव चपरासी चरागाह चर्मकार चाबुक चिघाड़ चिराग चीता
CCCC
لم
कुसुम केदार नाथ केसर कैलाशपति कोढ़ी कोयल कर कर्म क्षत्रिय खग खच्चर खिताब खून खिलौना गंगा गंगाजल गगरी गर्दभ गीदड़ गर्भपात गाली-गुफ्तार गीता गीत मुरु गोताखोर गोदान गोबर ग्रहण ग्रामीण
५२
لسلہ
س لسلہ
سہ
३
चूड़ी
x XXXXXXXX
rror
WW.
चेचक चौमार्ग छिनाल छुरी छैला जंगल जगन्नाथपुरी जटाधारी जननी जयमाल
५४
५७
५७
५७
Page #9
--------------------------------------------------------------------------
________________
जलप्लावित जलज
ठाकुर ठग ठाकुरद्वारा
जलद
ठूठ
ठुमरी
जवान जहर जहाज जादूगर जामाता जाल जुआ जेबकट
डंसना डाकखाना डाकगाड़ी डाक्टर डाका डेरा डूबना ड्योढ़ी ढाल ढोल
जेबर
जेल
CCC cce" ० ० ० ० ० ० ० MMMMMMMMMMMMMMn GGG
c
T
तंडुल
ताम्बल तकिया
तक्षक
जोगी जौहरी ज्योतिषी ज्वाला झंडा झगड़ा झरना झूला टकसाल टट्टू टहनी टाल टिड्डी टीका टोपी.
لہ
س
س
س
तख्त तड़ाग तपस्वी तपस्विनी तबेला तम्बाकू तमाचा तरकारी तरबूज
.
سه
س
س
س
سد
Page #10
--------------------------------------------------------------------------
________________
तराजू
तेलमर्दन
तरू ।
तोप
ur
तरुण तरूणी तर्पण तलवार तस्कर तलाक
६४
ताम्बा
cKK
तोरणमाल तौहीन त्यागपत्र त्यौहार त्रिनेत्र त्रिपुरारी বিষ্মল थानेदार थैली दंगल दंड दम्पति दतीन दक्षिणा दरबार दरिद्र दर्जी
ताजमहल ताम्रपत्र तारे ताला तावीज तितली तिमंजिली तिरंगा तिरस्कार
U
arur ur or or ir or or or or or or orarrorarror; 9992
६
8
8
P
तिल
तोरण
तीर्थ
w w w ७ rrr .
w w
७०
तुरंग
w
तुलसी तूफान तृण तेजाब
दर्पण दवाखाना दशकंठ दान दामिनी दारू दास दाहक्रिया
तेल
9
तैराक
(
4
.
Page #11
--------------------------------------------------------------------------
________________
दिनकर
दिवाला
दीक्षान्त
दीपक
दीपावली
दीवार
दुकान
दुग्ध
दुर्गं
दुर्गा
दुर्घटना
दुर्व्यवहार
दुष्ट
दूध
दूरबीन
दूरदर्शक
देवता
देवस्थान
देवर
देवरानी
देवी
दैत्य
देववाणी
दौड़
द्विज
द्वीप
धक्का
धन
७३
७३
૭૪
७४
७४
७४
७४
७४
७४
७५
७५
७५
७५
७५
७५
७५
७५
७५
७६
७६
७६
७६
७६
७६
७६
७६
७७
७७
१०
धनुष
धर्माध्यक्ष
धर्मोपदेशक
धूप
घूम
धूर्त
धोखा
धोखेबाज
धोती
धोबी
नंगा
ननदोई
नकटा
नक्शा
नक्षत्र
नख
नगपति
नग्न
नट
नटिनी
नदी
नभ
नमक
नरक
नरसिंह
नरपति
नर्तकी
नवाब
७७
७७
७७
७७.
७७
७७
७८
७८
७८
७८
७८
७८
७८
७८
७८
७६
७६
७६
७६
७६
७६
७६
७६
40
८५०
८०
८०
८०
Page #12
--------------------------------------------------------------------------
________________
नौटंकी नौबतखाना नौलखाहार न्यायाधीश पंक पंकज पंख पंगत
पंगु
،
नशेबाज नाखून नागपाश नाटक नाभि नायिका नारी नाव नासूर नास्तिक निद्रा निधि निर्जन निर्वाचन निलाम निशाचर निष्कासन निशानाथ निस्तब्धता नीड़ नीलकंठ
وہ
م
पंचनद पंच पंचमुखी पंचवटी पंचाग्नि पंचांग
م
ل
ل
ل
पंजर
ل
لم لم نعلم نہ لہ سہ
पंचायत पंडित पंडाल पंसारी पंथी पक्षाघात पगड़ी पठार पतंग
दूपुर
د
नरपति नरसिंह नेत्र नौकर नौका नौगमन
س
पत्थर
८३
पत्र पथिक
Page #13
--------------------------------------------------------------------------
________________
or
पदक पनडुब्बी
पर्दा
our
पावन ध्वनि पिक पिता पिल्ला . पिस्तौल पिंजरा पीटना पीताम्बर
०
COL
०
८७
पुत्र
०
८७
०
८७
६०
८७
०
८७
०
८८
Aav
परदेशी परमहंस परराष्ट्र परान्न परिचित परिवार परिश्रम परीक्षा परोपकार पर्यटक 'पर्व पर्वत पलँग पलटन पवनचक्की पवित्रात्मा पहरा पहाड़ पहेली पाकशाला पाखाना पाणिग्रहण पान पायजेब पार्वती
rrrrrrrrrite EFF E F E F FEffer"
पुत्रवधू पुनर्वास पुनर्विवाह पुराण पुलिस पुष्कर पुस्तक पूजा पृथक पृथिवी पेटी पेशाब
นี้ น ม ม ม 4 4 4 4 0 & # # # # # # # # # # # # # # #
८८
~
प्रकाश
~
८८
८६
प्रकाशन प्रचार प्रणय प्रतीक्षा प्रतिशोध प्रतिमा
M
८६
१२
Page #14
--------------------------------------------------------------------------
________________
६२
NU
ال
प्रतिरोध प्रदर्शन प्रपितामह प्रपात प्रलयंकर प्रशस्ति प्राणप्रिय प्रियतम
a orror ur
ل ہ
اللہ
ہ
बर्फ बलात्कार बलिकार बवंडर बसन्त बहिन बहू बहेलिया बाँझ बाँसुरी बाजार बाजीगर
ہ
ہ
प्रेत
।
६३
ل
६३
له
७
७
फकीर फणधर फफोला फल फाँसीघर फुटबाल
बाढ़
१७
७
७
फुहारा फूत्कार
६४
९७
बंजर
१७
CU
बंदूक बकरा बच्चा बजरंग
६५
बाण बादल बारिश बालक या बालिका बावड़ी बालू बिंदी बिजली बिल्ली बिल्वपत्र बीड़ा बीमा बुखार बुढ़िया बुद्ध
६५
बटेर
इ५
६५
बदनाम बद्रिकाश्रम बधिक बधिर वर्षा
UUUUU
६५
६५
६५
१३
Page #15
--------------------------------------------------------------------------
________________
M
१०१
९६
०.
मछली मजदूर मजिस्ट्रेट माणिक्य
०
०
बुरका बैरिस्टर बोतल ब्रह्माण्ड ब्रह्मचारी ब्राह्मण ॐबरा भण्डार
मतपेटी
१०२
०
६६
मधु
१०२ १०२.
wow on Mom MMMM Mom
u
१०२
भक्त
२४४७४४४४४७ 3 2 3 2 2 2
मनिआर्डर मरुस्थल मलयानिल मल्ल मवेशी मस्जिद मसिपात्र
१०२ १०२
१००
भगवान भगोड़ा भयंकर भवन भस्म भाई भागीदार भाट
१०३ १०३ १०३ १०३
मसूरी
मेंहदी
or or or or or or or orm lu ० ० ० ० ० ० ० ० ० ० ० ०
or om
१०३
महन्त महमान
१०३
भानु
महर्षि
Now .
१०३
भिक्षा भिक्षुक
१०४
भुजंग
१०१
१०४
१०४
महाजन महाभारत महात्मा महारानी महायज्ञ महावत महावीर मांस माखन माता
भूत भूमि भोगविलास मंगल कलश मंच मंत्र मगरमच्छ
M Mora. Mor or
१०४
१०१ १०१ १०१
१०४
१०४
१०४
१०४
१४
Page #16
--------------------------------------------------------------------------
________________
मानचित्र मानहानि
मामा
मिट्टी
मित्र
मिनिस्टर
मीठा
मुकलावा
मुकुट
मुक्केबाज
मूँग
मूँछ
मूत्र
मूर्ति
मृत्यु
मेरू
मेहरिया
मैदान
मोती
मोदक
यंत्र
यजमान
यमुना
यवन
यजुर्वेद
यज्ञ
यात्रा
युद्ध
१०४
१०४
१०५
१०५
१०५
१०५
१०५
१०५
१०५
१०५.
१०५
१०६
१०६
१०६
१०६
१०६
१०६
१०६
१०६
१०६
१०६
१०७
१०७
१०७
१०७
१०७
१०७
१०७
१५
युवराज योगी
योगिनी
युवती
रंक
रंगमंच
रंगरूट
रंडी
रक्त
रक्तचंदन
रवि
रक्षाबंधन
रखेल
रजनीकर
रजिस्ट्री
रण
रनिवास
रत्न
रथ
रबड़
रबडी
रसिक
राख
राग
राघव
राजा
राजदूत
राजनीतिज्ञ
१०७
१०७
१०७
१०८
१०८
१०८
१०८
१०८
१०८
१०८
१०८
१०८
१०६
१०६
१०६
१०६
१०६
१०६
१०६
१०६
१०६
१०६
१०६
११०
११०
११०
११०
११०
Page #17
--------------------------------------------------------------------------
________________
राजमहल राजर्षि
राजसभा
राजसिंहासन
राज्याभिषेक
राजीनामा
राज्यच्युत
रात्रि
राजदूत
राशन
राष्ट्र
रिपु
रिश्वत
रुद्र
रुई
रेडियो
रोकड़ बही
रोगी
रोजगार
रोटी
रोना
रौद्र
लंगड़ा
लंगर
लंगोट
लक्ष्मी
लजीला
लठैत
११०
११०
११०
११०
११०
११०
१११
१११
१११
१११
१११
१११
१११
१११
१११
१११
११२
११२
११२
११२
११२
११२
११२
११२
११२
११३
११३
११३
१६
लड्डू
लता
लॉकेट
लॉटरी
लालची
लिपिबद्ध
लुंगी
बुहार
लूटना
लेनदेन
लेफ्टिनेंट
लोटा
लोरी
लौंडी
वंदना
वकालत
वक्तृता
वचन
वज्र
वजीर
वध
वधू
वनवास
वन्य जीव
वाचनालय
वादक
वानर
वानप्रस्थ
११३
११३
११३
११३
११३
११३
११३
११४
११४
११४
११४
११४
११४
११४
११४
११४
११४
११५
११५
११५
११५
११५.
११५.
११५
११५.
११५.
११६
११६
सु० - १५१
Page #18
--------------------------------------------------------------------------
________________
११६
११६
११८ ११८
११८
११६ ११६
११६
११६
११६ ११६
११७
१.१६
2
११७
वायुयान वारुणि विकराल विच्छेद विजया वित्त विप्र विप्लव विभाजन विमान विश्वकर्मा विष विष्णु विस्फोट विहंग वीणा वृन्दावन वृक्ष वृद्ध वृषभ वृश्चिक वेदपाठी वेदी वेधशाला वेश्या वैश्य व्यभिचारिणी व्याख्यान
व्याघ्र व्यापार व्योमचारी शंख शंभु शठ शत्र शरणगृह शराबघर शरीरान्त शवदाह शशक शशि शास्त्र शहर शागिर्द शामियाना शाला शासक शास्त्र शिकार शिक्षा शिलालेख शिल्पी शिव
११६ ११६ ११६
११९
११७ ११७ ११७ ११७
११६
१२०
१२०
१२०
११७ ११७ ११७ ११७ ११८ ११८ ११८ ११८ ११८
१२० १२० १२० १२०
१२०
शिष्य
शीशमहल
१२० १२० १२१
शुक्र
Page #19
--------------------------------------------------------------------------
________________
१२३
mr
१२१ १२१
सम्मोहन सरस्वती सरकस
mr
शूद्र शृंगार शेर शैतान शैल
१२३ १२३
m
S
१२१ १२१ १२१
सर्प
१२४ १२४
शोक
१२१ १२१
१२१
सतमिनी स्वांग सागर साज साफा सामंत सिंहासन सिंदूर
१२४ १२४ १२४
१२१ १२२
१२२
१२४
१२२
१२४
श्मशान श्रमिक श्राद्ध श्री षोडषी संकीर्तन संतान संधि संन्यासी सम्पत्ति सम्बन्धी संसार
१२२
सिंह सिद्ध
१२४ १२४ १२४ १२५
१२५
१२२ १२२ १२२ १२२ १२२ १२२ १२२ १२२
सिपाही सिक्का सुगन्ध सुधार सुनार स्वर्ण
१२५
१२५
सखा
१२५
सुमुखी
१२२
सुलोचनी
१२५ १२५ १२५
१२३
सचिव सती सहोदर सत्संगत सदुपदेश सप्तधातु सफेद सभापति समाधि
१२३
सूर्य
१२५
१२३
१२५
१२३
१२६
सूली सेज सैनिक सुपारी
१२३
१२६,
१२३
Page #20
--------------------------------------------------------------------------
________________
१२६
स्नान स्वर्ग स्वेच्छाचारी
हरजाई हवाई जहाज हाथी हवालात
१२७ १२७
हजामत
१२६ १२६ १२६ १२६ १२६ १२६ १२६
हीरा
हड्डियाँ हड़ताल
होम होता
१२७ १२७
Page #21
--------------------------------------------------------------------------
Page #22
--------------------------------------------------------------------------
________________
स्वप्न क्या है ?
स्वप्न, मानव-जीवन को ईश्वर का सर्वश्रेष्ठ एवं सर्वोत्तम वरदान है । यह दैवी वरदान चराचर जगत् में केवल मनुष्य को ही मिला है, जो कि उसके मानव-जीवन की सर्वोत्तम निधि कही जा सकती है।
कोई मनुष्य बिना स्वप्नों के जीवित नहीं रह सकता। यदि वह जीवित है, सक्रिय है, तो यह निश्चित है कि वह स्वप्न देखता है। अंग्रेजी में यह कहावत ही है कि "A man who does not dream does not live." शेक्सपियर ने भी एक स्थान पर कहा है कि "Dreams are such stuff as we are made of.".
हम स्वस्थ हों, तो स्वप्न में हम उसी प्रकार भाग लेते हैं, जिस प्रकार से वास्तविक जीवन में हमारा क्रियाकलाप होता है। स्वप्न मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं-१. जाग्रतावस्था स्वप्न और २. निद्रावस्था स्वप्न । पहले प्रकार का स्वप्न कवियों, दार्शनिकों एवं प्रेमीप्रेमिकाओं का होता है । प्रेमीजाग्रतावस्था में अपनी प्रेमिका के बारे में सोचता है, और फिर कुछ क्षणों में वह उसके सामने साकार-सी हो जाती है । तन्मयता के उन क्षणों में वह उसके एक-एक हाव-भाव, एक-एक चेष्टा को देखता है; वह कब आँख झपकाती है, कब श्वास लेती है या निःश्वास छोड़ती है, उसे स्पष्ट दिखाई देता है। ___लगभग इसी प्रकार के स्वप्न कॉलेज के छात्र-छात्राओं के होते हैं-जीवन में मैं क्या बनूंगा, निश्चय ही मैं ऐसा बनूंगा, यह करूँगा, ऐसे करूँगा.. आदि-आदि । ऐसा हो स्वप्न अविवाहिता का होता है,
Page #23
--------------------------------------------------------------------------
________________
कि ऐसा सुन्दर पति होगा, घर को इस प्रकार सजाऊँगी, उनके दफ्तर से आने का समय होगा, तब मैं इस प्रकार प्रतीक्षा करूँगी, वे मुझे यह कहेंगे, मैं यह जवाब दूंगी. और ऐसे मधुर स्वप्न उसके सामने जाग्रतावस्था में भी साकार होते चले जाते हैं । लेखकों, कवियों, दार्शनिकों आदि को भी इसी श्रेणी में गिना जा सकता है।
दूसरे प्रकार का स्वप्न है निद्रावस्था स्वप्न । जब हम शरीर को शिथिल छोड़कर पूर्ण विश्राम की स्थिति में होते हैं, तब भी स्वप्न आते हैं, कभी तो वे स्वप्न हमारे साकार जगत् के होते हैं, कभी वे अद्भुत और अनोखे होते हैं । इन स्वप्नों को भी मुख्यतः तीन भागों में बाँट सकते हैं। स्वप्न के भेद : १-वास्तविक जीवन के स्वप्न
२-अद्भुत अपूर्व स्वप्न
३-भविष्यसूचक स्वप्न १. वास्तविक जीवन के स्वप्न-मनोवैज्ञानिकों के अनुसार हम जीवन में चतुर्दिक बँधे हैं। सामाजिक, नैतिक, राष्ट्रीय व कई नियमउपनियम हैं, जिनसे बँधकर हम अपना जीवन व्यतीत करते हैं । फलस्वरूप व्यक्ति की वे इच्छाएँ, जिन्हें वह पूर्ण करना चाहता है, वास्तविक जीवन में पूर्ण नहीं होतीं। ऐसी स्थिति में उसकी वे इच्छाएँ उसकी स्वप्नावस्था में पूर्ण होती हैं । उदाहरणार्थ एक दरिद्री निर्धन व्यक्ति जब वास्तविक जीवन में अत्यन्त विपन्नावस्था में होता है, और वह चारों तरफ ऊँची अट्टालिकाएँ, चमचमाती कारें एवं धन्ना सेठों को देखता है तो वह स्वयं चाहता है कि वह सेठ बने, वैसी कारों में घूमे, पर वास्तविक जीवन में यह नितांत असम्भव है। ____तब स्वप्नावस्था में वह देखता है कि उसकी अचानक लॉटरी खुल गई है, वह चमचमाती कार में बैठा है, और उस सेठ को या तो कुचलकर आगे निकल जाता है, या उसकी जाती हुई कार से अपनी कार फर्राटे से आगे बढ़ा ले जाता है ।
उसके वास्तविक जीवन की असम्भवता इस प्रकार स्वप्न-जगत्
२२
Page #24
--------------------------------------------------------------------------
________________
में पूर्ण हो जाती है । एक फेल छात्र अपने-आपको प्रथम श्रेणी में पास हुआ देखता है; बड़ी उम्र की अविवाहित लड़की शादी के फेरे खाती है, निर्धन व्यक्ति कार में फर्राटे भरता है, ये सब उनके वास्तविक जीवन की न्यूनता को पूर्णता देने का प्रयास है ।
२. अद्भुत - अपूर्व स्वप्न - दूसरे प्रकार के स्वप्न इस रूप में विलक्षण हैं कि वास्तविक जीवन में वैसा संभव नहीं होता; उदाहरणार्थ कभी ऐसा स्वप्न आता है कि मैं उड़ रहा हूँ — मकानों के ऊपर से, नदियों के ऊपर से पहाड़ों के ऊपर से । कभी क्या देखता हूँ कि कोई अद्भुत जानवर मेरे पीछे दौड़ता चला आ रहा है, जिसके तीन सिर हैं, आठ आँखें हैं, सोलह पैर हैं, आदि ।
..
मनोविज्ञान और स्वप्न :
मनोवैज्ञानिक काफी समय से इस गुत्थी को सुलझाने में लगे हैं कि आखिर स्वप्न है क्या ? इसका विश्लेषण कैसे किया जाए ? अमुक प्रकार का स्वप्न आने के पीछे क्या परिस्थितियाँ थीं ? पर वे इस कार्य में सफल - पूर्ण सफल नहीं हो सके । वे सिर पटककर रह गये कि इस प्रकार के अद्भुत विलक्षण स्वप्न आने के क्या रहस्य हैं ? इनका क्या तात्पर्य है ?
स्वप्नों के प्रतीक : डॉ फ्रायड ने अपने प्रसिद्ध ग्रन्थ Dreams में स्वप्नों का आधार काम भावना स्थिर की है । उनके अनुसार वास्तविक जीवन में जितने भी उपकरण हैं, वे दो भागों में बाँटे जा सकते हैं। एक तो पुरुषोचित प्रतीक (Male Sex ) और दूसरे स्त्रियोचित ( Female Sex ) । अस्त्र-शस्त्र, पुरुष वस्त्र, मशीन, नक्शा, पुल, चाबी, लकड़ी, पेड़, सन्दूक, छाता, चाकू आदि पुरुषोचित प्रतीक हैं, इसके विपरीत दरवाजे, ताला, गुफा, टोकरी, कपड़ों के भंडार, बर्तन, मशीन का पिस्टन आदि स्त्रियोचित प्रतीक हैं ।
यह सही है कि संभोग या 'सेक्स' जीवन का एक महत्त्वपूर्ण भाग है पर यही जीवन का मूलाधार है, ऐसा मैं नहीं मानता। डॉ० फ्रायड का दृष्टिकोण एकांगी है। वह समग्र मानव-बिन्दुओं को छूते
२३
Page #25
--------------------------------------------------------------------------
________________
हुए नहीं चल सके हैं। ___ मनोवैज्ञानिकों के साथ-ही-साथ, बल्कि इससे भी काफी पूर्व से ज्योतिर्विज्ञान इस गुत्थी को सुलझाने में व्यस्त रहा है। स्वप्न क्यों आते हैं, इसपर ज्यादा जोर न देकर 'स्वप्न क्या है' इसपर ज्यादा ध्यान ज्योतिषियों ने दिया है । ऊटपटाँग स्वप्नों का हेतु भी उन्होंने ढूंढा है, और उन्होंने अपने अनुभव, ज्ञान तथा ऋषिप्रणीत ज्योतिषसूत्रों के माध्यम से जो निष्कर्ष प्रस्तुत किए हैं, वे सत्यता के पूर्ण सन्निकट हैं, इसमें कोई सन्देह नहीं ।
३. भविष्यसूचक स्वप्न-आदिकाल से ही व्यक्ति इन स्वप्नों के प्रति आकर्षण रखता आया है, तथा व्यक्ति के वर्तमान संदर्भो को ध्यान में रखते हुए इसके फलितार्थों पर भी विचार करता आया है। पर कई बार भविष्यसूचक स्वप्न इस प्रकार से सही उतरते हैं कि आश्चर्य होता है। संसार का इतिहास ऐसे भविष्यसूचक स्वप्नों से भरा पड़ा है । वे केवल संयोग नहीं हो सकते, अपितु इनके पीछे ठोस कारण हैं, जीवन की सही व्याख्या है, भविष्य का कोई सूत्र गुम्फित है ।
अमेरिका के भूतपूर्व राष्ट्रपति लिंकन अपने कार्यों के फलस्वरूप विश्वविख्यात थे । उनके जीवनी-लेखक वार्ड वैमन के शब्दों में___“एक दिन प्रातःकाल ज्योंही मैं 'सुप्रभात' कहने लिंकन के पास गया, तो वह और दिनों की अपेक्षा सुस्त और दुझे-बुझे-से थे। चेहरे पर ओजस्विता में कुछ धूमिलता-सी प्रतीत हो रही थी। बोले'बैठिए मिस्टर वार्ड ! आज मैंने एक अनोखा स्वप्न देखा, - मैंने देखा कि मैं ह्वाइट हाउस (राष्ट्रपति भवन) में इधर-उधर घूम रहा हूँ, चारों तरफ लोग हाथ बाँधे खड़े हैं, चेहरों पर दुःख और आँखों में आँसू हैं । मैं थोड़ा और आगे बढ़ता हूँ कि मेरे कानों में शोकाकुल ध्वनियाँ सुनाई पड़ती हैं, और मैं जल्दी से पूर्वी कक्ष की ओर चल पड़ता हूँ। जैसे ही मैं आगे कदम बढ़ाता हूँ कि एक कमरे में मुझे लाश रखी दिखाई देती है, जो सफेद चादर से ढकी हुई है । मैं अपने पास खड़े व्यक्ति से पूछता हूँ कि यह लाश किसकी है ? तो उत्तर
Page #26
--------------------------------------------------------------------------
________________
मिलता है, हमारे राष्ट्रपति की... हमारे राष्ट्रपति की हत्या हो गई है।' ___ वार्ड वैमन ने कहा- सर, ऐसा होगा नहीं, प्रभु ऐसा नहीं करेंगे । पर आश्चर्य तब हुआ, जब कुछ ही दिनों बाद यह स्वप्न अक्षरशः सत्य हो गया। राष्ट्रपति लिंकन की हत्या हो गई, और वार्ड वैमन ने कहा-ठीक वैसा ही दृश्य पूर्वी कक्ष की ओर नजर आ रहा था, जैसा लिंकन ने वर्णन किया था।
और यह घटना इतिहास का अमिट लेख वन गई।
अभी उस दिन परमहंस स्वामी आत्मानन्द जी मेरी झोंपड़ी में पधारे। स्वामी जी शतायु से अधिक हैं, फिर भी चेहरे पर वही सौम्यता, स्निग्धता, बालसुलभ चंचलता एवं मनोहर मुस्कराहट थी। जीवन के सत्तर वर्षों से भी अधिक काल तक उन्होंने एकान्त तपस्या की है, तपस्वी जीवन व्यतीत किया है। चार-पाँच वर्ष पूर्व जब मैं मन्त्र-साधना हेतु हरिद्वार से बहुत आगे उनकी पर्णकुटी पर अचानक पहुँचा था तो मुझे यह आभास नहीं था कि अचानक ऐसी दिव्य विभूति से साक्षात्कार हो जायेगा। मन्त्र साधना के निष्णात योगी आत्मानन्द जी के यहाँ उस बियाबान सूरम्य जंगल में लगभग पंद्रह दिनों तक रहा था, जहाँ मैंने ज्योतिष-ज्ञान का परिचय दिया था। वहाँ उनसे अद्भुत मन्त्र सीखे थे, दुर्लभ मन्त्र-साधना-ज्ञान मिला था। उन्हीं दिनों मैंने अपने घर आने का निमन्त्रण दिया तो उत्तर में बोले थे-पिछले पचास वर्षों में किसी गृहस्थ के घर न तो गया हूँ और न हाथ ही पसारा है, पर देहावसान से पूर्व तुम्हारे घर आऊँगा ...यह वादा करता हूँ। मेरे लिये उनकी यह असीम कृपा थी।। ____आश्चर्य इस बात का था कि वे सीधे मेरे घर पहुँचे, बोले-- तात ! जब मैं चला, उससे एक रात पूर्व ही मुझे स्वप्न आया, जैसे मैं जोधपुर पहूंच गया हूँ, और तुम्हें आश्चर्य होगा, ठीक यही घर, घर की यही स्थिति, घर तक का यही रास्ता हू-ब-हू इसी रूप में स्वप्न में साकार हुआ था, जबकि जीवन में पहली बार जोधपुर आया हूँ,
२५
Page #27
--------------------------------------------------------------------------
________________
और पचास-पचपन वर्षों बाद वाहन में यात्रा करनी पड़ी है।
मैंने कहा-प्रभु ! सम्भव है, मैं बाहर होता, जोधपुर में प्रवास पर होता...
तुरन्त बोले-ऐसा हो ही नहीं सकता था । स्वप्न में तुम्हारा घर देखा है, तुम्हारे बच्चों से मिला हूँ, बहू को आशीर्वाद दिया है, तुमसे बातें की हैं और तुमसे मिलना इसलिए आवश्यक हो गया था कि मैं वादा कर चुका था कि देहावसान से पूर्व तुमसे मिलूंगा । ___ मैं उनकी वाणी को समझ रहा था-मैं समझ गया था-ऋषिपूत की वाणी असत्य नहीं होती. 'यह जो सामने तास्वी शरीर है, कुछ दिनों तक का ही है और यह सोचकर मन भारी-भारी हो गया। ___ काफी बातें हुईं । भोजन छोड़ रखा था, कुएँ का जल केवल दो बार लेते थे, और कुछ नहीं । आतिथ्य-सत्कार क्या करता ? बच्चों से बातें कीं, हँसे.. पत्नी के सिर पर हाथ रखा ऐसा लगा जैसे धवल कीर्ति मेरे घर मुखरित हो गई हो ! हिमालय की पावनता, स्निग्धता मेरे घर आ गई हो ! सौ सवा सौ वर्ष तक का तपस्वी .. पर पूरे दाँत मौजूद, शरीर में ओज, निर्मल हँसी, शान्त, भोले, पवित्र जैसे बालक हों।
रात्रि को जीवन की धरोहर- अमूल्य दुर्लभ मन्त्रों का ज्ञान दिया, उनकी साधना-विधि समझाई, मेरे सामने बैठकर बताया.. बताते गये "समझाते गये "सिखाते गये-कब प्रातः हुआ पता ही नहीं चला। कितना अक्षय अपार भण्डार था ज्ञान का, सिद्धि का उनमें ! ___ दूसरे ही दिन वे चले गये। और कुछ ही दिनों पूर्व जब उनके ब्रह्मलीन होने का समाचार सुना तो एकबारगी ऐसा लगा, जैसे मैं छिन गया हूँ"पृथिवी की एक अमूल्य मणि खो गई है.. अस्तु ।
पर स्वप्न कितना सटीक था कि बिना मेरा घर देखे, स्वप्न में
Page #28
--------------------------------------------------------------------------
________________
ही काफी दिन पहले उन्होंने वही घर, सड़क तथा मार्ग देख लिया था, जैसे वास्तविक रूप में देखा हो । इस प्रकार हम इन भविष्यसूचक या भविष्यदर्शी स्वप्नों से इन्कार नहीं कर सकते ।
सीजर रोम का महान् सेनानी और सम्राट् था। उस समय उसकी वीरता के चारों तरफ डंके बज रहे थे। रोमन साम्राज्य के इतिहास-लेखक 'प्लूटार्क' के अनुसार, उसकी पत्नी कार्नीलिया ने एक रात स्वप्न देखा कि उसके पति सीजर की हत्या हो गई है, तथा विरोधियों का षड्यन्त्र सफल हो गया है। ___ सम्राज्ञी जब दूसरे दिन उठी, तो वह बड़ी चिन्तित थी। उसने रात के स्वप्न को ज्यों-का-त्यों पति को सुना दिया, और प्रार्थना की कि वह आज दरबार न जाएँ, शायद कुछ-न-कुछ असंभाव्य न घट जाय; पर सीजर ने अपनी पत्नी की बात को हँसी में उड़ा दिया, और दरवार में गया । आश्चर्य यह कि उसी दिन सीजर की हत्या हो गई, और हत्या ठीक उसी प्रकार हई, जिस प्रकार सीजर की पत्नी ने स्वप्न में देखा था । शेक्सपियर ने अपने नाटक 'जूलियस सीजर' में इसी घटना को ज्यों-का-त्यों दिया है।
दिल्ली के रमेश उपाध्याय अपने व्यक्तिगत कार्य से विदेश यात्रा पर जाने वाले थे। ठीक एक दिन पहले उनकी पत्नी को भयंकर स्वप्न आया, देखा कि जिस वायुयान में उसके पति सफर करनेवाले हैं - वह वायुयान उड़ने के कुछ समय बाद ही टकराकर गिर गया है,
और उसमें जितने यात्री हैं, लगभग सभी का देहान्त हो गया है। उपाध्याय की पत्नी रोती-बिलखती घटनास्थल पर पहुँचती है, और लाश पहचानने का प्रयत्न होता है, पर उसे अपने पति का शव कहीं नहीं मिलता, और उसकी आँख खुल जाती है।
सारी रात उपाध्याय की पत्नी ने जागते बिताई। प्रातः होने पर उसने स्वप्न की घटना ज्यों-की-त्यों रमेश उपाध्याय को सुनाई। रमेश ने इसे अन्धविश्वास कहकर बात हँसी में उड़ा दी। पत्नी की शादी नई-नई हुई थी। मुश्किल से आठ-नौ महीने हु ए
२७
Page #29
--------------------------------------------------------------------------
________________
होंगे। उसने रो-रोकर घर ऊँचा उठा लिया । अन्त में हारकर रमेश ने यात्रा एक सप्ताह के लिए स्थगित कर ली।
पर आश्चर्य कि उसी दिन वह वायुयान 'श' हो गया, और उसमें से एक भी सवार बच न सका। कितनी प्रसन्नता, आश्चर्य और आह्लाद हुआ होगा उस उपाध्याय-दम्पति को ! ___ इस प्रकार के भविष्यसूचक स्वप्नों के गम्भीर अध्ययन एवं परीक्षण के लिए "भारतीय ज्योतिष अध्ययन अनुसन्धान केन्द्र" (सी/एफ १४ हाईकोर्ट कॉलोनी, जोधपुर, राजस्थान) के अन्तर्गत "सोसाइटी फॉर साइंटीफिकल रिसर्च ऑफ ड्रीम्स' शाखा खोली गयी, जिसमें भविष्यसूचक स्वप्नों की जानकारी इकट्ठी करना, उनके तथ्यातथ्य का पता लगाना, उनका वर्गीकरण एवं विश्लेषण करना, तथा उन्हें वैज्ञानिक कसौटी पर कसकर सत्यासत्य का पता लगाना उद्देश्य रखा गया। इस शाखा के कार्यकर्ताओं ने काफी अच्छा कार्य किया। हजारों स्वप्नों का विवरण इकट्ठा किया । आज भी देश के प्रत्येक भाग से इससे सम्बन्धित पत्र आते हैं, जिनमें स्वप्न, स्वप्नविवरण, स्वप्न आने की तारीख व समय व स्वप्नानुसार घटित घटना के समय आदि का विवरण रहता है। __इस प्रकार के प्राप्तः विवरणों से कई रोचक तथ्य सामने आये हैं। एक-दो उदाहरण द्रष्टव्य हैं__बम्बई की एक प्रातः । मैं एक सज्जन व्यक्ति के घर ठहरा था। वे घुड़दौड़, डर्बी, लॉटरी आदि के सख्त खिलाफ हैं और इसपर व्यय करना परले दर्जे की बेवकूफी और फिजूलखर्ची समझते हैं।
प्रातः लगभग सात बजे उठे । मैं सन्ध्योपासनादि से निवृत्त हुआ ही था कि मेरे पास आकर बोले-पंडितजी ! आज मैंने स्वप्न में नोटों से लदे ऊँट देखे, जो संख्या में छः थे, और सबके गले में उनकी गिनती के अंक-लगे तख्ते लटक रहे थे । ऊँटों के गले में लगे तख्तों पर क्रम इस प्रकार था; और उसने पहले ऊँट का नम्बर, फिर दूसरे, इस प्रकार छहों ऊँटों पर लगे नम्बर सुना दिये।
२८
Page #30
--------------------------------------------------------------------------
________________
मैंने कहा-हो सकता है, तुम्हारे भाग्य में राजस्थान लॉटरी का कोई पुरस्कार हो, यह नम्बर यदि उपलब्ध हो तो खरीद लो।
वे बोले- मेरे भाग्य में कहाँ ? और दूसरे कार्य में लग गये ।
आश्चर्य कि उसी दिन जो राजस्थान लॉटरी का ड्रा निकला, उसके प्रथम पुरस्कार के वही नम्बर थे, जो उन्होंने स्वप्न में देखे थे।
कुछ समय पूर्व बम्बई से ही आए एक सज्जन से आश्चर्यजनक स्वप्न-विवरण सुनने को मिला, उनके अनुसार
एक विख्यात व्यक्ति एक दिन स्वप्न में टेलीविजन देख रहा था। उसने देखा कि एक नृत्य-कार्यक्रम बीच में रुक गया है, तथा घुड़दौड़ प्रारम्भ हो गई है । घुड़दौड़ में जीतनेवाले घोड़ों को भी वे स्पष्ट देख रहे थे।
दूसरे दिन उठते ही उन्होंने यह स्वप्न-समाचार अपनी पत्नी को सुनाया । यद्यपि पत्नी घुड़दौड़ में खर्च को व्यर्थ समझती और यदाकदा पति को मना ही करती, पर उस दिन उसने स्वयं आग्रह कर पति को रेस में भेजा, और उन्हीं नम्बरों के घोड़ों पर भारी रकम लगाने को कहा।
और आश्चर्य ! महा आश्चर्य ! उस दिन वे ही घोड़े जीते, और कई लाख की रकम उस सौभाग्यशाली व्यक्ति को मिली।
क्या ये स्वप्न भविष्यदर्शक नहीं ? क्या इन स्वप्नों को झुठला सकते हैं ? ये भविष्यसूचक स्वप्न कई बार व्यक्ति की जीवनधारा को बदल देने में समर्थ हुए हैं ।
सिलाई मशीन का आविष्कर्ता कई दिनों से परेशान था । उसने मशीन का मॉडल ठीक बनाया था; काम भी ठीक करने की स्थिति में थी, पर सुई से जिस रूप में लिलाई होनी चाहिए थी वह नहीं हो पा रही थी। सुई का छेद कहाँ पर हो, जिससे दोहरी सिलाई शीघ्र एवं मजबूत हो । सोचते-सोचते वह थककर वहीं सो गया।
स्वप्न में उसने देखा कि एक खूख्वार व्यक्ति भाला लिये आता है, और जोरों से उसके सिर में छेद कर देता है एवं हड़बड़ी में उसकी
Page #31
--------------------------------------------------------------------------
________________
आँख खुल जाती है।
जगते ही उसके सामने मशीन होती है, और उसे विचार आता है कि सुई के सिर में छेद किया जाना चाहिए। उसने ऐसा ही किया, और वह आश्चर्यजनक रूप से अपने कार्य में सफल रहा ।
गत भारत-पाक युद्ध के बाद की बात है । एक सैन्य अधिकारी मेरे घर पधारे, बोले-पंडितजी! क्या स्वप्न भी इस कदर संच होते हैं ?
मैंने पूछा-क्यों ? क्या कोई ऐसा स्वप्न आपने देखा है, जो आपके लिए सहायक रहा ?
वह बोले--मैं इन्हीं दिनों का किस्सा सुनाता हूँ । मैं पश्चिमी सैक्टर में एक महत्त्वपूर्ण स्थान पर तैनात था। युद्ध के बीच कुछ ही क्षणों की झपकी में मैंने देखा कि मेरे एक ओर पाकिस्तानी टुकड़ी धीरे-धीरे सावधानी से आगे बढ़ रही है, तथा वह हमारी जलव्यवस्था एवं सप्लाई काट डालने का उद्देश्य रखती है...
मेरी आँख खुल गईं । उस दिशा की ओर दूसरी ओर से सम्पर्क साधा तो ऐसी कोई बात नजर नहीं आई । फिर भी मैंने स्वप्न को परखने के लिए उस ओर कार्यवाही हेतु सचेत करने के साथ-साथ आक्रमणात्मक कार्यवाही का आदेश दे दिया। ___पंडितजी ! आप विश्वास नहीं करेंगे, जहाँ एक चिड़िया का पूत होने का गुमान नहीं था, वहाँ तीन सौ से अधिक पाक सैनिक अन्तिम आक्रमण की तैयारी किये बैठे थे, पर हमारे आकस्मिक एवं अप्रत्याशित हमले से वे भौंचक्के ही नहीं रह गये, सुध-बुध भी भुला बैठे, और इस प्रकार उस दो क्षण के स्वप्न ने मेरी सम्भावित कठिनाइयों को आसानियों में बदल दिया।
लगभग सालभर पहले की बात है, एक इंजीनियर मिस्टर...मेरे पास आये, बदहवास-से, चेहरे का रंग उड़ा हुआ, परेशान, दुःखी। आते ही बोले-पंडितजी! मेरे लड़के का एक्सीडेंट हो गया क्या?
उनका लड़का अमेरिका में पढ़ रहा था, अत्यन्त मेधावी .. योग्य "होनहार...
Page #32
--------------------------------------------------------------------------
________________
मैंने पूछा-क्या कोई दुःखद समाचार आया ?
वह बोले-नहीं पंडितजी, दोपहर को मैं झपकी ले रहा था, कि छोटा-सा स्वप्न आया। मैंने देखा कि एक कार-एक्सीडेंट में लड़के की मृत्यु हो गई है, वह कार में पिस-सा गया है।
कहकर वे फफक-फफककर रो पड़े । मैंने पूछा-स्वप्न कब घटित हुआ ?
वह बोले-दो पैंतालिस-सैतालिस के लगभग, सीधा उठकर यहीं आ रहा हूँ। ___मैंने उन्हें धैर्य बँधाया, और दृढ़ चित्त बनाये रखने की तसल्ली दी । पर.. उसी दिन रात को नौ-दस के बीच टेलीफोन पर संदेश मिला कि दोपहर दौ-पैंतालीस पर उनके लड़के की मृत्यु कार-एक्सीडेंट में हो गई। टेलीग्राम किसी मित्र ने भेजा था।
वे अमेरिका गये, पर फिर क्या हो सकता था !
पर उस स्वप्न को याद कर आज भी मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं, हृदय भर आता है।
लगभग दो-ढाई बरस पहले की बात है, मेरी पूज्य माताजी ने प्रातः छः बजे के करीब मुझे आकर कहा-'नन्हा' बीमार है, मुझे आज ही गाड़ी से भेज दो।
मैं हत्प्रभ! मैंने कहा- ऐसा तो कोई पत्र नहीं, समाचार नहीं . .
उन्होंने कहा कुछ ऐसा ही स्वप्न आया है कि 'नन्हा' (मेरा छोटा भाई) बीमार है, मैं उसके सिरहाने बैठी हूँ।
मैंने अपने पुत्र के साथ मां को भेज दिया और आश्चर्य इस बात का कि सचमुच नन्हा काफी बीमार था, और माँ के आने की प्रतीक्षा कर रहा था।
ये घटनाएँ और ऐसी कई घटनाएँ मेरे जीवन में घटित हुईं। उन व्यक्तियों के सम्पर्क में आया हूँ जिनके जीवन में घटित हुई थीं, और वे उच्चपदस्थ प्रतिष्ठित सज्जन हैं। उन्होंने स्वप्न को ठीक-ठीक सही पाया है। तब ऐसा नहीं कहा जा सकता कि स्वप्न मात्रभ्रम
Page #33
--------------------------------------------------------------------------
________________
है, या स्वप्न व्यर्थ है ।
अमेरिका के भूतपूर्व राष्ट्रपति कैनेडी को अपने साथ होनेवाली दुर्घटना का आभास स्वप्न द्वारा एक दिन पूर्व ही हो गया था, और उन्होंने अपने मित्रों को स्वप्न के बारे में बताया भी था, जिसके आधार पर उनके मित्रों तथा उनकी पत्नी ने यात्रा स्थगित करने का बारबार अनुरोध किया था, पर होनी को कौन टाल सकता है ! वे टेक्सास की यात्रा पर गये, और गोली लग जाने के फलस्वरूप इहलीला समाप्त कर देनी पड़ी ।
कहते हैं, गांधी जी को भी अपनी मृत्यु का पूर्वाभास हो गया
था ।
भविष्यसूचक स्वप्न कभी तो अत्यन्त स्पष्ट होते हैं, पर कभीकभी वे गूढ़ एवं रहस्यपूर्ण भी, जिन्हें सुलझाकर समझना आसान बात नहीं ।
1
एक प्रसिद्ध एवं प्रतिष्ठित राजघराने की राजमाता ने अनुनयअनुरोधपूर्वक मुझे बुलाया और दो दिन पूर्व आये स्वप्न का विवरण दिया । उन्होंने बताया कि स्वप्न में मैंने देखा कि मैं कार में तीव्रगति से जा रही हूँ । कार स्वयं 'ड्राइव' कर रही थी । मैंने देखा कि कुछ लोग एक मुर्दे के ताबूत को ला रहे हैं, जिस पर मुर्दा लेटा है । मैं कार को एक किनारे खड़ी कर, कार के बाहर निकल आई। मुर्दा जब मेरे पास से निकला, तो मुझे देखकर मुस्कराया । इसी प्रकार इक्कीस ताबूत निकले, सभी पर मुर्दे लेटे थे । सभी मेरे पास से गुजरते समय मुस्करा रहे थे
मैं विनय से खड़ी रही । जब सभी ताबूत निकल गये तो कार में बैठ आगे चल दी । कुछ ही क्षणों के बाद मैं गन्तव्य स्थान पर पहुँच गई । उसी समय आँख भी खुल गईं ।
जब से मैंने स्वप्न देखा है, तभी से परेशान हूँ कि इस स्वप्न का क्या तात्पर्य है ? क्या अर्थ है ?
स्वप्न-विज्ञान के अनुसार घर से बाहर. मुर्दों को देखना,
३२
'शुभ
सु० - १५१
1
Page #34
--------------------------------------------------------------------------
________________
भविष्य' का संकेतक है, तथा 'मुर्दे का मुस्कराना' विजय का चिन्ह माना जाता है।
मैंने पूछा-क्या आप कोई मुकद्दमा लड़ रही हैं ? उत्तर मिला-नहीं।
पूछा- क्या निकट समय में होनेवाले चुनावों में भाग लेने की इच्छा है ?
उत्तर मिला-अभी पक्का नहीं।
मैंने कहा-स्वप्न का फलित यही कह रहा है कि निकटभविष्य में आप चुनाव लड़ेंगी, तथा अत्यन्त तीव्रगति से विरोधियों को परास्त करती हुई इक्कीस सौ या इक्कीस हजार से विजयी होकर लक्ष्य तक पहुँच सकेंगी। ____दो महीने बाद हुए चुनाव में ही यह बात ज्यों-की-त्यों सत्य सिद्ध हुई।
स्वप्न को समझना और उसके मूल में जाकर सही व्याख्या प्रस्तुत करना अत्यंत दुष्कर कार्य है। स्वप्न की व्याख्या करते समय व्यक्ति की मनःस्थिति, पारिवारिक आधार आदि का भी विचार कर लेना आवश्यक होता है ।
एक प्रश्न और उठता है कि क्या हम किसी कार्य की शुभाशुभता का ज्ञान स्वप्न द्वारा कर सकते हैं ? या यों कहा जाये कि जब चाहे तब स्वप्न से कुछ भविष्य ज्ञात किया जा सकता है ?
इसके लिये प्राचीन ग्रन्थों में बहुमूल्य विधान है।
सर्वप्रथम जब कोई ऐसी समस्या सामने आ जाए कि अमुक कार्य करूँ या न करूँ, अथवा अमुक कार्य का अन्तिम फल क्या होगा? इसकी जानकारी के लिए उस प्रश्न को एक सफेद स्वच्छ कागज पर साफ-साफ अक्षरों में लिख लें, फिर शाम को पवित्र जल से स्नान कर, शुद्ध वस्त्र पहनकर पूजा-स्थान या घर में किसी शुद्ध स्थान पर ऊन का या कुश का आसन बिछाकर बैठ जायें, तथा 'स्वप्नेश्वरी देवी' का ध्यान करें। सामने प्रामाणिक 'स्वप्नेश्वरी देवी'
३३
Page #35
--------------------------------------------------------------------------
________________
का चित्र हो। ध्यान के पश्चात् निम्न मन्त्र का जप करें
स्वप्नेश्वरी नमस्तुभ्यं फलाय वरदाय च ।
मम सिद्धिमसिद्धिं वा स्वप्ने सर्व प्रदर्शयः ।। जप करते-करते जब सोने का जी चाहे अथवा आँखें भारी हो जायें, तब प्रश्न लिखा कागज सिर के नीचे रखकर सो जायें। निश्चय ही उस प्रश्न का सही, प्रामाणिक एवं अचूक उत्तर स्वप्न में . ज्ञात होगा। __मैंने, और मेरे बताने पर कई व्यक्तियों ने इसका परीक्षण किया है, और उनके कथनानुसार स्वप्न में जो भविष्यफल ज्ञात हुआ है, वह अक्षरशः सत्य सिद्ध हुआ है। स्वप्न-अवधि
___ रात्रि के पहले पहर में यदि स्वप्न दिखाई दे, तो उसका फल एक वर्ष पश्चात्, दूसरे प्रहर में देखे स्वप्न का फल छः महीनों के बाद, तीसरे प्रहर में दृष्ट स्वप्न का फल तीन मास में तथा अन्तिम प्रहर में देखे स्वप्न का फल एक मास के भीतरभीतर मिलता है।
सूर्योदय से कुछ पूर्व देखे स्वप्न का फल तत्काल समझना चाहिए। सूर्योदय के बाद देखे स्वप्न का फल दस दिनों के भीतर मिलता है।
यद्यपि आगे के पृष्ठों में मैं प्रत्येक वस्तु के बारे में शुभाशुभता का परिचय दूंगा, पर यहाँ कुछ शुभ एवं अशुभ स्वप्नों
को स्पष्ट कर रहा हूँशुभ-स्वप्न
गाय, हाथी, रुई, सफेद वस्तुएँ, सफेद पुष्प, राजा, राजपरिवार का कोई सदस्य, ब्राह्मण, ज्योतिषी, सुहागिन स्त्री, गुरु, पुष्प लिये हुए व्यक्ति, चाँदी के बर्तन, दही, चावल, दूसरों को मिष्ठान खिलाना, फल, श्वेत वस्त्र, ध्वजा, ध्वजायुक्त रथ,
३४
Page #36
--------------------------------------------------------------------------
________________
कमल, विवाह, स्त्री से प्रेम व्यक्त करना, धनप्राप्ति, समुद्रस्नान, तैरना, शिव मन्दिर, देवमूर्ति, मुर्दा, बालक-बालिकाएँ, बैल, ऊँचा मन्दिर, राजसिंहासन, चन्द्र-दर्शन, तारे चमकना, दुष्ट को दण्ड देना, शत्रुदमन, खङ्ग प्राप्त होना, सर्प, परी, अप्सरा या गन्धर्व दिखना, संगीत-मण्ड ली, फलदार वृक्ष, शर्बत पीना या पिलाना, तोरण, तीर्थयात्रा, गंगा-स्नान, धार्मिक स्थानों पर जाना, बन्धन-मुक्ति, शरीर का बढ़ना, सिर पर छाता रखना, शेर, दुग्धपान, अपने शरीर से या नाभि से वृक्षादि की उत्पत्ति, देवार्चन व्रत, पहाड़ को उड़ते हुए देखना, पहाड़ पर चढ़ना, रोना, रोते हुए व्यक्ति को देखना, कुटुम्वी की मृत्यु, विशाल भीड़, भीड़ में भाषण देना, सवारी चढ़ना, अश्वारोहण, किला फतह करना, पुस्तक, ग्रन्थ-रचना, महात्मा के दर्शन
आदि शुभ स्वप्न कहे जाते हैं । अशुभ-स्वप्न
जलती हुई चिता, राक्षस, दुष्ट व्यक्ति का मिलना, तिरस्कृत या अपमानित होना, राख, सूखा पेड़, काँटेदार पेड़, वीयावान जंगल, फाँसी लगना, घबराना, पसीने-पसीने होना, घी लेना, मीठी चीज खाना, बन्दर, जंगली जानवर पर चढ़ता, भैंस या भैंसा, शरीर पर कीचड़ लगना , एक्सीडेंट, केश गिरना, दाँत टूटना, खाली वर्तन लेकर भटकना, लाल वस्त्र या काले वस्त्र पहनना, परदेश गये पुरुष या स्त्री की मृत्यु की सूचना, गुड़ खाना, मलिन वस्त्र धारण कर भटकना, साँपों से कीड़ा, साँप का पेट में घुसना, हवा में उड़ना, आँधी आना, प्रलय, बाढ़ में बहना, दक्षिण दिशा की यात्रा, जलाशय सूखना, दलदल में फँसना, किसी स्त्री या पुरुष से जबरदस्ती लिपटना, चोरी करना या घर में चोरी होना, ग्रहण, उल्लू दर्शन, भूत-प्रेत व पिशाचों से साक्षात्कार, शिखर गिरना, पहाड़ टूटना, कोलाहल आदि अशुभ स्वप्न कहे जा सकते हैं।
Page #37
--------------------------------------------------------------------------
________________
अशुभ स्वप्न-परिहार (१) अशुभ स्वप्न आने पर व्यक्ति को चाहिए कि वह जगने
पर पुनः सो जाय, और एक बार पुनः नींद ले ले । (२) सूर्योदय में जगने पर भी यदि दुःस्वप्न स्मरण हो तो पुनः
सोने और नींद लेने में कोई आपत्ति नहीं है। (३) अशुभ स्वप्न को ज्यादा-से-ज्यादा लोगों को, परिचितों
एवं मित्रों को सुनाना चाहिए। (४) किसी योग्य ब्राह्मण, गुरु या परिवार के वृद्ध को दुःस्वप्न
सुनाकर शुभाशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए । (५) दुःस्वप्न देख लेने पर प्रातः शुद्ध जल से स्नान कर स्वस्ति
वाचन अथवा महामृत्युंजय जप कराना चाहिए । (६) गायों को घास, पक्षियों को दाना अपने हाथों से डालना
चाहिए। (७) रामायण या महाभारत का श्रवण करना चाहिए। (८) प्रातः उठकर घृततिल से १०८ आहुतियाँ गायत्री मन्त्र
से देनी चाहिए। (६) घर में मंगल वाद्य, मंगलध्वनि या प्रभुकीर्तन करना या
कराना चाहिए। विशेष ___कोई भी अशुभ स्वप्न आने पर तुरन्त क्या-क्या कार्य करने से उसकी अशुद्धता धूमिल अथवा नष्ट हो जाती है, इसका संक्षेप में वर्णन किया है; पर इसके साथ यदि शुभ स्वप्न आ जाय, और शुभस्वप्न देखने के बाद तुरन्त आँख खुल जाय, तो उस व्यक्ति को चाहिए कि वह पुनः शयन न करे, अपितु शेष रात्रि जागकर व्यतीत कर देनी चाहिए । इस सम्बन्ध में एक रोचक, पर कसौटी पर पूर्ण खरा उतरा एक अनुभव है, जो पाठकों की जिज्ञासा-तृप्ति हेतु यहाँ देने का लोभ संवरण नहीं कर सकता।
राजस्थान के एक सामान्य व्यक्ति बिना व्यापार-व्यवसाय के
Page #38
--------------------------------------------------------------------------
________________
दुःखी थे। घर में पूंजी नहीं थी। परिवार का सहारा नहीं था । हाँ, सौभाग्य से पत्नी उन्हें भली, सच्चरित्र एवं विदुषी मिली थी। ___एक रात उन्होंने स्वप्न देखा कि वे उत्तर दिशा की ओर व्यवसाय हेतु जा रहे हैं। मार्ग में थककर विश्राम हेतु एक पेड़ के नीचे सोये तो नींद-सी आ गई। उसी समय एक सर्प आया, और अपने सिर पर लादकर बहुमूल्य रत्नों के सन्दूक उन्हें देता रहा । उनके चारों तरफ रुपये, रत्न, हीरे-जवाहरात का ढेर लग गया । जब उनकी आँख खुली तो उन्होंने देखा कि सर्पराज उनके सिर पर फन ताने छाया कर रहा है।
वे नींद से जागकर उठ बैठे, और पास सोई पत्नी को सारा स्वप्न सुना दिया। पत्नी समझ गई कि यह स्वप्न भाग्योदयकारक है, फलस्वरूप पति को जबरदस्ती बिछौने से उठाकर स्नान करवाया, और सारी रात प्रभु के आगे पूजन-सेवा करते रहे।
दूसरे दिन वे सज्जन उत्तर की ओर व्यवसाय हेतु रवाना हो गये । आज उनके पुत्र-पौत्र भारत के प्रमुख व्यवसायियों में से हैं, तथा उनकी कीर्ति भारत से बाहर भी सर्वत्र व्याप्त है।
यह घटना उसी घराने के एक अत्यन्त जिम्मेदार व्यक्ति ने मुझे सुनाई थी, जिसकी सत्यासत्यता पर रत्ती मात्र भी सन्देह नहीं किया जा सकता।
जैसा कि मैं ऊपर कह चुका हूँ स्वप्न को मात्र भ्रम या कपोलकल्पित कहकर टाला नहीं जा सकता। केन्द्र से सम्बन्धित “सोसाइटी फॉर साइण्टीफिकल रिसर्च आफ ड्रीम्स'' के अन्तर्गत प्राप्त जब स्वप्नों के परीक्षण किये, तथा स्वप्नों के रहस्य की गुत्थियाँ सुलझाईं, तो यह देखकर आश्चर्यचकित रह जाना पड़ा कि यह केवल 'मन की छाया' या गत दिन के कार्यों का प्रतिबिम्ब ही नहीं है, अपितु इसके पीछे एक निश्चित वैज्ञानिक आधार है।
भारतीय दर्शन इस बारे में बिल्कुल स्पष्ट है कि भूत, वर्तमान और भविष्य का सूक्ष्म आकार हर समय वायुमण्डल में व्याप्त रहता
३७
Page #39
--------------------------------------------------------------------------
________________
है। जिस व्यक्ति की साधना इतनी उच्च होती है कि वह जाग्रतावस्था में भी इस सूक्ष्माकार से सम्पर्क स्थापित कर ले, वह भविष्यद्रष्टा अथवा योगी कहलाता है और भूत, वर्तमान, भविष्य को जान सकता है। अन्यथा जब व्यक्ति निद्रावस्था में होता है, तब उसका व्यक्तित्व स्वयं सूक्ष्माकार में होकर उन आकारों से सम्पर्क स्थापित करता है। यही सम्पर्क स्वप्न का माध्यम है अथवा स्वप्न आने का आधार है।
फलस्वरूप जब हमारे व्यक्तित्व का सूक्ष्माकार, भविष्य के सूक्ष्माकार से सम्पर्क स्थापित करता है तो उसका भविष्य स्वप्न के माध्यम से स्पष्ट हो जाता है ।
इस सम्बन्ध में पाश्चात्य देशों में भी काफी खोज हुई है, तथा मात्र स्वप्न-भविष्य एवं स्वप्न-रहस्य को समझने के लिए कई संस्थाएँ खुली हैं । अमेरिका, ब्रिटेन, रूस आदि देशों में इस प्रकार के व्यापक परीक्षण हुए हैं । स्वप्न-सिद्धान्त के प्रमुख अधिकारी विद्वान् जिमरिचर्ड से मिलने और घंटों इसके बारे में विचार-विमर्श करने का अवसर मुझे मिला है । उनके अनुसार वायुमंडल में कोई ‘ऐक्स्ट्रा सेन्सुअरी परसेप्सन' (ई० एस० पी०) नामक शक्ति है, जो मनुष्य के भीतर गुप्त मार्ग से प्रवेश करती है, एवं उसे भविष्य का बोध करा
देती है।
____उनके कहने का तात्पर्य यह है कि मानव की पाँच ज्ञानेन्द्रियों के अतिरिक्त भी कोई एक ऐसा मार्ग है, जिससे यह शक्ति शरीर में प्रवेश करती है, तथा मस्तिष्क से टकराती है। यह शक्ति मूल रूप से भविष्यसूचक है, अतः भविष्य-सम्बन्धी घटनाएँ स्वप्नों के माध्यम से आसानी से ज्ञात हो जाती हैं।
. न्यूयॉर्क की प्रसिद्ध 'स्वप्न प्रयोगशाला' में एक परीक्षण किया गया । एक व्यक्ति को अन्य किसी कमरे में सुला दिया गया, तथा उसके मस्तिष्क पर (सिर पर) 'इलेक्ट्रो एन्सैफालोग्राफ' लगा दिया गया। इस यन्त्र से यह ज्ञात हो जाता है कि क्या व्यक्ति गहरी नींद
Page #40
--------------------------------------------------------------------------
________________
में है और स्वप्न देख रहा है ? ___जब 'इलेक्ट्रो एन्सफालोग्राफ' से पता चला कि व्यक्ति स्वप्नलोक में विचरण कर रहा है, तो किसी-दूसरे व्यक्ति की एक विशेष कहानी या घटना 'मस्तिष्क तरंगों' के माध्यम से उस व्यक्ति के मस्तिष्क में उतारी गई, और उसे तुरन्त जगा दिया गया । जगने पर उस व्यक्ति ने वही घटना (जो उसके लिए सर्वथा अपरिचित थी) जो स्वप्न में देखी थी ठीक-ठीक सुना दी।
इससे यह स्पष्ट हो गया कि स्वप्नों के पीछे निश्चित आधार है, तथा वायुमंडल में व्याप्त अणुओं के संघर्षण से स्वप्नों का प्रादुर्भाव होता है।
भविष्यसूचक स्वप्नों के बारे में रूस की प्रसिद्ध संस्था 'कर्ट' ने काफी सफल प्रयोग किये हैं तथा यह सिद्ध कर दिया है कि किसीकिसी मनुष्य के मस्तिष्क की बनावट ही ऐसी होती है कि वह भविष्य-सूचक अणुओं से तुरन्त स्पन्दित हो जाता है, और स्वप्न में देखकर जो घटनाएँ बताता है, वे पूर्णतः सत्य सिद्ध होती हैं।
इस प्रकार के व्यक्तियों में पश्चिमी जर्मनी की सुप्रसिद्ध अभिनेत्री 'क्रिस्टाइन माइलस' का नाम काफी विख्यात है। उसने स्वप्नों को देखकर जितनी भी घटनाएँ बताई हैं, वे भविष्य में पूर्णतः सही उतरी हैं। उसने इस प्रकार के लगभग १२०० स्वप्न देखे, जो किसी-न-किसी व्यक्ति के भविष्य से संबन्धित थे, और कालान्तर में वे घटनाएँ ज्यों-की-त्यों सही उतरीं ।
भविष्य को देखने या समझने के लिए "टेलीपैथी" का प्रयोग किया जाता है। "टेलीपैथी' का सीधा-सादा रहस्य ही यह है कि 'छठी ज्ञानेन्द्रिय' पर विजय प्राप्त कर ली जाय । इस छोटी-सी पुस्तक में "टेलीपैथी" पर विस्तार से लिखना सम्भव नहीं। समय मिला तो मैं अवश्य पाठकों के हितार्थ इस विषय पर स्वतन्त्र रूप से पुस्तक लिखूगा। छठी ज्ञानेन्द्रिय को जाग्रत करना अथवा विकसित करना
३६
Page #41
--------------------------------------------------------------------------
________________
कोई कठिन कार्य नहीं; आवश्यकता है मन को एकाग्र करने की शक्ति, तथा इन सूक्ष्म तरंगों को पहचानने एवं ग्रहण करने की साधना की । जब इस स्तर तक व्यक्ति पहुँच जाता है, तब भविष्य-दर्शन उसके लिए कोई अजूबा नहीं रहता।
पीछे के पृष्ठों में शास्त्रीय तथा विज्ञान की दृष्टि से स्वप्नों का विवेचन किया गया है। अब आगे के पृष्ठों में अकारादि क्रम से मैं तालिका, तथा स्वप्न में दिखाई देने पर उसके
अद्भुत फल के बारे में विवेचन कर रहा हूँ। अंक
यदि स्वप्न में अंक दिखाई दें, तो ये शुभ एवं विजय का प्रतीक हैं। यदि अंकों से बनी कोई संख्या दिखाई दे, तो वह किसी रेस, लॉटरी या ऐसा ही भाग्य विधायक प्रतीक हो
सकती है। अंकुश
हाथी पर महावत द्वारा अंकुश लगाते हुए, या यों ही अंकुश दिखाई दे, तो यह जीवन की शिथिलता का प्रतीक है। हमें चाहिए कि हम स्वयं को टटोलें, तथा अपने-आप पर
नियंत्रण रखने का प्रयत्न करें। अंग
यदि स्वप्न में शरीर का कोई अंग अतिरिक्त जुड़ता हुआ दिखाई दे तो यह रोग का संकेत है, तथा निकट भविष्य में ही रोगग्रस्त होना पड़ेगा, ऐसा संकेत है। यदि शरीर का कोई अंग कटकर अलग होता दिखाई दे तो घर में कोई नया प्राणी
आएगा, या पुत्र-जन्म होगा, ऐसा विचारना चाहिए। आंगन
स्वप्न में यदि अपने घर का आँगन दिखे, तो यह अशुभसूचक है, पर यदि दूसरे घर का आँगन द्रष्टिगोचर हो तो शुभ समझना चाहिए।
४०
Page #42
--------------------------------------------------------------------------
________________
अंगभंग
स्वयं का अंगभंग होता दिखाई देना इस बात का प्रतीक है कि शीघ्र ही अनुकूल एवं शुभ समाचार प्राप्त होंगे, तथा इन दिनों जो विचार या योजना मस्तिष्क में है, वह पूर्ण होगी।
‘पर यदि किसी अन्य व्यक्ति या परिचित का अंगभंग होता नजर आवे तो यह एक्सीडेंट अथवा दुर्घटना का सूचक है। अंगराग
यदि शरीर पर बेशकीमती वस्त्र, गहने, फूल-मालाएं आदि दिखाई दें, तो स्वयं की मृत्यु या परिवार के किसी निकटस्थ
सदस्य की मृत्यु समझनी चाहिए। अंगीठी
कोयलों से दहकती अंगीठी कीर्ति एवं शुभता का प्रतीक है, तथा शीघ्र ही उन्नति होगी ऐसा समझना चाहिए । अंगूठी
यदि स्वप्न में अंगूठी दिखाई दे, तो शीघ्र ही सगाई या शादी होगी, ऐसा समझना चाहिए । अंजन
काजल, सुरमा या इसी प्रकार का कोई आँख का अंजन बेचता या लगाता हुआ दिखाई दे, तो उसे दो महीने के भीतरभीतर आकस्मिक धन प्राप्त होगा, या विशेष लाभ होगा, ऐसा विचार करना चाहिए। अन्त्येष्टि
यदि स्वप्न में अपने को मुर्दा देखे तथा श्मशान में अन्त्येष्टि देखे तो विशेष शुभ समझना चाहिए, तथा शीघ्र ही मनोवांछित कार्य-सिद्धि होगी, या मुकद्दमा-चुनाव आदि में पूर्ण
विजय प्राप्त होगी। अंधकूप
स्वप्न में अन्धा कुआँ, या ऐसा कुआँ जिसमें पानी न हो,
Page #43
--------------------------------------------------------------------------
________________
या अँधेरे से ग्रस्त उपेक्षित निर्जल कुओं दिखाई दे तो आर्थिक घाटा, पराजय अथवा घोर परेशानी आएगी, यह समझना
चाहिए। अन्धा
स्वप्न में यदि अन्धा व्यक्ति या पुरुष आता दिखाई दे तो कष्टप्रद स्थिति का विचार करना चाहिए, पर यदि स्वयं को
अन्धा महसूस किया जाये तो विशेष शुभ होता है। अकाल
यदि स्वप्न में अकाल या अकाल-जैसी स्थिति दिखाई दे तो इसके दो तात्पर्य होंगे-प्रथमतः उस क्षेत्र में निकट समय में ही अकाल पड़ेगा; दूसरे, स्वप्न देखनेवाले को आर्थिक
न्यूनता का सामना करना पड़ेगा। अग्नि
स्वप्न में चारों तरफ आग लगी हुई दिखाई दे, तो यह अशुभ है, घर में कोई बीमार पड़ेगा, या मृत्युदायक कष्ट भोगना पड़ेगा।
पर यदि स्वयं का घर जलता हुआ दिखाई दे तो घर में रोग-वृद्धि अथवा ऋण-वृद्धि होगी, यह निश्चित समझना
चाहिए। अग्निशाला
घर में अग्निशाला या भोजन पकता हुआ दिखाई दे, तो यह ऋण-मुक्ति एवं रोग-मुक्ति का सूचक है।
अग्रज
यदि स्वप्न में बड़ा भाई दिखाई दे, तो भविष्य में स्थिर चित्तवृत्ति का प्रतीक है। जिस कार्य की वजह से इन दिनों चिन्तित रहना पड़ रहा है, उसका समाधान शीघ्र ही निकल - आयेगा, ऐसा विचार करना चाहिए।
४२
Page #44
--------------------------------------------------------------------------
________________
अचरज
यदि स्वप्न में कोई आश्चर्यजनक घटना या वस्तु या व्यक्त दृिष्टिगोचर हो, तो यह चित्त की डांवाडोल प्रवृत्ति का सूचक है। मन में जो विचार इन दिनों उदय हुए हैं, वे पूर्ण
नहीं होंगे, ऐसा समझना चाहिए। अट्टालिका
___ यदि स्वप्न में एक से अधिक मंजिल का मकान, हवेली, या अट्टालिका दिखाई दे, तो यह शुभ एवं उन्नति का सूचक है । शीघ्र ही प्रोमोशन अथवा धन-लाभ होगा, यह स्पष्ट सम
झना चाहिए। अणुबम
___ स्वप्न में अणुबम बनाते या उसका विस्फोट करते दिखाई दे तो ऐसा स्वप्न शत्रुहन्ता कहा जाता है, तथा शत्रुओं पर
विजय होगी, यह निश्चित समझना चाहिए। अतिथि
___ स्वप्न में यदि अतिथि दिखाई दे, या घर आवे तथा उसे स्वादिष्ट भोजन कराके विदा करें तो घर में आकस्मिक विपत्ति
की सूचना समझनी चाहिए। अदालत
___ यदि स्वप्न में अदालत का दृश्य दिखाई दे तो मुकद्दमे में विजय अथवा शत्रु पर विजय होगी, यह समझना चाहिए। अधिकारी
____ अधिकारी, कलेक्टर, थानेदार या ऐसा ही कोई उच्च अधिकारी स्वप्न में दिखाई दे, तो यह समझना चाहिए कि शीघ्र ही कुछ-न-कुछ अघटित घटित होगा, और जो कुछ भी
घटित होगा, वह आकस्मिक रूप से, अप्रत्याशित । अध्यापक
स्वप्न में यदि अध्यापक दिखाई दे, तो घर में मांगलिक
४३
Page #45
--------------------------------------------------------------------------
________________
कार्य सम्पन्न होगा, या किसी दूरस्थ रिश्तेदार से सम्बन्धित शुभ समाचार प्राप्त होंगे, ऐसा समझना चाहिए ।
अनाथालय
अन्न
यदि स्वप्न में अनाथालय दिखाई दे, तो नौकरीपेशा होने पर स्थानान्तरण होगा, और यदि व्यापारी - व्यवसायी है तो आर्थिक हानि होगी, घाटा होगा, या किसी के द्वारा धोखा मिलेगा |
अन्न के ढेर, या हरी-भरी कृषि के फार्म दिखाई दें तो शीघ्र ही शुभ समाचार प्राप्त होंगे, यह अवश्यम्भावी है ।
अपमान
स्वप्न में यदि किसी के द्वारा अपमान हो जाय, या वह भरे बाजार में गाली दे, अथवा थप्पड़ मार दे, या बुरा-भला कह दे, तथा आप अपने को अपमानित अनुभव करें तो यह स्पष्ट है कि मुकद्दमे में (यदि कोई हों तो ) आपकी विजय होगी, और पुरानी चिन्ता मिट जायगी ।
अपराधी
यदि स्वप्न में जेल में खड़े कैदी अथवा अपराधी दिखें, अथवा अपराधी द्वारा वार्तालाप हो तो अनिष्ट आने की सम्भावना समझी जानी चाहिए । इन्कमटैक्स का छापा आदि भी हो सकता है ।
अभिनन्दन
स्वप्न में अभिनन्दन होना अशुभ का प्रतीक है। मुकद्दमे में हार जाना, युद्ध में परास्त होना, चुनाव में असफल रहना आदि इससे सम्बन्धित है ।
सन् १९७२ की घटना है, मैं एक एम० एल० ए० के घर पर ठहरा हुआ था । एक दिन का प्रवास था । वे चुनाव में व्यस्त थे, और जीतने की शत-प्रतिशत उम्मीद लेकर प्रयत्न कर
४४
Page #46
--------------------------------------------------------------------------
________________
रहे थे।
प्रातः उठते ही अपने हाथों से चाय लेकर मेरे कमरे में उपस्थित हुए, बोले-पंडितजी ! शुभ सन्देश दूं । आज प्रातः मुझे स्वप्न आया है कि मैं जीत गया हूँ, चारों ओर जय-जयकार हो रहा है, और नगरपालिका मेरा अभिनन्दन कर रही है प्रातः का स्वप्न तो सच है न ?
वे चहक रहे थे, आह्लादित थे।
वे स्वप्न को शुभ समझ रहे थे, मैं स्वप्न के फलितार्थों पर विचार कर रहा था । सप्ताह-भर में चुनाव-परिणाम भी निकलनेवाला था।
__यह कह देता कि स्वप्न अनुकूल नहीं है तो उनका हृदय टूट जाता, उत्साह मारा जाता, और यदि वास्तविकता नहीं बताता तो मैं अपने कर्तव्य से च्युत होता। अजीब दुविधा में पड़ गया। फिर भी कर्तव्य ने भावनाओं पर विजय पाई । मैंने चुनावमें असफल होने की बात कागज पर जल्दी-जल्दी लिख लिफाफे में बन्द करके उन्हें दे दी और कह दिया, चुनाव-परिणाम निकलने से पहले खोलें नहीं, प्रयत्न करते रहें।
परिणाम निकला, उनकी जमानत जब्त हो गई, हार्टअटैक ऐसा हुआ कि लगभग महीना-भर अस्पताल में रहे । अभिषेक
इसका फल भी 'अभिनन्दन' की ही तरह समझना चाहिए।
अवतार
यदि स्वप्न में ईश्वर का अवतार होता दिखाई दे, या जमीन में से शिवलिंग प्रगट होता दृष्टिगोचर हो तो यह धन
प्राप्ति का संकेत है, शीघ्र ही श्रेष्ठ लाभ होगा। अश्वारोही
स्वप्न में यदि घुड़सवार दृष्टिगोचर हो, तो शीघ्र ही शुभ कार्य के लिए यात्रा करनी पड़ेगी या व्यापार-व्यवसाय हेतु
४५
Page #47
--------------------------------------------------------------------------
________________
।
विदेश जाना होगा, तथा मनोरथ-सिद्धि होगी। अभिसारिका
यदि स्वप्न में रात्रि को निर्जन पथ पर प्रिय-मिलन को उत्कंठित कोई सुन्दरी जाती दिखाई दे तो स्वप्नद्रष्टा की मनोवांछित इच्छा पूर्ण होगी, उसका प्रणय-सम्बन्ध दृढ़ होगा,
या किसी से प्रेम होगा। अष्टभुजा
___ यदि स्वप्न में अष्टभुजा देवी या दुर्गा के दर्शन हों तो शुभ संकेत है, तथा शीघ्र ही घर में मांगलिक कृत्य सम्पन्न होगा, ऐसा समझना चाहिए।
अस्त्र-शस्त्र
यदि स्वप्न में अस्त्र-शस्त्र का ढेर दिखाई दे, या एकाध शस्त्र दिखाई दे तो समझना चाहिए कि इतने दिनों से जो विपत्ति सिर पर मँडरा रही थी, या आप जिस परेशानी से ग्रस्त
थे वह शीघ्र ही दूर होगी, और आप चैन की साँस ले सकेंगे। आकाशगामी
____ यदि व्यक्ति स्वयं आकाश में उड़े तथा मकानों की छतों : से ऊपर होता हुआ आगे-ही-आगे उड़ता चला जाय, तो यह उसकी लालसा, इच्छा और आकांक्षाओं का प्रतीक है, व्यक्ति के हृदय में सैकड़ों इच्छाएँ हैं, जो पूर्ण होती दृष्टिगोचर नहीं
होती। आशीर्वचन
यदि स्वप्न में कोई साधु, ब्राह्मण या तपस्वी आशीर्वाद दे, या आशीर्वचन कहे तो यह शुभ एवं कल्याणकारी संकेत है। आश्रम
यदि कोई साधु या संन्यासी का आश्रम स्वप्न में दिखाई दे, तो यह जीवन में स्थिरता का संकेत है।
४६
Page #48
--------------------------------------------------------------------------
________________
इन्द्र धनुष
यदि स्वप्न में ऊदी घटाएँ घिरी हुई हों तथा बीच में सुनहरा इन्द्रधनुष दिखाई दे तो यह जीवन में प्रसन्नता, आह्लाद
एवं पुलकता का प्रतीक है। उच्च न्यायालय
___स्वप्न में उच्च न्यायालय या न्यायाधीश दिखाई दे, तो निश्चय ही मुकद्दमे में विजय होगी, तथा कार्य सिद्धि होगी
इसमें सन्देह नहीं। उत्तीर्ण
यदि स्वप्न में किसी परीक्षा में उत्तीर्ण होने का समाचार' · मिले तो निकट भविष्य में मनोरथ-सिद्धि समझनी चाहिए।
ऊंट
स्वप्न में ऊँट का दिखाई देना अशुभ, अपघात या एक्सीडेंट का सूचक है। ऋषि
यदि स्वप्न में ऋषि, महात्मा या साधु दिखाई दे, तो यह शुभ है, शीघ्र ही हर्षवर्धक समाचार प्राप्त होंगे, ऐसा समझना
चाहिए। कंगन
स्वप्न में कंगन, या चूड़ीघर अथवा कंगन-स्टोर का दिखाई देना अशुभता का सूचक है। कंगाल
स्वप्न में कंगाल या भिखमंगा नजर आवे और वह स्वप्नद्रष्टा से याचना करता दिखाई दे तो शीघ्र ही कोई अनिष्ट आयेगा या घर में बीमारी होगी, ऐसा समझना
चाहिए। कंजूस
कंजूस दिखाई देने का फल भी 'कंगाल'-वत् ही समझना चाहिए।
४७
Page #49
--------------------------------------------------------------------------
________________
कथा
यदि स्वप्न में कथा-श्रवण हो, या मन्दिर में कीर्तन सुने, अथवा पंडितजी द्वारा रामायण, भागवत-कथा-श्रवण हो तो यह घर में शुभदायक, सुखवर्धक एवं मंगलमय कार्यों का प्रतीक है। कदम्ब
स्वप्न में हरा-भरा कदम्ब का पेड़ दिखाई दे तो शीघ्र ही घर में नववधू आएगी, या पुत्र-पौत्र का जन्म होगा, ऐसा
समझना चाहिए। कन्याग्रहण
यदि स्वप्न में विवाह हो या कन्यादान हो अथवा कन्याग्रहण हो या मंगलमय गीत-वाद्य सुनाई दे तो अशुभ है, एवं घर में
किसी सदस्य की दुःखद मृत्यु होगी, ऐसा समझना चाहिए। कपि
यदि बन्दर या बन्दरों का झुण्ड स्वप्न में दिखाई दे, तो यह इच्छित कार्य की पूर्ति का संकेत है ; शीघ्र ही मनोरथ-सिद्धि
होगी। कपोत
कपोत या कबूतरों का जोड़ा उड़ता हुआ दिखाई देना नीरोगिता का चिह्न है। यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य
रोगग्रस्त है तो शीघ्र ही वह रोगमुक्त होगा, इसमें संदेह नहीं। कब्रिस्तान
स्वप्न में कब्रिस्तान का दिखना अत्यन्त शुभ है। स्वप्न में कब्रिस्तान से निकलकर मुर्दा जो कुछ भी कहे, वह घटित होकर रहता है। इस सम्बन्ध में एक आश्चर्यजनक घटना पाठकों को सुनाने का लोभ मैं संवरण नहीं कर सकता।
सन् १९७० के उत्तरार्द्ध की बात है, एक दिन एक श्रीमन्त की पत्नी मेरे पास आई, बोली-पंडितजी ! आज रात एक अत्यन्त अशुभ स्वप्न देखा है। मैं अपनी कार से धूमने के लिए
सु०-१५१
४८
Page #50
--------------------------------------------------------------------------
________________
जा रही थी कि सड़क किनारे के कब्रिस्तान से एक मुर्दा निकला और मेरी कार के सामने आकर खड़ा हो गया। विवशतावश मुझे कार रोक देनी पड़ी। कार रुकते ही उसने झपटकर मुझे कार से बाहर खींच लिया, और एक बार बुरी तरह से झकझोरा, फिर मेरे सिर पर तीन स्वर्ण की ईंटें, दाहिने हाथ पर पाँच, बाएँ हाथ पर चार, पीठ पर सात, कूल्हों पर दो, तथा पैरों पर एक ईंट बाँध दी, साथ ही एक डिब्बा भी दिया और खदेड़कर मेरे घर पैदल पहुँचाया । कार मेरे पोछे-पीछे बिना ड्राइवर के ही चल रही थी। ज्यों ही मैं घर में घुसी कि कार स्वतः ही गैरेज में चली गई, और मैं चीखकर गिर पड़ी। आँख खुली तो चारों ओर घर के सदस्य खड़े थे, मैं पसीने से तरबतर थी । ईश्वर जाने क्या होगा ? आप बताइए न पण्डितजी ! मेरे परिवार पर या मुझ पर क्या अनिष्ट आनेवाला है ? ___मैंने एक क्षण विचार किया और बोला, मेरी राय में 'ए' सीरीज का ३५४७२१ लॉटरी टिकट खरीद लें, हो सकता है तुम्हारा भाग्योदय हो जाय ।
वह आश्वस्त-सी चली गई । बाद में इन्हीं नम्बरों पर उरो पुरस्कार भी मिला।
तात्पर्य यह कि इस प्रकार के दृश्य श्रेष्ठ धनदायक कहे गये हैं। कमल
___ स्वप्न में कमल का दिखाई देना नीरोगिता एवं आरोग्यता
का प्रतीक है। कमला
यदि स्वप्न में कमला या साक्षात् लक्ष्मी दिखाई दे, तो श्रेष्ठ धनलाभ, नूतन व्यापार अथवा नौकरी में प्रोमोशन समझना चाहिए।
Page #51
--------------------------------------------------------------------------
________________
कमल
यदि स्वप्न में कमल खरीदें, या कोई फाउण्टेन पेन भेट करे, तो शीघ्र ही उसकी पुस्तक प्रकाशित होगी, अथवा कीर्ति
बढ़ेगी। कस्तूरी
__ स्वप्न में कस्तूरी के दर्शन भी श्रेष्ठ समझे गये हैं । कस्तूरी का स्पर्श, या कस्तूरी खाना इस बात का प्रतीक है कि शीघ्र ही उसके हाथों कुछ ऐसा कार्य होगा, जिससे कि उसकी प्रसिद्धि
में विस्तार आयेगा। कांच
स्वप्न में दर्पण में मुंह देखना, काँच खरीदना लालसा एवं असीमित इच्छाओं का प्रतीक है। कामिनी
स्वप्न में कामिनी को देखने का फल यह है कि शीघ्र ही स्वप्नद्रष्टा अपने प्रेम-सम्बन्धों में सफल हो सकेगा। कारागार
स्वप्न में कारागार दिखाई देना किसी आकस्मिक विपत्ति का सूचक है, शीघ्र ही कुछ ऐसा घटित होगा, जिससे व्यर्थ ही .. परेशानी का सामना करना पड़े। कार्यालय
यदि स्वप्न में किसी अपटुडेट कार्यालय को देखें तो स्वप्नद्रष्टा शीघ्र ही मनोवांछित नौकरी पा सकेगा, ऐसा समझना
चाहिए। किताब
स्वप्न में किताब, या किताबों की दुकान या प्रकाशन-गृह दिखाई देना परीक्षा में उत्तीर्ण होने का सूचक है । किश्ती
यदि स्वप्न में किश्ती दिखाई दे, जो लहरों पर डोल रही
५०
Page #52
--------------------------------------------------------------------------
________________
हो तो व्यक्ति को समझना चाहिए कि शीघ्र ही घर अशुभ
समाचार सुने जाएंगे। कुंजर (हाथी)
स्वप्न में हाथी या गजराज का दिखना अत्यन्त शुभ है; शीघ्र ही घर में मंगलमय कार्य सम्पन्न होंगे, ऐसा समझना चाहिए।
कुन्दन
यदि स्वप्न में स्वर्ण प्राप्त हो, या सोने का ढेर दिखे, या घर में सोने की वर्षा हो तो शीघ्र ही आर्थिक हानि का सामना करना पड़ेगा।
कुओं
स्वप्न में कुआँ दिखाई देना शुभ है। कुत्ता
यह बीमारी का संकेतक है। कुक्कुट (मुर्गा)
घर के किसी सदस्य का एक्सीडेंट होना इस स्वप्न का फल है। कुसुम
स्वप्न में यदि बगीचा दिखे, या कुसुम लहलहाते दृष्टिगोचर हों, या कोई पुष्पमाला या पुष्प भेंट करे तो आरोग्यता
का चिह्न है। केदारनाथ
____ यदि स्वप्न में केदारनाथ धाम के दर्शन हों तो शुभ है, शुभ कार्यों में व्यय होगा, तथा सुफल तीर्थयात्रा होगी।
केसर
इसका फल भी 'कस्तूरी' के समान ही समझा जाना चाहिये। कैलाशपति
यदि स्वप्न में कैलाशपति शंकर के दर्शन हों तो यह विशेष शुभ है। घर में सुख-शांति एवं श्रेष्ठता रहेगी, ऐसा
Page #53
--------------------------------------------------------------------------
________________
समझना चाहिए।
कोढ़ी
स्वप्न में कोढ़ी या कुष्ठरोगी का दिखना बीमारी का प्रतीक है। कोयल
कोयल का स्वर, या बगीचे में कोयल को देखना प्रसन्नता का सूचक है।
कूर कर्म
यदि स्वप्न में अपने ही हाथों क्रूर कर्म हो जाय, तो शत्रु पर विजय समझनी चाहिए या मुकद्दमे में जीत समझी जानी
चाहिए। क्षत्रिय
स्वप्न में क्षत्रिय का दिखना वीरता का चिह्न है। शीघ्र कठिनाइयों पर विजय होगी तथा यश प्राप्त होगा, ऐसा समझा
जाना चाहिए। खग
इसका फल 'कोयल' के समान समझना चाहिए। खच्चर
इसका फल 'ऊँट' के समान समझना चाहिए। खिताब
यदि स्वप्न में कोई खिताब मिले, या पुरस्कार मिले तो यह पराजय, मानहानि, एवं विफलता का संकेतक है ।
खन
यदि स्वप्न में रक्त बहता हुआ दिखाई दे या खून निकलता दृष्टिगोचर हो तो शीघ्र ही किसी बीमारी का सामना
करना पड़ेगा। खिलौना खिलौने की दुकान, या खिलौने लाना अथवा खिलौनों से
५२
Page #54
--------------------------------------------------------------------------
________________
खेलना शुभ फलदायक है। गंगा
गंगा नदी के दर्शन शुभ फलद हैं, घर में मंगलमय समाचार सुनने को मिलेंगे, आरोग्यता रहेगी। गंगाजल
देखिए 'गंगा'। गगरी
यदि स्वप्न में कोई स्त्री कलश भरकर आ रही हो या गगरी उठाये चल रही हो तो यह धन-धान्य की पूर्णता का संकेतक है, शीघ्र ही लाभ होगा।
गर्दभ
देखें 'खच्चर' गोदड़
स्वप्न में गीदड़ का दिखना सफलता का सूचक है। गर्भपात
यदि स्वप्न में गर्भपात के समाचार सुनें या गर्भपात देखें तो घर में किसी सदस्य की अकाल मृत्यु समझनी चाहिए। गालीगुफ्तार
यदि स्वप्न में दो व्यक्तियों के बीच गालीगुफ्तार हो तो यह सुखद समाचार मिलने का संकेतक है। गीता
देखो 'गंगा'।
गीध
स्वप्न में गीध का दिखना अशुभ है ।
यदि स्वप्न में गुरुजी के दर्शन हो जाएँ, तो यह घर में मंगलमय कार्यों का प्रतीक है ।
३
Page #55
--------------------------------------------------------------------------
________________
गोताखोर
गोदान
पानी में यदि गोताखोर दिखाई दे या स्वयं जल में गोता लगावे तो ऐसे स्वप्न का फल स्पष्ट है, शीघ्र ही किसी गुप्त योजना का पता लगेगा, या पीठ पीछे होनेवाले षड्यन्त्र का भण्डाफोड़ होगा, यह स्पष्ट समझना चाहिए ।
यदि स्वप्न में अपने हाथों से गोदान हो तो घर के किसी वृद्ध की मृत्यु शीघ्र ही समझनी चाहिए ।
।
गोबर
ग्रहण
है ।
ग्राम
यदि स्वप्न में ग्रहण दिखाई दे तो शीघ्र ही उसपर झूठा इलजाम लगेगा, बदनाम होगा, या गलत गवाही में उलझना पड़ेगा ।
ग्रामीण
स्वप्न में गोबर का दिखाई देना पशुक्रय-विक्रय का सूचक
स्वप्न में ग्रामीण से मिलना अन्न- सम्बन्धी व्यापार में लाभ का सूचक है ।
देखो 'ग्रामीण' |
स्वप्न में ग्वाले का दिखाई देना रोग का सूचक है ।
घड़ियाल
यदि स्वप्न में घड़ियाल या ऐसा ही कोई जल का भारी जीव दिखाई दे तो यात्रा होगी तथा अच्छा लाभ होगा, ऐसा समझना चाहिए |
घाटी
ग्वाला
स्वप्न में घाटी दिखाई देना या घाटी में घूमना शुभफलद है ।
५४
Page #56
--------------------------------------------------------------------------
________________
स्वप्न में घाव खाना विजय का प्रतीक है, मुकद्दमे या आमने-सामने के युद्ध में विजय होगी, ऐसा समझना चाहिए।
देखो ‘अष्टभुजा' । पण्डबाज
चण्डूबाज का दिखना असफलता एवं हानि का संकेत है।
स्वप्न में चन्द्रदर्शन अत्यन्त शुभ है, इसका तात्पर्य है कि शीघ्र ही शुभ समाचार प्राप्त होंगे। चन्दन
इसका फल भी चन्द्रमा के समान ही समझना चाहिए। चढ़ाव
यदि स्वप्न में कोई पहाड़ या घाटी दृष्टिगोचर हो अथवा आप खुशी-खुशी घाटी पर चढ़ रहे हों तो इस स्वप्न-फलितार्थ के अनुसार शीघ्र ही उन्नति, प्रोमोशन या व्यापारिक लाम
होने का योग है। चपरासी
____ स्वप्न में चपरासी दिखना प्रतिकूल है। कार्य में विघ्न, बाधाएँ या कठिनाइयाँ उपस्थित होंगी तथा उच्चाधिकारियों से
मनमुटाव पैदा होगा। चरागाह
हरी-भरी चरागाह जहाँ समृद्धि एवं सुख की सूचक है, वहां सूखी एवं निर्जन चरागाह उदासी, खिन्नता एवं दुःख की। धर्मकार
स्वप्न में चर्मकार का दिखाई देना अशुभ माना गया है। चाबुक
यदि स्वप्न में चाबुक दिखाई दे, तो इसका स्पष्ट तात्पर्य
Page #57
--------------------------------------------------------------------------
________________
है कि शीघ्र ही किसी से युद्ध होगा या मुकद्दमेबाजी में उलझना
पड़ेगा। चिघाड़
___यदि स्वप्न में हाथी की चिंघाड़ सुनाई दे, तो यह समृद्धि
की सूचक है। चिराग
जलता हुआ चिराग जहाँ नवागन्तुक का प्रतीक है वहाँ बुझा हुआ चिराग मृत्यु-शो क एवं दुःख का।
चीता
स्वप्न में चीता दिखाई देना अनुकूल कहा गया है, इसका फलितार्थ यह है कि जो कार्य बिगड़ा हआ है, या जिस कार्यसम्पन्नता में विलम्ब हो रहा है, वह शीघ्र ही पूरा होगा।
पति या पत्नी के यह श्रेष्ठ स्वास्थ्य का प्रतीक है।
स्वप्न में यदि चेचकग्रस्त व्यक्ति दिखाई दे तो शीघ्र ही घर में रोग प्रवेश करेगा, या बीमारी की वजह से परेशान
होना पड़ेगा। चौमार्ग
स्वप्न में चौमार्ग या चौराहे को दिखना भटकी हुई मनःस्थिति का सूचक है तथा अस्थिर चित्तवृत्ति का प्रतीक है । छिनाल
स्वप्न में यदि छिनाल स्त्री नजर आवे तो यह शुभ संकेत है, घर में शीघ्र ही शुभ समाचार सुनने को मिलेंगे । छुरी
स्वप्न में यदि छुरी या छुरे का दिखना मन की मलिनता, दुष्टता एवं दूसरों को हानि पहुँचाने के विचारों का सूचक है।
Page #58
--------------------------------------------------------------------------
________________
छला
सजा-संवरा छैला यदि स्वप्न में दिखाई दे तो यह प्रसन्नता, आह्लाद एवं दिव्यता का प्रतीक है । जंगल
यदि स्वप्न में निर्जन जंगल दिखाई दे, तो समझ लेना चाहिए कि शीघ्र ही दुर्दिन आनेवाले हैं, तथा कई प्रकार की
कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। जगन्नाथपुरी
स्वप्न में जगन्नाथपुरी धाम का दर्शन शुभ एवं पवित्र विचारों का सूचक है। जटाधारी
___ यदि स्वप्न में जटाधारी साधु के दर्शन हो जाएँ, तो सम्पूर्णतः यह सिद्धिदायक है। जननी..
स्वप्न में मां के दर्शन होना अत्यन्त शुभ, अनुकूल एवं श्रेष्ठ कहा गया है। जयमाल
यदि स्वप्न में स्वयं के गले में जयमाल पहनी जाय, तो यह अशुभ एवं विपत्तिदायक है। जलप्लावित
स्वप्न में बाढ़ या चतुर्दिक जलप्लावन का दृश्य देखना ___ भावी आशंका, अनिष्ट या कठिनाइयों का संकेत है। जलज
कमल के दर्शन अनुकूल एवं सिद्धिप्रद कहे गये हैं। , जलद
बावल दिखाई देना भी स्वप्न-विशेषज्ञों के अनुसार शुभ है, पर यह कार्य-सिद्धिप्रद स्वप्न नहीं कहा जा सकता ।
५७
Page #59
--------------------------------------------------------------------------
________________
जवान
जवान या जवानों की टोली दृष्टिगोचर होना अनुकूल एवं रोगमुक्ति का सूचक है । जहर
जहर खाना, या किसी को जहर खाते देखना अशुभ है। जहाज
स्वप्न में वायुयान अथवा वायुयान-यात्रा अस्थिर मनोवृत्ति एवं उदासी की सूचक है। जादूगर
यदि स्वप्न में जादूगर दिखाई दे, तो किसी परिचित, मित्र या रिश्तेदार से धोखा मिलेगा, तथा हानि सहनी पड़ेगी। जामाता
जैवाई को स्वप्न में देखना समफल ही रहा है। जाल
___ स्वप्न में जाल का दिखाई देना मुसीबतों, परेशानियों एवं कठिनाइयों का सूचक है ।
जुआ
स्वप्न में यदि स्वयं जुआ खेले तथा हार जाय तो यह शुभ है, यदि जीत जाय तो अशुभ कहा जाता है।
पर यदि रेसकोर्स या लॉटरी टिकट के नम्बर दिखाई दें, तो उन नम्बरों का उपयोग दूसरे ही दिन कर लेना चाहिए, यह शुभ संकेत है।
जेब कटना
स्वप्न में जेब कट जाना, या दूसरों की जेब कटते देखना या सुनना विपत्ति एवं आर्थिक हानि का सूचक है। जेवर
स्वप्न में जेवर या आभूषण देखना अशुभ माना गया है, एवं यह भावी विपत्ति का सूचक है ।
५८
Page #60
--------------------------------------------------------------------------
________________
जेल
यदि स्वप्न में जेल दिखाई दे, तो शीघ्र ही उस पर झूठा लांछन आएगा, या झूठे मुकद्दमे में उलझना पड़ेगा, ऐसा सम
झना चाहिए। जोगी
देखिए 'जटाधारी'। जौहरी
जौहरी या रत्न देखना शुभ एवं उन्नतिसूचक माना गया
ज्योतिषी
____ स्वप्न में ज्योतिषी के दर्शन भाग्योदयकारक, पवित्र एवं शुभ माने गए हैं । ऐसा स्वप्न दुर्दिन मिटानेवाला एवं सर्वतो
मुखी उन्नति देनेवाला होता है । ज्वाला
स्वप्न में यदि ज्वाला दिखाई दे तो यह श्रेष्ठता, दिव्यता एवं शुभता की सूचक है ।
यदि स्वप्न में लहराता हुआ झण्डा दिखाई दे या ध्वजा दिखाई दे, तो शीघ्र ही प्रोमोशन या उन्नति होगी, ऐसा सम
झना चाहिए। झगड़ा
स्वप्न में झगड़ा या झगड़े को देखना विपत्ति का सूचक
झरना
इसका फल भी ‘झण्डा' के समान समझना चाहिए।
झूला
यह स्वप्न अस्थिर मनोवृत्ति का सूचक है।
५६
Page #61
--------------------------------------------------------------------------
________________
टकसाल
स्वप्न में टकसाल देखना समृद्धि का पर्याय है । अतः यदि ऐसा स्वप्न आवे तो शीघ्र ही लाभ होगा, यह समझना चाहिए।
टटू
यह अशुभ एवं शान्ति भंग करनेवाला स्वप्न है। टहनी
हरी-भरी टहनी जहाँ सुख-समृद्धि की सूचक है, वहाँ सूखी और कँटीली टहनी कष्ट, दुःख एवं परेशानियों की प्रतीक । टाल
सूखी लकड़ियों का ढेर मृत्युसूचक स्वप्न है । टिड्डी
टिड्डी या टिड्डीदल हानि, अर्थाभाव, एवं अभावों का सूचक है। टीका
कुंकुम का टीका, तिलक करना या टीका लगाते हुए देखना श्रेष्ठता का प्रतीक है। । टोपी
टोपियों की दुकान या टोपी देखना इज्जत एवं समृद्धि की सूचक है। ठाकुर
__यदि स्वप्न में कोई ठाकुर दिखाई दे, या ठाकुर का साथ हो तो निश्चय ही यह जीवन में अहंकार की वृद्धि है, जोकि उचित नहीं है।
ठग
यदि स्वप्न में ठग मिले, या ठगे जाएँ तो यह भुलक्कड़पन का पर्याय है ठाकुरद्वारा
. ठाकुरद्वारा स्वप्न में दिखाई देना शुभ एवं श्रेष्ठता का
६.
Page #62
--------------------------------------------------------------------------
________________
प्रतीक है।
यदि स्वप्न में किसी पेड़ का ठुठ दिखाई दे तो एकाकी जीवन का यह चिह्न है । हो सकता है, शीघ्र ही पुत्र घर से अलग हो जाए, या भाइयों का बँटवारा हो जाय अथवा स्थानान्तरण कहीं दूर हो जाय, जिससे एकाकी जीवन बिताने को बाध्य
होना पड़े। ठुमरी
ठुमरी के बोल सुनना शुभ माना गया है । डेंसना
यदि स्वप्न में किसी को सांप डॅस जाय तो यह हानिकारक एवं मृत्युकारक है, पर यदि स्वप्न में खुद को साँप डस
जाय तो शीघ्र ही धन की प्राप्ति होगी, ऐसा समझना चाहिए। डाकखाना
स्वप्न में डाकखाना या पोस्ट ऑफिस देखना यात्रा का
सूचक है। डाकगाड़ी
इसका फल भी 'डाकखाना' के तुल्य है । डॉक्टर
यदि स्वप्न में डॉक्टर दिखाई दे तो शीघ्र ही किसी परिचित की मृत्यु होगी, या रोगग्रस्त होगा, ऐसा समझना चाहिए ।
डाका
यदि स्वप्न में डाकू दिखें, या डाकुओं को कहीं जाता देखें, या डाका डालता हुआ देखें तो शीघ्र ही धन-नाश एवं व्यापा
रिक हानि होगी जिससे मनस्ताप होगा। डेरा
यदि स्वप्न में अस्थायी मकान या डेरा दिखाई दे तो ऐसा स्वप्न स्थानान्तरण का सूचक है।
Page #63
--------------------------------------------------------------------------
________________
डूबना
यदि नदी, तालाब या समुद्र में कोई डूबता हुआ नजर आये तो शीघ्र ही अनिष्ट होगा अथवा एक्सीडेंट होगा, ऐसा
समझना चाहिए। ड्योढ़ी
स्वप्न में ड्योढ़ी का दिखना मुकद्दमे में हार अथवा बन्दी जीवन का सूचक है। ढाल
यदि कोई व्यक्ति स्वप्न में ढाल देखे, तो वह व्यक्ति शीघ्र ही रोगमुक्त होगा, अथवा वर्तमान भय या संकट पर नियन्त्रण
कर सकेगा, ऐसा समझना चाहिए। ढोल
यदि स्वप्न में ढोल बजता हुआ देखें या सुनें तो यह मृत्यु का अथवा कठिनाइयों का सूचक है। तंडुल
स्वप्न में चावलों की ढेरी शुभसूचक है, जबकि स्वप्न में पके चावल खाना रोग की निशानी है। ताम्बूल
स्वप्न में पान खाना या पान खिलाना उत्तम स्वास्थ्य एवं विवाह होने की सूचना देनेवाला है । तकिया
स्वप्न में तकिया लगाकर सोना सुखी दाम्पत्य जीवन का पर्याय है। तक्षक
फन फैलाये हुए साँप को देखना अत्यन्त श्रेष्ठ एवं भाग्यवर्धक माना गया है। तख्त
स्वप्न में तख्त देखना या तख्त पर बैठना विरक्ति अथवा
Page #64
--------------------------------------------------------------------------
________________
मृत्यु का सूचक है। तड़ाग
पानी से भरा तालाब सुख-समृद्धि का सूचक है जबकि सूखा एवं खाली तालाब भावी हानि एवं अर्थ-क्षय का सूचक है। तपस्वी
स्वप्न में तपस्वी का दिखना श्रेष्ठ, शुभ एवं सफलता का सूचक है। तपस्विनी
देखो 'तपस्वी'। तबेला
स्वप्न में घोड़ों का अस्तबल दिखना कठिनाइयों का सूचक है। शीघ्र ही असम्भावित कठिनाइयों से जूझना पड़ेगा,
ऐसा समझना चाहिए। तम्बाकू
तम्बाकू खाते, पीते या सूंघते देखना रोग का ही सूचक
तमाचा
यदि स्वप्न में स्वप्नद्रष्टा को कोई तमाचा मार दे, तो यह दुःखवर्धक एवं मृत्युकारक सूचना है, पर यदि स्वप्नद्रष्टा किसी दूसरे को तमाचा मार दे, तो यह शत्रुओं पर विजय के
तुल्य समझना चाहिए। तरकारी
हरी तरकारी सुख-सौभाग्य एवं स्वास्थ्यवर्धन की सूचक
तरबूज
इसका फल भी 'तरकारी' के समान ही समझना चाहिए।
तराजू
यदि स्वप्न में तराजू दिखाई दे, तो यह सही न्याय का
६३
Page #65
--------------------------------------------------------------------------
________________
तरु
सूचक है । एक तरफ भावना तथा एक तरफ कर्तव्य होने पर भी भावना पर कर्तव्य विजयी होगा, यह निश्चित समझना चाहिए ।
हरा-भरा पेड़ जहाँ घर में सन्तानोत्पत्ति का सूचक है, वहाँ सूखा (ठूंठ) घर के किसी सदस्य की मृत्यु का सूचक है ।
तरुण
स्वप्न में तरुण का दिखाई देना वीरता, साहस एवं जोश का प्रतीक है ।
तरुणी
यदि गहनों से सजी-धजी तरुणी नजर आवे तो यह सौभाग्यवर्धक है ।
तर्पण करना घर के किसी वृद्ध सदस्य की मृत्यु होना है ।
यदि स्वप्न में तलवार दिखाई दे, तो शीघ्र ही मुकद्दमे में विजय प्राप्त होगी, अथवा मनोवांछित कार्य सिद्ध होगा, ऐसा समझना चाहिए ।
तर्पण
तलवार
तस्कर
तस्कर से मिलना या तस्कर देखना धन हानि, घाटा या सार्वजनिक अपमान का सूचक है ।
तलाक
यदि स्वप्न में तलाक मिल जाय, या उसे तलाक दे दे, या वह तलाक ले ले तो शीघ्र ही गृहकलह होगी । पत्नी नौकरी में हो तो अलग-अलग स्थानों पर नौकरी करनी पड़ेगी, ऐसा समझना चाहिए |
ताम्बा
स्वप्न में ताम्बा, ताम्बे की खान या ताम्बे के बर्तन दिखना घर के किसी दूरस्थ रिश्तेदार की मृत्यु का सूचक है :
६४
सु० - १५१
Page #66
--------------------------------------------------------------------------
________________
ताजमहल
___ स्वप्न में ताजमहल का दिखना पत्नी से सम्बन्ध-विच्छेद
का सूचक है। ताम्रपत्र
इसका फल भी 'ताम्बा' के समान ही समझना चाहिए।
तारे
यदि स्वप्न में तारे दिखाई दें, तो यह शुभ एवं मनोरथ सिद्ध करनेवाला स्वप्न है।। ताला
स्वप्न में ताला दिखना सुरक्षा का सूचक है। तावीज
यदि स्वप्न में कोई व्यक्ति स्वप्नद्रष्टा के गले या बाँह पर . तावीज बाँधे तो यह उसकी विजय एवं श्रेष्ठता का चिह्न है,
शीघ्र ही किसी महत्त्वपूर्ण कार्य में सफलता मिलेगी। तितली
___ यदि तितली या बगीचे में उड़ती तितलियाँ दृष्टिगोचर हों तो प्रसन्नता का सूचक है, शीघ्र ही शुभ समाचार प्राप्त होंगे। तिमंजिली
तिमंजिली इमारत का दिखना खयाली पुलाव या झूठी कल्पना की बहुलता का चिह्न है । तिरंगा
यदि स्वप्न में हवा में लहराता तिरंगा ध्वज दृष्टिगोचर हो तो यह शुभ एवं उन्नतिसूचक कहा जाएगा। तिरस्कार
यदि स्वप्न में कोई तिरस्कार कर दे, या सार्वजनिक रूप से अपमानित कर दे तो यह शुभ है । शीघ्र ही शत्रुओं पर विजय होगी, ऐसा समझना चाहिए।
६५
Page #67
--------------------------------------------------------------------------
________________
तिल
स्वप्न में तिल की खेती, तिल का ढेर या तिल के लड्डू देखना अशुभ माना गया है । शीघ्र ही अघटित घटनाएँ घटित होंगी, ऐसा समझना चाहिए ।
तोरण
स्वप्न में यदि तोरण दिखाई दे, तो घर में मांगलिक कृत्य सम्पन्न होंगे, तथा किसी अविवाहित का विवाह होगा, यह स्पष्ट समझना चाहिए ।
तीर्थ
स्वप्न में तीर्थ यात्रा, या तीर्थों के दर्शनों को अत्यन्त शुभ एवं पवित्र माना गया है ।
तुरंग
यदि स्वप्न में सुन्दर पानीदार घोड़ा नजर आवे, तो यह समझ लेना चाहिए कि शीघ्र ही यात्रा होगी, तथा जिस कार्य के लिए यात्रा हो रही है वह निस्संदेह सफल होगी ।
तुलसी -
स्वप्न में किसी घर में उगे तुलसी के पौधे को देखना मंगलमय माना गया है, मंगलमय समाचार मिलेंगे, जिससे हर्ष बढ़ेगा, ऐसा समझना चाहिए ।
तूफान
यदि स्वप्न में तूफान नजर आवे, तो यह अस्त-व्यस्तता का चिह्न है । कुछ-न-कुछ ऐसा घटित होगा, जो शांत जीवन को अस्त-व्यस्त कर देगा, तथा मानसिक अशान्ति बढ़ेगी, ऐसा प्रतीत होता है ।
तृण
सूखी घास पराजय का संकेत है, साथ ही अर्थक्षय की आशंका भी ।
६६
Page #68
--------------------------------------------------------------------------
________________
तेजाब
यदि स्वप्न में तेजाब नजर आवे, तो घर में आग लगेगी या अग्नि से नुकसान होगा, ऐसा समझना चाहिए ।
तेल
स्वप्न में तेल, या तेल-मालिश करना या कराना अशुभ है । ऐसा स्वप्न आने पर यह समझना चाहिए कि शीघ्र ही रोग ग्रस्त होना पड़ेगा तथा शारीरिक हानि उठानी पड़ेगी ।
तैराक
यदि समुद्र, नदी या तालाब में स्वयं तैरे और तैरता - तैरता दूसरे किनारे पर चला जाय, तो यह कठिनाइयों पर विजय प्राप्त करने का सूचक है, पर यदि बीच में ही डूबने की स्थिति बन जाय, और तैरते तैरते थक जाय तो इसे अशुभ, पराजय एवं हानि से सम्बन्धित समझना चाहिए ।
तेल - मर्दन
तोप
देखिये 'तेल' ।
यदि स्वप्न में तोप दिखाई दे, तो इसका तात्पर्य यह है कि अभी तक जिन मुसीबतों से गुजर रहे हैं, उनपर भली प्रकार से विजय प्राप्त कर सकेंगे, एवं समस्याओं का समाधान कर सकेंगे ।
तोरणमाल
स्वप्न में तोरणमाल का दिखाई देना शुभ है, घर में मांगलिक कार्य होगा, एवं शुभ समाचार मिलेंगे, ऐसा समझना चाहिए । तौहीन
यदि स्वप्न में कोई तौहीन करे, तो यह शुभ है, पर यदि द्रष्टा किसी दूसरे की तौहीन करे तो यह सपना अशुभ फल का ही कहा जायगा ।
६७
Page #69
--------------------------------------------------------------------------
________________
त्यागपत्र
स्वप्न में त्यागपत्र लिखकर देना शुभ नहीं कहा जाता । 'त्यौहार
___ यदि स्वप्नद्रष्टा स्वप्न में कोई त्यौहार मनावे, रंग-बिरंगे वस्त्र पहने, फुलझड़ियाँ छोड़े अथवा ढोल बजे, गीत गाये जाएँ, तो यह शुभ नहीं कहा जाता तथा अशुभ फल देनेवाला स्वप्न माना गया है । त्रिनेत्र
शिव का दर्शन शुभफलदायी एवं मनोवांछित कार्य सिद्धि वाला माना गया है। त्रिपुरारी
देखिए 'त्रिनेत्र'। त्रिशूल
___ यदि स्वप्न में त्रिशूल दिखाई दे, तो ऐसा स्वप्न प्रबल शत्रुहन्ता एवं कठिनाइयों पर विजय प्राप्त करनेवाला माना गया
थानेदार
___ यदि स्वप्न में थानेदार दिखाई दे, तो शीघ्र ही किसी से वाद-विवाद होगा, झगड़ा होगा, तथा मुकद्दमेबाजी होगी, ऐसा
समझना चाहिए। थेली
___यदि स्वप्न में थैली दिखाई दे तो इसे अशुभ संकेत समझना चाहिए वैसे सुनने में ऐसा आया है कि इस प्रकार के स्वप्न का फल धन-प्राप्ति रहा है तथा आकस्मिक धनयोग बनता
दंगल
यदि स्वप्न में दंगल दिखाई दे, या दो पहलवान लड़ते हुए नजर आवें, तो निश्चय ही यह विजय का चिह्न है, शीघ्र ही
Page #70
--------------------------------------------------------------------------
________________
संघर्ष में विजय मिलेगी तथा शत्रु परास्त होगा।
यदि स्वप्न में कोई दण्ड देता हुआ दिखाई दे तो यह यंत्रणा का प्रतीक है, शीघ्र ही कुछ कठिनाइयाँ आएँगी, जिससे परेशान होना पड़ेगा। दम्पति
___ यदि स्वप्न में पति-पत्नी का जोड़ा नजर आवे तो यह एक शुभ चिह्न है। यदि स्वप्नद्रष्टा पति या पत्नी से दूर हैं, तो निश्चय ही दोनों का मिलन होगा, मनोवांछित स्थान पर स्थानान्तरण होगा, तथा पारस्परिक जीवन मधुर रहेगा। दतीन
स्वप्न में दतौन तोड़ना या दतौन करना शुभ संकेत है, स्वास्थ्य सुधरेगा, रोग से मुक्ति मिलेगी, आदि इसका फल है। . दक्षिणा
स्वप्नद्रष्टा यदि किसी ब्राह्मण को दक्षिणा दे तो यह अनुकूल है, शीघ्र ही गुप्त एवं आकस्मिक धन-प्राप्ति होगी। दरबार
स्वप्न में किसी राजा का दरबार नजर आवे तो यह निश्चित समझ लें कि छः महीनों के अन्दर-अन्दर मृत्यु होगी। दरिद्र
यदि स्वप्न में दरिद्र व्यक्ति से भेंट हो, या दरिद्री के साथ जीवनयापन करना पड़े, तो जबर्दस्त हानि होने की संभावनाएँ
बन जाती हैं। दर्जी
स्वप्न में दर्जी का दिखना स्वप्नदर्शियों के अनुसार अशुभ माना गया है।
दर्द
यदि स्वप्न में शरीर के किसी हिस्से में दर्द बढ़े, या दर्द से
६६
Page #71
--------------------------------------------------------------------------
________________
चिल्लावे, तो शीघ्र ही वास्तविक जीवन में भी इसी स्थिति से गुजरना पड़ेगा।
दर्पण
यदि स्वप्न में दर्पण में मुंह देखे, या दर्पण देखकर शृंगार करे, तो यह अशुभ है, शीघ्र ही किसी विपत्ति से उलझना पड़ेगा, एवं मानसिक परेशानियाँ बढ़ेगी। दवा
स्वप्न में दवा खाना या दवा देना (आयुर्वेदिक) शुभ माना गया है, तथा यह सुधरते हुए स्वास्थ्य का संकेतक है। दशकंठ
यदि स्वप्न में रावण दिखाई दे, तो यह निश्चित समझना चाहिए कि मनोवांछित कार्य शीघ्र ही इच्छानुसार सम्पन्न
होग।। दान
स्वप्न में दान देना या दान लेना शुभ माना गया है। दामिनी
यदि स्वप्न में घटाएँ दिखें, तथा बिजली चमकती हुई नजर आवे, तो यह क्षमता का संकेत देती है, अर्थात् यह स्वप्न इस बात का बोध कराता है कि जो कुछ करना है शीघ्र कर लो अन्यथा एक बार जो अवसर हाथ से चला जाएगा, वह पुनः प्राप्त नहीं हो सकेगा। दारू
मद्यपान करना या दूसरे को मद्यपान कराना-इस स्वप्न का फलितार्थ वास्तविक जीवन में गलतफहमियों की वृद्धि है । कुछ घटनाएँ ऐसी घटित होंगी जिनसे पारस्परिक मतभेद बढ़ेंगे,
उलझनें बढ़ेगी, तथा संघर्षमय समस्यायें बढ़ेगी। दास
यदि स्वप्न में नौकर नजर आवे, तो जीवन में भौतिक सुखों
७०
Page #72
--------------------------------------------------------------------------
________________
की वृद्धि होगी, एवं जीवन ज्यादा सुखमय गुजरेगा। दाह-क्रिया
___स्वप्न में चिता जलती हुई देखे, या किसी का दाह-संस्कार देखे, अथवा अपने हाथों से दाह-संस्कार करे, तो यह शुभ स्वप्न है, शीघ्र ही अप्रत्याशित धन-प्राप्ति होगी, यह निश्चित समझना चाहिए।
कुछ ही समय पहले मैं बंबई में फिल्म से संबंधित एक प्रमुख व्यक्ति के घर पर ठहरा था। मेरे-उनके अत्यन्त मधुर संबंध हैं, मुझे आदर देते हैं, मेरी किसी बात को टाला नहीं, स्वभावतः मेरा भी उनके प्रति मधुर सहज स्नेह है।
___ रात्रि को पूजा-पाठ करके मैं लगभग ग्यारह बजे दूध पीकर अतिथि-कक्ष में सो गया । उस दिन उन्होंने व्रत रखा था, अत: न पार्टी में गए, न शराब पी और न किसी प्रकार का नशा किया ।
रात्रि को लगभग चार बजे नौकरों के इधर-उधर भागने और आने-जाने की पदचाप सुनी । यों भी मैं साढ़े तीन बजे उठ जाता हूँ। दैनिक कार्य कर मैंने स्नान किया ही था कि उनकी धर्मपत्नी हाँफती हुई आई, बोली कुछ नहीं।।
__ मैंने पूछा--क्या बात है बहू ! चुप क्यों हो ? हाँफ क्यों रही हो ?
बोली- उनकी तबीयत कुछ खराब हो गई है, कोई बुरा स्वप्न देखा है।
मैंने उन्हें नीचे भेज दिया । कपड़े बदल मैं खुद नीचे गया तो डॉक्टर इंजेक्शन लगा रहा था। डॉक्टर को पूछने पर उसने बताया, कोई खास बात नहीं, 'हार्ट पल्टीटेशन' है। नींद का इंजेक्शन दे दिया है, सुबह तक 'नॉर्मल' हो जायेंगे।
डॉक्टर चला गया। उन्होंने एकान्त में मुझे कुछ कहना चाहा । सभी बाहर निकल गए। पत्नी खड़ी रही तो उन्होंने उसे भी दो मिनट के लिए बाहर जाने को कह दिया ।
७१
Page #73
--------------------------------------------------------------------------
________________
जब एकान्त हो गया, तो बोले - पंडितजी ! एक अत्यन्त दुःखद स्वप्न अभी-अभी देखा है । मैंने स्वप्न में देखा कि मेरे दोनों पुत्र मर गए हैं, तथा मैंने स्वयं उनका दाह-संस्कार किया । उफ् ! ऐसा बुरा स्वप्न, और वह भी प्रातःकाल के समय ! भगवान् जाने क्या होगा ?
मैंने दो क्षण विचार किया, पूछा- दाह-संस्कार तुमने अपने हाथों से किया ?
– हाँ !
- और साथ में कौन था ?
- मेरी पत्नी और मैं, बस दो ही ।
कहाँ किया ?
पंडितजी ! यही तो आश्चर्य है ? श्मशान घाट पर न करके पूना में किया ।
- मृत्यु कैसे हुई ?
- दोनों रेस के मैदान में घोड़े दौड़ा रहे थे, अचानक घोड़े उलट गए और मारे गए । सब कुछ इन आँखों से देखा । और— वह फफक पड़े ।
-
वह फफक रहे थे, और मैं मुस्करा रहा था। इंजेक्शन के प्रभाव से उन्हें नींद आने लग गई थी और मुझे सूर्योदय तक उन्हें जागते रखना था जिससे इस श्रेष्ठ स्वप्न का सुफल समाप्त न हो जाय ।
मैंने जवाब दिया - चिन्ता की कोई बात नहीं, यह स्वप्न शुभ है, और कल रेस में तुम इनाम जीतोगे, पर तुम्हें जागते रहना है, सोना नहीं है । हाँ यह बात अभी घर के अन्य सदस्यों को नहीं बतानी है ।
वह हर्ष के मारे उछल पड़े । मुझ पर उन्हें भरोसा है, पर इंजेक्शन भी प्रभाव दिखा रहा था । मैंने घर के सभी सदस्यों को बुला लिया, और कमरे में बिठा दिया। घर का बूढ़ा नौकर ७२
Page #74
--------------------------------------------------------------------------
________________
रघुवर भजन गाने में बेजोड़ है, उसे भजन गाने की आज्ञा दी । झाँझ - चिमटा - ढोलक सभी वहीं मँगा दी गईं ।
बड़े लड़के ने कहा--पर चाचा जी, डॉक्टर ने तो — "मैं भी तो डॉक्टर हूँ । जैसा मैं कह रहा हूँ । वही करो इन्हें नींद नहीं आनी चाहिए, यह तुम्हारी ड्यूटी है । भजन बोलने में घर के सभी सदस्य भाग लेंगे, जिस प्रकार पूर्णिमा के दिन लेते हैं ।
..
लड़के का चेहरा कह रहा था- - कमाल है ! हार्ट स्पेशियलिस्ट विश्राम की सलाह देकर गया है, पंडितजी कमरे में भजन गवा रहे हैं। पर उसने जुबान से कुछ नहीं कहा, जमीन पर बिछी दरी पर बैठ गया ।
मैं प्रातः पूजा-पाठ निबटाने अपने कक्ष में चला गया । साढ़े छः बजे जब लौटा तो अखण्ड भजन हो रहा था और वह जाग रहे थे।
वह उठे, स्नादि से निवृत्त हुए । उस दिन रेस थी । कार में हम सब रेस के मैदान में गए, पाँच घोड़ों पर नम्बर लगाए, और वे पाँचों ही घोड़े जीते, उस दिन उन्होंने कई लाख जीते । वह दिन सम्भवतः उनके जीवन का सर्वश्रेष्ठ दिन था ।
बाद में रात्रि को जब घर के सभी सदस्यों को भजन-कीर्तन करने और नींद न लेने-देने का खुलासा बताया, तो वे चकित रह गए, अस्तु ।
दिनकर
स्वप्न में सूर्योदय देखना शुभ है, जब कि सूर्यास्त देखना अशुभ ।
दिवाला
यदि स्वप्न में स्वयं का दिवाला निकल जाय, तो यह शुभ संकेत है, पर यदि किसी दूसरे का दिवाना निकलता देखें या स्वप्न में सुनें, तो यह हानिप्रद है, अर्थक्षय तथा घाटा देने का
७३
Page #75
--------------------------------------------------------------------------
________________
संकेत है । दीक्षान्त
यदि स्वप्न में दीक्षान्त समारोह हो तो व्यक्ति निश्चय ही परीक्षा में पास हो, या " कम्पीटीटिव एग्जामिनेशन" दे तो निश्चय ही सफलता प्राप्त करे ।
दीपक
जलता हुआ दीपक समृद्धि का सूचक है. धनागम का संकेत है, जबकि बुझा हुआ दीपक निराशा, कठिनाइयों एवं बाधाओं
का ।
दीपावली
दीवार
·
दीपावली का दिखना समृद्धि का सूचक है ।
स्वप्न में दीवार का दिखना कार्य में बाधा या रुकावट का
संकेत है । दुःखिनी
यदि स्वप्न में कोई दुःखी स्त्री, या रोती हुई स्त्री मिले तो अशुभ, पर उससे वार्तालाप हो तो शुभ कहा गया है ।
दुकान
यदि स्वप्न में दुकान नजर आवे तो यह समझना चाहिए कि शीघ्र ही व्यापार में वृद्धि होगी तथा आर्थिक लाभ होगा ।
दुग्ध
दुग्ध-पानी या दूध दोहना अथवा दूध से बनी मिठाई खाना या बनाना बुरा एवं अशुभ माना गया है, इससे वास्तविक जीवन में कई कठिनाइयाँ आती हैं ।
दुर्ग
यदि स्वप्न में कोई दुर्ग नजर आवे, या दुर्ग में बैठे, या दुर्ग पर चढ़ाई करे, तो यह सफलता का सूचक है, तथा शीघ्र ही कठिनाइयों पर विजय पाई जा सकेगी, ऐसा समझना चाहिए ।
७४
Page #76
--------------------------------------------------------------------------
________________
दुर्गा
स्वप्न में दुर्गा की मूर्ति देखना शुभ एवं कल्याणकारी होता
दुर्घटना
यदि स्वप्न में कोई दुर्घटना हो जाय या एक्सीडेंट हो जाय तो इस स्वप्न को ज्यों-का-त्यों सही मानना चाहिए, वास्तविक जीवन में भी इस प्रकार की दुर्घटना होने की आशंका बराबर
बनी रहती है। दुर्व्यवहार
_ स्वप्न में किसी के साथ दुर्व्यवहार करना शुभ नहीं है, पर कोई दूसरा स्वप्नद्रष्टा के साथ दुर्व्यवहार करे तो यह शुभ है ।
दुष्ट
दुष्ट की संगति या उससे वार्तालाप स्वप्नवेत्ताओं के अनुसार अशुभ ही माना गया है ।
देखो 'दुग्ध' दूरबीन
स्वप्न में दूरबीन देखना, खरीदना या दूरबीन का प्रयोग भावी योजनाओं को सही-सही रूप से समझने की ओर संकेत
करता है। दूरदर्शक
स्वप्न में टेलीविजन देखना या खरीदना भावी आमोदप्रमोद का संकेतक है । भविष्य में जीवन ज्यादा सुखमय बन
सकेगा, इसकी ओर यह इंगित करता है । देवता
देवताओं के दर्शन शुभ एवं कल्याणकारी माने गए हैं। देवस्थान इसका फल भी 'देवता' के समान ही है।
७५
Page #77
--------------------------------------------------------------------------
________________
देवर
देवर को देखना या देवर से चुहल करना जीवन में सहयोग का संकेतक है । यदि अभी तक पति-पत्नी में मनमुटाव है, तो शीघ्र ही समझौता हो सकेगा ।
देवरानी
देवरानी को देखना या उससे बातचीत करना, घर में कलह का सूचक समझना चाहिए । यह कलह घर के किसी भी सदस्य से हो सकती है ।
देवी
देखिए 'देवता' |
स्वप्न में दैत्य को देखना रोग मुक्ति का सूचक है । साथ ही यह वीरता, साहस एवं हिम्मत का संकेतक भी ।
देववाणी
दैत्य
यदि स्वप्न में कोई देववाणी सुनाई दे, तो यह अक्षरशः सत्य सिद्ध होती है ।
दौड़
स्वप्न में दौड़ प्रतियोगिता में भाग लेना, या दौड़ना मन की असीम इच्छाओं का प्रतीक है, मन की भावनाएँ हैं कि मैं सबसे आगे रहूँ, कुछ ऐसा कार्य करूँ जिससे मैं अन्य से 'अलगअलग नजर आऊँ ।
द्विज
द्विज के दर्शन करना या मिलना अथवा वार्तालाप करना शुभ संकेतक है ।
द्वीप
द्वीप जीवन के ठहराव का संकेतक है। इसका तात्पर्य यह है कि आप इन दिनों जो दौड़धूप कर रहे हैं, परेशान हो रहे हैं, उससे मुक्ति मिलेगी, तथा उन कठिनाइयों से मुक्ति पा सकोगे ७६
Page #78
--------------------------------------------------------------------------
________________
जिन कठिनाइयों से अभी तक आप जूझ रहे हों ।
धक्का
धन
स्वप्न में भीड़भाड़ में जाना या धक्का लगना हानि अथवा अपमान का सूचक है ।
यदि स्वप्न में धन मिल जाय, या भूमि खोदते समय उसमें से खजाना निकल आए, तो यह आर्थिक उन्नति एवं शुभता का सूचक है, शीघ्र ही लाभ होगा, तथा आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी ।
धनुष
धनुष देखना या धनुष पर तीर चढ़ाकर निशाना लगाना आदि विजय के सूचक हैं, शीघ्र ही मनोवांछित कार्य में सफलता मिलेगी, ऐसा समझना चाहिए ।
धर्माध्यक्ष
इसका फल भी 'देवता' के समान ही समझना चाहिए ।
देखिए 'धर्माध्यक्ष' ।
यदि स्वप्न में धूप निकले, या धूप स्नान हो, अथवा घूप में चलना पड़े, तो यह शुभता का संकेत है ।
धूम
धर्मोपदेशक
धूप
स्वप्न में यदि धुआँ नजर आवे, तो यह इस बात का सूचक है कि शत्रु- वृद्धि होगी, तथा उनके द्वारा आपको परेशान होना पड़ेगा ।
धूर्त
धूर्त से मिलना या बात करना अथवा उसकी संगति करना छलमय है । व्यावहारिक जीवन में शीघ्र ही धोखा खाना पड़ेगा, या छल होगा ।
७७
Page #79
--------------------------------------------------------------------------
________________
धोखा
इसका फल भी 'धूर्त' के समान ही होगा। घोखेबाज
इसका फल 'धूर्त' के तुल्य समझना चाहिए। धोती
यदि स्वप्न में धोती पहनें तो यह शुभ एवं पवित्रता का सूचक है, सात्विक विचार बने रहेंगे, यह स्पष्ट समझना चाहिए।
धोबी
धोबी का मिलना या धोबी से बातें करना कठिनाइयाँ पैदा . होने का संकेत है।
नंगा
• यदि स्वप्न में नंगे व्यक्ति से उलझना पड़े तो इसका फलितार्थ यही होगा कि शीघ्र ही अपमान का कड़वा चूंट पीना
पड़ेगा, अथवा किसी से वाद-विवाद में मानहानि हो सकती है। नणदोई
नगदोई को देखना प्रेम-प्रसंग में सुदृढ़ होना है । इन दिनों आपका जो रोमांस चल रहा है, वह दृढ़ होगा। नकटा
स्वप्न में नकटा देखना या नकटे से बात करना अशुभ माना गया है, तथा व्यावहारिक जीवन में विघ्न का चिह्न है ।
इन दिनों जो कार्य हो रहा है उसमें व्यवधान उपस्थित होगा । नक्शा
स्वप्न में नक्शा देखना भावी सुनिश्चित योजना का फल है, आप इन दिनों जो प्लान बना रहे हैं वह निश्चय ही सफल होगा। .
नक्षत्र
देखिए 'तारे'।
७८
Page #80
--------------------------------------------------------------------------
________________
नख
स्वप्न में नख काटना रोगसूचक है, शीघ्र ही आप रोगग्रस्त ___ होंगे, ऐसा समझना चाहिए। नगपति
___पहाड़ को देखना या पहाड़ चढ़ना व्यावहारिक जीवन में सुनिश्चित योजना का सुफल है, शीघ्र ही उन्नति की ओर
अग्रसर होंगे, ऐसा समझे । नग्न
देखिए 'नंगा'। नट
नट के करतब स्वप्न में देखना या नट को देखना वास्तविक जीवन में ठोस योजना का अभाव है । इसका तात्पर्य यह है कि आप इन दिनों कल्पना पर ही ज्यादा निर्भर हैं, वास्तविक सत्य से विमुख हो रहे हैं। नटिनी
देखिए 'नट'। नदी
यदि स्वप्न में नदी दिखाई दे तो यह जीवन में सरलता एवं विचारों की उन्मुक्तता की प्रतीक है । इन दिनों जो मानसिक यन्त्रणा या बोझ आप भुगत रहे हैं, उससे शीघ्र ही मुक्ति मिलेगी, एवं आप अपने को स्वस्थ्य अनुभव कर सकेंगे । नभ
देखिए 'आकाश' नमक
स्वप्न में नमक का ढेर देखना, या नमक खाना आरोग्यता का सूचक है, आप शीघ्र ही स्वस्थ होंगे, या घर में आप किसी सदस्य की बीमारी से चिंतित हैं तो शीघ्र ही आप उन्हें स्वस्थ पाएंगे।
Page #81
--------------------------------------------------------------------------
________________
नरक
नरक में विचरण करना या नरक में तड़पते हुए लोगों को देखना वास्तविक जीवन में धर्म की न्यूनता है। आप दिनों-दिन
दुष्ट कार्यों की ओर अग्रसर हो रहे हैं । नरसिंह
देखिए 'देवता'। नरपति
राजा को देखना शुभ माना गया है। नर्तकी
___ यदि स्वप्न में नर्तकी दृष्टिगोचर हो, तथा स्वप्न-दर्शक रुचि लेकर उसका नृत्य देखे तो यह शुभ है। उसके वास्तविक जीवन में आमोद-प्रमोद एवं भौतिक सुखों की वृद्धि होगी, तथा
वह अधिक सुखमय जीवन व्यतीत कर सकेगा। नवाब
स्वप्न में नवाब को देखना आलस्य एवं अकर्मण्यता की वृद्धि का सूचक है, तथा वास्तविक जीवन में धन-लालसा बढ़ने
की ओर इंगित है। नशेबाज
स्वप्न में नशेबाज को देखना अशुभ माना गया है । नाखून
देखिए 'नख'। नागपाश
यदि स्वप्न में कुण्डली मारकर बैठा हुआ सांप दिखाई दे तो यह राज्यवृद्धि, सम्मानवृद्धि एवं प्रभुत्ववृद्धि की ओर संकेत
करता है। नाटक
यदि कोई व्यक्ति स्वप्न में नाटक देखे, तो यह अशुभ है। व्यापार में घाटा, नौकरी में पदच्युति या स्थानान्तरण अथवा ८०
सु०-१५१
Page #82
--------------------------------------------------------------------------
________________
"मुझे घुटन के इस धुंधलके से पार ले चलो, रोहित ! मेरा दम घुटा जा रहा है। डरती हूँ कि मेरा सीना न फट जाय ! अबला समझकर ही सही, मुझे इस नरक से निकाल लो ! मैं इस समय बदनामी चाहती हूँ। बस, एक हफ्ते के लिए मुझे बदनामी का दान दे दो!" रोमा ने बड़ी दीनता के साथ रोहित के पांव पकड़ लिये।
Pl नारी का एक और रूप ।
सपना । की लेखनी से उतरा है
यह उपन्यास ही नहीं नाजुक अनुभूतियों का अमृत-मंथन है
H2, दरिया गंज नई दिल्ली 110002
Page #83
--------------------------------------------------------------------------
________________
"तुम अपने दिल में कांटों के गुच्छे कब तक रख सकती हो, मंजरी? कब तक विष घोल सकोगी?"
"जब तक बर्दाश्त कर सकेंगी। मेरा कलेजा बहुत विशाल है, विकी ! बर्दाश्त करने का सुख भी निराला होता है।" ____ "नहीं, मंजरी! तुम गलत कह रही हो। आदमी के दिल की बगावत के अंगारों पर तुम बर्फ उडेल रही हो। बगावत की आग भड़काने के लिए होती है, बुझाने के लिए नहीं !"
बगावत
& विशाल का आगामी अविस्मरणीय"
उपन्यास सुबोध पॉकेट बुक्स 2 दरियागंज, नई दिल्ली-110002
Page #84
--------------------------------------------------------------------------
________________
सार्वजनिक जीवन में लांछन सहन करना पड़ेगा। नाभि
स्वप्न में नाभि देखना अशुभ माना गया है। नायिका
इसका फल 'नर्तकी' के समान समझें । नारी
स्वप्न में सुहागिन स्त्री को देखना शुभ है जबकि विधवा को देखना अशुभ। नाव
देखिये 'तरणि'। नासूर
यदि स्वप्न में नासूर स्वयं के शरीर में हो, तो यह व्याधिसूचक है और शरीर में रोग बढ़ेगा। नास्तिक
___ स्वप्न में नास्तिक मिलना अधर्म का सूचक है । स्पष्ट है कि वास्तविक जीवन में अधर्म एवं दुष्टता की ओर चरण तेजी से बढ़ रहे हैं।
निद्रा
स्वप्न में नींद लेना शुभ है। निधि
दि स्वप्न में खजाना नजर आवे, तो वह शुभ है । जो स्थान नजर आवे, उस स्थान का उपयोग किया जाय, तो लाभ
रहेगा। . निर्जन
यदि स्वप्न में कोई निर्जन स्थान दिखाई दे, तो यह स्वप्नद्रष्टा के लिए अशुभ है। इसका तात्पर्य यह है कि स्वप्न-द्रष्टा इन दिनों एकाकी, उदासीन एवं चिंतित है, वह शांति चाहता है।
परन्तु इस प्रकार का स्वप्न इस बात का सूचक है कि उसकी
८१
Page #85
--------------------------------------------------------------------------
________________
चिन्ता मिटेगी नहीं अपितु कुछ बढ़ेगी ही। निर्वाचन
__ स्वप्न में निर्वाचित हो जाना या जीत जाना शुम नहीं कहा गया है। नीलाम
___ यदि जातक अपने घर का सामान नीलाम होता हुआ देखे, या स्वयं नीलाम करे तो यह भावी दुःखद घटनाओं का पूर्व
संकेत है, भविष्य में आर्थिक हानि होने की पूरी सम्भावना है। निशाचर
देखिये 'दैत्य'। निष्कासन
यदि कोई स्वप्न-द्रष्टा को निष्कासन दे दे तो यह यात्रा का सूचक है, शीघ्र ही यात्रा करनी पड़ेगी। निशानाथ
देखिये 'चन्द्र'। निस्तब्धता
देखिये 'निर्जन'। नोड़
यदि स्वप्न में स्वप्नद्रष्टा पक्षियों के घोंसले तोड़ता है, तो उसका मकान गिरेगा या बाढ़ में बहेगा या मकान-सम्बन्धी समस्याएँ आयेंगी, ऐसा समझना चाहिए। नीलकंठ
देखिए 'देवता'। नूपुर
इसका फल भी नर्तकी के समान है।
नृपति
देखिए 'नरपति'।
८२
Page #86
--------------------------------------------------------------------------
________________
नसिह .
देखिए 'नरसिंह।
नेत्र
स्वप्न में ज्योति मिलना, या नेत्रों का दान शुभ संकेत है ।
नौकर
+
।
देखिए 'दास'। नौका
देखिए 'नाव'। नौगमन
इसका फल भी नाव के सदृश ही है। नौटंकी
देखिए 'नाटक' । नौबतखाना
स्वप्न में नौबतखाने को देखना या नौबत बजाना अशुभ माना गया है। शीघ्र ही किसी संकट का सामना करना पड़ेगा,
ऐसा समझना चाहिए। नौलखाहार.
स्वप्न में नौलखाहार का मिलना अशुभ एवं बुरा समय आने का सूचक है। न्यायाधीश
- यदि स्वप्न में न्यायाधीश दिखे तो इसका सीधा-सादा अर्थ यह है कि इन दिनों आप अन्याय के पथ पर हैं जो कि अनुचित
है। आपको न्याय और सत्य का पथ स्वीकार करना चाहिए। पंक
यदि स्वप्न में कीचड़ नजर आवे तो यह दुर्दिन का संकेतक
पंकज
देखिए 'कमल'।
८३
Page #87
--------------------------------------------------------------------------
________________
पंख
पंखों को देखना ठोस धरातल से मुंह मोड़कर कल्पना के बल पर जिन्दा रहने का भाव इंगित करता है। . पंगत
यदि आदमियों की पंक्ति नजर आवे तो यह प्रसन्नता की सूचक है।
यदि स्वप्न में पंगु व्यक्ति या स्त्री नजर आवे, तो यह वास्तविक जीवन में बाधा को इंगित करता है। पंच
स्वप्न में पंच को देखना जीवन में न्यायपथ स्वीकार करने की ओर सुखद संकेत है। पंचनद
यदि पाँच नदियाँ एक साथ दिखाई पड़ें तो यह भाग्योदय का संकेतक है। पंचवटी
इसका फल भी पंचनद के समान ही समझना चाहिए । पंचमुखी
देखिए 'देवता'। पंचांग
देखिए 'ज्योतिषी'। पंचाग्नि
इसका फल भी पंचमुखी' के समान समझें । पंचायत
देखिए 'पंच'। पंजर
___ यदि स्वप्न में अस्थिपंजर दिखाई दें, तो यह अत्यन्त शुभ एवं भाग्यवर्धक संकेत है। आपके हाथों से कुछ ऐसा कार्य
Page #88
--------------------------------------------------------------------------
________________
होगा, जो आगे चलकर आपको लाभ दे सके। पंडाल
यदि स्वप्न में पंडाल नजर आवे, तो यह स्पष्ट समझ लेना चाहिए कि शीघ्र ही घर में मांगलिक कृत्य सम्पन्न होंगे, एवं लाभ होगा। पंडित
देखिए 'ज्योतिषी'। पंथी
यदि राह में चलता पंथी नजर आवे तो शीघ्र ही यात्रा होगी, तथा जिस काल से यात्रा होगी, वह सफल रहेगी। पंसारी
यह शुभ स्वप्न है, व्यापारिक दृष्टि से आप शीघ्र ही लाभ उठायेंगे, तथा व्यापारिक वृद्धि होगी। पक्षाघात
यदि स्वप्न में जातक को पक्षाघात हो जाय, तो यह दुःस्वप्न है, सम्भवतः शीघ्र ही वास्तविक जीवन में भी इस प्रकार
के संकट का सामना करना पड़े। पगड़ी
इन दिनों आप अर्थाभाव से पीड़ित हैं, तथा ऐसा प्रतीत हो रहा है, मानो इज्जत भी मुश्किल से बचेगी, पर यह स्वप्न इस बात का संकेतक है कि आप शीघ्र ही इस मजबूरी से निकलकर इज्जत कायम रख सकेंगे। पठार
देखिए 'घाटी'। पतंग
निश्चय ही आप मानसिक रोग से रुग्ण हैं । आपकी जो योजनाएँ हैं, वे सफल नहीं हो पा रही हैं । आपके प्रत्येक कार्य के बीच में बाधाएँ आ रही हैं, और सम्भवतः अभी कुछ समय
Page #89
--------------------------------------------------------------------------
________________
तक इसी प्रकार इन समस्याओं से जूझना पड़ेगा। पत्थर
स्वप्न में पत्थर दिखना कठिनाइयों एवं बाधाओं का सूचक है, तथा आपके प्रत्येक कार्य में इन दिनों बाधाएं आ रही हैं ।
आगे भी कुछ समय तक ऐसा ही चलेगा। पत्र
किसी दूरस्थ रिश्तेदार या प्रिय से शीघ्र ही मिलन होगा, तथा आप मनोवांछित अवसर पा सकेंगे। पथिक
देखिए 'पंथी'। पदक
स्वप्न में पदक मिलना बाधाओं को निमन्त्रण देना है। आप जो सोच रहे हैं, वह कार्य शायद शीघ्र ही आपके पक्ष में न हो
सके। पनडुब्बी
पनडुब्बी रहस्य की प्रतीक है । ऐसी कोई बात या रहस्य अवश्य है, जो इन दिनों आपके मानस में घुमड़ रहा है, और
आप उसे गोपनीय बनाने में जुटे हैं। पदी
इसका फल भी 'पनडुब्बी' के समान ही है। परदेसी
यदि स्वप्नद्रष्टा परदेसी से बातचीत करे या उसके साथ रहे, तो इसका स्पष्ट तात्पर्य है कि वह यात्रा करेगा, तथा यात्रा
में उसका कार्य सिद्ध होगा। परमहंस
देखिए 'तपस्वी'। परराष्ट्र यदि जातक की विदेश-यात्रा हो या परराष्ट्र जाता हो, तो
८६
Page #90
--------------------------------------------------------------------------
________________
शीघ्र ही वह अपने देश में ही यात्रा करेगा, या उसका स्थानान्तरण घर से दूर होगा ।
परान्न
स्वप्न में परान्न खाना अत्यन्त अशुभ है तथा यह दुर्दिन का सूचक है ।
परिचित
यदि स्वप्न में कोई परिचित मिल जाय, या उससे वार्तालाप हो तो यह शुभ है, तथा किसी के सहयोग से विचारा हुआ कार्य सिद्ध होगा, ऐसा समझना चाहिए ।
परिवार
स्वप्न में परिवार को देखना या उसके साथ समय बिताना शुभ एवं श्रेयस्कर है, पारिवारिक प्रसन्नता बनी रहेगी । परिश्रम
यदि स्वप्न में स्वप्नद्रष्टा घोर परिश्रम करे तो यह शुभ संकेत है । यदि वह बेरोजगार है तो शीघ्र ही नौकरी पा लेगा, या किसी धन्धे से लग जाएगा ।
परीक्षा
यदि कोई जातक स्वप्न में परीक्षा दे तो यह समझ लेना चाहिए कि वास्तविक जीवन में इन दिनों जो समस्याएँ उसके सामने हैं शीघ्र ही दूर होंगी, तथा मानसिक शान्ति मिल सकेगी।
परोपकार
स्वप्न में परोपकार करना या दूसरे को सहायता देना या उसकी मदद करना शुभ संकेत है तथा उन दिनों वह जिस उलझन में है, उससे शीघ्र मुक्ति पा सकेगा ।
पर्यटक
'देखिये पथिक' |
८७
Page #91
--------------------------------------------------------------------------
________________
देखिए 'त्यौहार'।
पर्वत
देखिए 'घाटी'।
पलंग
स्वप्न में पलंग देखना आनन्द, आमोद-प्रमोद का सूचक है।
पलटन
यदि स्वप्न में पलटन नज़र आवे तो यह समझ लेना चाहिए कि वास्तविक जीवन में उसे सही रूप से सहायता मिलेगी, तथा वह मुसीबतों से बच सकेगा। पवनचक्की
व्यर्थ का भटकना एवं आवारागर्दी का संकेतक है। पवित्रात्मा
देखिये 'तपस्वी'। पहरा
यदि स्वप्न में पहरेदार नज़र आवे या उसपर पहरा हो तां यह सुरक्षा का प्रतीक है। इन दिनों आप संभावित आक्रमण से भयभीत हैं, पर यह स्वप्न इस बात का प्रतीक है कि शीघ्र
ही आप अपने को सुरक्षित अनुभव कर सकेंगे। पहाड़
देखिए 'पर्वत'। पहेली
परस्पर पहेली कहना-सुनना या पहेली बूझना रहस्य का सूचक है, ज्यादा-से-ज्यादा रहस्यमय बनना उचित नहीं। पाकशाला
स्वप्न में पाकशाला देखना दुर्दिन का संकेत है, साथ ही स्वास्थ्य की दृष्टि से भी ऐसा स्वप्न उचित नहीं।
८८
Page #92
--------------------------------------------------------------------------
________________
पाखाना
रोगमुक्ति का सूचक है ।
पाणिग्रहण
स्वप्न में पाणिग्रहण संस्कार होना या विवाह आदि मांगलिक कृत्य सम्पन्न होना अशुभ है, साथ ही भावी विपत्ति का सूचक भी ।
पान
पायजेब
पार्वती
.
पिता
स्वप्न में पान खाना शीघ्र ही रोग को निमन्त्रण देना है ।
देखिए 'नूपुर' |
देखिए 'दुर्गा' |
पावन ध्वनि
यदि स्वप्न में वेदध्वनि सुनाई दे या पवित्र मन्त्रों का उच्चारण कानों में पड़े तो यह श्रेष्ठ है, साथ ही सौभाग्य का सूचक भी ।
पिक
देखिए 'कोयल' |
यदि स्वप्न में पिता दिखाई दे या उनसे वार्तालाप हो तो यह स्पष्ट है कि आप कुछ ही दिनों में आर्थिक दृष्टि से लाभान्वित होंगे ।
पिल्ला
स्वप्न में कुत्ते के पिल्ले को देखना भय का सूचक है । आप व्यर्थ ही इन दिनों भयभीत हैं, इसी वजह से आपके सारे कार्य अस्त-व्यस्त हो रहे हैं ।
पिस्तौल
पिस्तौल देखना या चलाना जहाँ भय का सूचक है, वहीं
८६
Page #93
--------------------------------------------------------------------------
________________
सुरक्षा के प्रति जागरूकता का भी । पर यह स्वप्न इस बात का
संकेतक है कि आप अधिकाधिक सुरक्षित रहेंगे। पिंजरा
स्वप्न में पिंजरा देखना जेल-यात्रा का सूचक है । हो सकता है कि कुछ ही दिनों में आपके हाथों से कोई ऐसा कार्य हो जिसकी वजह से जेल जाना पड़े। पीटना
___ स्वप्न में किसी दूसरे को पीटना अनुकूल है तथा सिद्धिप्रद
भी।
पीताम्बर
जीवन में आमोद-प्रमोद एवं भौतिक सुखों की प्रचुरता का श्रीगणेश आज से ही समझे, यह स्वप्न इस कथन का गवाह
पुत्र
__ स्वप्न में पुत्र को देखना सम्पन्नता का सूचक है । आर्थिक ष्टि से आप दिनों-दिन उन्नत होते जायेंगे, यह स्पष्ट समझे। पुत्रवधू
पुत्रवधू को देखना सेवा-सौभाग्य एवं श्री सम्पन्नता का
पुनर्वास
स्वप्न में एक जगह से उखड़कर दूसरी जगह बसना स्थायित्व का सूचक है । अभी तक जो आप भटक रहे थे उसमें विराम आएगा। साथ ही यह नया मकान बनने का भी सूचक
पुविवाह
स्वप्न में पुनर्विवाह होना वैधव्य, दुःख, घर के किसी सदस्य की मृत्यु अथवा दुर्भाग्य की ओर संकेत करता है ।
९०
Page #94
--------------------------------------------------------------------------
________________
पुराण
पुलिस
पुराण पढ़ना या श्रवण करना शुभ है ।
देखिये 'पहरा' |
देखिये 'तीर्थ' |
देखिये 'परीक्षा' ।
यदि स्वप्न में व्यक्ति पूजा करे, तो यह शुभ संकेत है, शीघ्र ही मनोरथ - सिद्धि होगी ।
पृथक्
पृथ्वी
पेटो
पुष्कर
पुस्तक
पूजा
'देखिये 'पुनर्वास'
इसका फल भी 'पार्वती' के समान समझना चाहिए ।
स्वप्न में सन्दूक देखना समृद्धि, सुरक्षा एवं सम्पन्नता का सूचक है ।
पेशाब
यदि स्वप्न में कोई जातक पेशाब करे तो यह रोग को आमन्त्रण देना है, निश्चय से जातक शीघ्र ही रोगग्रस्त होकर परेशानियाँ भोगेगा ।
प्रकाश
स्वप्न में प्रकाश देखना शुभ संकेत है ।
यदि स्वप्न में कोई जातक अपना स्वयं का प्रकाशन करता है, या पुस्तक प्रकाशित करता है, या उसका कोई प्रकाशन निकलता है तो इसका फलितार्थ यही है कि शीघ्र ही व्यापार
१
प्रकाशन
Page #95
--------------------------------------------------------------------------
________________
में वृद्धि होगी, तथा उसके हाथ से कुछ ऐसे कार्य सम्पन्न होंगे, जो लाभदायक रहेंगे।
प्रचार
यदि स्वप्न में उसका प्रचार हो, उसके नाम का विज्ञापन हो तो यह शुभ नहीं है। यह पराजय, हानि एवं अशुभता का संकेतक है। प्रणय
यदि स्वप्न में प्रणय हो तो यह शुभ है । इन दिनों आपका जो रोमांस चल रहा है, उसमें स्थिरता आएगी, एवं आप
सुखद अनुभूति कर सकेंगे। प्रतिज्ञा
स्वप्न में किसी बात की प्रतिज्ञा करना शुभ है । प्रतिशोध
देखिये 'पीटना'। प्रतिमा
प्रतिमा की स्थापना या उसे देखना सौभाग्यवर्धक है। प्रतिरोष
स्वप्न में यदि युद्ध हो, या पारस्परिक युद्ध हो और उसमें स्वप्नद्रष्टा अपने बचाव हेतु प्रतिरोध करे, तो यह शुभ संकेत
है, निश्चय ही उसके जीवन में सुरक्षा होगी। प्रदर्शन
स्वप्न में प्रदर्शन करना या देखना शुभ नहीं है । सम्भव है, शीघ्र ही लांछन सहन करना पड़ेगा, तथा कठिनाइयों का
सामना करना पड़ेगा। प्रपितामह
इसका फल भी पिता के समान ही होगा। प्रपात
स्वप्न में प्रपात देखना अत्यन्त शुभ माना गया है । यह इस
Page #96
--------------------------------------------------------------------------
________________
बात का सूचक है कि अभी तक आप जिन परेशानियों से गुजरे हैं, उन परेशानियों का अन्त हो गया है, और भावी जीवन मधुर, सुखद, सहज एवं हर्षपूर्ण है । प्रलयंकर
देखिए 'नीलकंठ'। प्रशस्ति - यदि स्वप्न में स्वप्नद्रष्टा के बारे में प्रशस्ति पढ़कर सुनावे,
तो यह परेशानियों को बढ़ानेवाली होगी। प्राणप्रिय
स्वप्न में प्राणप्रिय देखना स्वप्नवेत्ताओं के अनुसार प्रणयसम्बन्ध दृढ़ होना है, साथ ही दूरस्थ पति या पत्नी के मिलने का
योग बनता है। प्रियतम
देखिए 'प्राणप्रिय' । प्रेत
देखिए 'पंजर'। फकीर
स्वप्न में फकीर दिखना या फकीर से मिलना शुभ नहीं माना जाता । निकट भविष्य में ही कुछ कठिनाइयाँ अथवा बाधाएँ उपस्थित होंगी जिनमें कि आप परेशानी अनुभव करेंगे । फणधर - सर्प देखना शुभ एवं भाग्योदय-सूचक है। शीघ्र ही कुछ ऐसा कार्य होगा, जो आपकी उन्नति के लिए तो शुभ होगा ही,
आर्थिक दृष्टि से भी श्रेष्ठ रहेगा। फफोला
____ यदि शरीर पर फफोला हो जाय, तो यह शुभ नहीं कहा जाता।
६३
Page #97
--------------------------------------------------------------------------
________________
स्वप्न में फल, फलों का ठेला या फलदार वृक्ष देखना अत्यन्त शुभ माना गया है। यह इस बात का संकेतक है कि शीघ्र ही घर में किसी नये सदस्य का आगमन होगा, या पुत्रजन्म होगा, या पुत्र-विवाह होगा।
कई बार इस प्रकार के स्वप्न आने पर बाँझ स्त्रियों को भी गर्भ धारण करते देखा गया है। कुल मिलाकर ऐसा स्वप्न अनुकूल एवं शुभ ही होता है । काँसीघर
स्वप्न में फांसीघर देखना जेलयात्रा, एक्सीडेंट या आत्महत्या का सूचक है। फुटबाल
फुटबाल को देखना या फुटबाल का खेल खेलना जीवन को अव्यवस्थित होने देना है । यह इस बात का संकेतक है कि अभी
तक आपका जीवन व्यवस्थित नहीं हो सका है। फुहारा
स्वप्न में फुहारा देखना सुख एवं सौभाग्य का तो सूचक है. ही, साथ में भौतिक सुखों की वृद्धि की ओर भी संकेत करता है।
देखिए 'फणधर'।
बंजर
बंजर जमीन देखना अत्यन्त अशुभ एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। यह हानि, कष्ट एवं परेशानियों का सूचक है । यह इस बात का भी सूचक है कि शीघ्र ही कुछ अप्रिय घटनाएं घटित होंगी, जो कि
परेशानी का कारण बनेंगी। बंदूक
देखिए 'पिस्तौल'।
Page #98
--------------------------------------------------------------------------
________________
बकरा
स्वप्न में बकरा देखना अभाग्य का सूचक है । शान्त एवं सुखद गृहस्थ जीवन में कुछ-न-कुछ दरार शीघ्र ही आयेगी, जिससे दुःख उठाना पड़ेगा। वरचा
बच्चे को खिलाना या बच्चे को जन्म देना अथवा बच्चे को देखना अत्यन्त अनुकूल माना गया है। शीघ्र ही मनोरथ-सिद्धि
होगी एवं अनुकूल वातावरण बन सकेगा। बजरंग
देखिए 'देवता'। बटेर
देखिए 'पंख'। बदनाम
यदि स्वप्न में कोई बदनाम करे, तो यह शुभ संकेत माना गया है। बदरिकाश्रम
देखिए 'केदारनाथ' । बधिक
स्वप्न में बधिक दिखाई देना अशुभ है । यह स्वप्न परेशानियों को पैदा करनेवाला एवं चिन्ता को बढ़ाने वाला है। बधिर
इस प्रकार के स्वप्न का फल भी शुभ नहीं माना गया है। वर्षा
देखिए 'फुहार'। बर्फ
स्वप्न में बर्फ देखना, या जमी हुई अथवा बिछी हुई बर्फ देखना या बर्फ पर चलना सुखद कहा गया है। स्पष्टतः इस प्रकार का स्वप्न जीवन में समृद्धि प्रदान करता है।
Page #99
--------------------------------------------------------------------------
________________
बलात्कार
यदि स्वप्न में बलात्कार हो तो यह स्पष्ट है कि शीघ्र ही आपके द्वारा मजबूरी में कुछ ऐसा कार्य होगा, जो आप नहीं
चाहेंगे। बलिदान
- यदि कोई व्यक्ति स्वप्न में यह देखे कि वह स्वयं किसी पवित्र एवं शुभ कार्य के लिए बलिदान हो रहा है, तो यह वास्तविक जीवन में भी उन्नति एवं प्रगति का सूचक है। बवंडर
यदि स्वप्न में बवंडर उठता हुआ दिखाई दे तो शीघ्र ही भयंकर कष्टों एवं बाधाओं का सामना करना पड़ेगा, यह इस बात का सूचक है। बसन्त
जीवन में प्रसन्नता, आह्लाद एवं सुख-सौभाग्य का सूचक है । यह इस बात का प्रतीक है कि शीघ्र ही भौतिक उन्नति होगी, साथ ही कुछ ऐसा मांगलिक कार्य घर में सम्पन्न होगा जो
पूरे परिवार को प्रसन्नता प्रदान करेगा। बहिन
बहिन यदि स्वप्न में दिखाई दे तो यह शुभ है ।
देखिये 'पुत्रवधू'। बहेलिया
देखिये 'बधिर'। बांझ
देखिए 'बंजर'। बांसुरी __. यदि स्वप्न में बाँसुरी का स्वर सुनाई पड़े या स्वप्नद्रष्टा
सु०-१५१
Page #100
--------------------------------------------------------------------------
________________
स्वयं बांसुरी बजाये तो यह शुभ संकेत है । जीवन में मधुरता का समारम्भ तो होगा ही, साथ ही कुछ अनुकूल वातावरण भी बनेगा |
बाजार
बाजार का दिखाई देना आनेवाले समय की व्यस्तता का संकेत है । यह इस बात का सूचक है कि शीघ्र ही आप अपने हाथों में कुछ ऐसे कार्य लेंगे, जिनसे कि आप ज्यादा-से-ज्यादा व्यस्त होंगे ।
बाजीगर
यदि स्वप्न में बाजीगर दिखाई दे, तो इस बात को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि शीघ्र ही धोखा होगा तथा कोई-नकोई आर्थिक हानि पहुँचायेगा ।
बाढ़
यदि स्वप्न में बाढ़ देखें तो यह आर्थिक हानि का सूचक है । कोई-न-कोई ऐसा कारण अवश्य बनेगा, जिससे आर्थिक क्षति होगी तथा काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा ।
बाण
जीवन में नई-नई परेशानियों का सूचक है ।
यदि स्वप्न में बादल घिरे हुए नजर आवें, तो वे शुभता का प्रारम्भ हैं । निश्चय ही अगले कुछ दिनों में आपकी आर्थिक प्रगति होगी, साथ ही हर्षवर्धक समाचार भी प्राप्त होंगे ।
बारिश
बादल
देखिये 'वर्षा' |
बालक व बालिका
बावड़ी
देखिये 'बच्चा' ।
देखिये 'कुआँ' |
६७
Page #101
--------------------------------------------------------------------------
________________
बालू
देखिये 'बंजर'। बिन्दी
बिन्दी लगाना या बिन्दी लगी नवयुवती को देखना सुख, सौभाग्य एवं प्रसन्नता का द्योतक है । बिजली
बिजली का बार-बार चमकना-बुझना श्रेयस्कर स्वप्न माना गया है। बिल्ली
यदि कोई व्यक्ति स्वप्न में बिल्ली देखे तो यह हानिप्रद है। बिल्वपत्र
स्वप्न में बिल्वपत्र देखना अत्यन्त शुभ एवं अनुकूल कहा गया है । बिल्वपत्र देखने का फलितार्थ धन-धान्य की वृद्धि एवं
आमोद-प्रमोद का विस्तार है। बीड़ा
देखो 'पान'। बीमा
स्वप्न में बीमा करने का फल यह है कि हम वास्तविक जीवन में अपने-आपको अरक्षित महसूस कर रहे हैं; कुछ ऐसा भय है, जो हमें लील रहा है, और हम अधिकाधिक सुरक्षा चाहते हैं।
बुखार
स्वप्न में बुखार आना वास्तविक जीवन में रोगग्रस्त होना
बुढ़िया
स्वप्न में बुढ़िया का दिखना या उससे बातचीत करना अथवा उससे आशीर्वाद लेना शुभ माना गया है । वास्तविक जीवन में आनन्दानुभूति होगी, ऐसा समझना चाहिए ।
NE
Page #102
--------------------------------------------------------------------------
________________
देखिये 'देवता'। बुरका
सीधा-सीधा तात्पर्य यह है कि आप अपने-आपको बहुत अधिक गोपनीय रखना चाहते हैं, तथा एक प्रकार से आपका व्यक्तित्व रहस्यमय बनता जा रहा है, यह स्वप्न इस बात का
सूचक है। बैरिस्टर
देखिये 'न्यायाधीश'।
बोतल
अधिकाधिक मद्यपान की ओर या ज्यादा-से-ज्यादा व्यसन होने का संकेत यह स्वप्न कर रहा है ।
ब्रह्माण्ड
देखिये 'आकाश' । ब्रह्मचारी
देखिये 'पवित्रात्मा'। ब्राह्मण
देखिये 'ज्योतिषी'। भवरा
इसका फल 'पक्षी' के समान कहा गया है। भंडार
यह सुख-समृद्धि एवं धनधान्य-पूर्णता का प्रतीक है ।
भक्त
देखिये ‘परमहंस'।
भगवान
देखिये 'देवता'।
भगोड़ा
यदि स्वप्न में 'भगोड़ा' दृष्टिगोचर हो तो व्यर्थ का भटकाव
88
Page #103
--------------------------------------------------------------------------
________________
एवं लक्ष्यहीनता की ओर संकेत करता है । यह इस बात का सूचक है कि आप इन दिनों मानसिक रूप से अत्यधिक व्यग्र हैं, तथा समाधान पाने के लिए भटक रहे हैं ।
भयंकर
यदि ऊटपटाँग ढंग से कोई डरावना भयंकर स्वप्न दिखे तो यह दुःखद समाचारों का सूचक है ।
भवन
इसका फल 'नीड़' के समान समझना चाहिए ।
यह मृत्यु का सूचक स्वप्न है, शीघ्र ही एक्सीडेंट होगा, या घर-परिवार में दु:खद घटना घटित होगी ।
इसका फल 'पिता' के समान समझना चाहिए ।
भागीदार
यदि स्वप्न में भागीदार नजर आवे, तो यह शुभ संकेत है । आप इन दिनों जिस कार्य को सम्पन्न करने हेतु प्रयत्नशील हैं, शीघ्र ही पूरा होगा, और अनपेक्षित सहायता मिलेगी ।
भस्म
भाई
भाट
इन दिनों आपमें अहंकार की मात्रा बढ़ गई है तथा अपनेआपको काफी ऊँचा समझने लगे हो । ज्यादा अच्छा यही है कि समरस जीवन व्यतीत करने पर ध्यान दें ।
भानु
भिक्षा
भिक्षुक
देखिये 'दिनकर' ।
देखिये ' फकीर' |
देखिये 'भिक्षा' |
१००
Page #104
--------------------------------------------------------------------------
________________
भुजंग
यह शुभ स्वप्न है। भूत
देखिये 'प्रेत'। भूमि
देखिये 'पृथ्वी'। भोगविलास
___ वास्तविक जीवन में भौतिक सुखों की प्रचुरता का यह
दिग्दर्शक है। मंगल कलश
यह अत्यन्त शुभ स्वप्न है । शीघ्र ही घर में मांगलिक काय सम्पन्न होंगे, तथा जीवन में प्रसन्नता, आमोद-प्रमोद एवं हर्ष का
अतिरेक होगा। मंच
अपने-आपको सार्वजनिक जीवन में लगा देने, तथा ज्यादासे-ज्यादा जनता से सम्पकित होने की ओर यह इंगित करता है ।
___ यदि स्वप्न में मन्त्र पढ़ें या सीखें तो यह समझना चाहिए कि आज ही से मेरे जीवन में परिवर्तन आ रहा है, और यह
परिवर्तन शुभता की ओर संकेत करता है । मगरमच्छ
... यदि कोई जातक स्वप्न में मगरमच्छ देखे, तो यह अशुभ है, असम्भावित आक्रमण अथवा असम्भाव्य घटना से आप चिंतित हैं, तथा येन-केन-प्रकारेण इस समस्या से आप निकलना चाहते हैं, यह स्वप्न इस बात का सूचक है। मछली
स्वप्न में मछली को देखना या मछली पकड़ना शुभ संकेत है, तथा यह लक्ष्मी-प्राप्ति की ओर संकेत है।
Page #105
--------------------------------------------------------------------------
________________
मजदूर
शुभ स्वप्न है। मजिस्ट्रेट
देखिए 'बैरिस्टर'। माणिक्य • यदि स्वप्न में माणिक्य-रत्न देखें या माणिक्य की मुद्रिका
धारण करें, तो यह भाग्योदय का संकेत है, एवं शुभ है। मतपेटी
देखिये 'निर्वाचन'। मधु
शहद खाना या शहद का छत्ता देखना अत्यन्त शुभ माना गया है। शीघ्र ही अनुकूल समाचार सुनने को मिलेंगे, ऐसा
समझना चाहिए। मनीआर्डर
यदि स्वप्न में मनीआर्डर से द्रव्य प्राप्त हो तो वास्तविक जीवन में आकस्मिक धन प्राप्त होगा, ऐसा समझना चाहिए। मरुस्थल
देखिये 'बंजर'। मलयानिल
___ यदि स्वप्न में शीतल मन्द हवा का स्पर्श हो, तथा सुखद अनुभूति हो तो यह शुभ स्वप्न है, तथा शीघ्र ही मनोवांछित सफलता मिलेगी, ऐसा समझना चाहिए। मल्ल
यदि स्वप्न में दो मल्ल लड़ते हुए दिखें, तो यह जीवन में सुरक्षा का संकेतक हैं, तथा मन में जो भय समाया हुआ है, वह शीघ्र ही दूर होगा तथा मनोवांछित सिद्धि होगी, ऐसा समझना चाहिए।
१०२
Page #106
--------------------------------------------------------------------------
________________
मवेशी
स्वप्न में मवेशी दिखना भावी जीवन में परेशानी का सूचक है। हो सकता है दूरस्थ किसी रिश्तेदार के बारे में अप्रिय समाचार सुनने को मिले जिससे मन में व्यग्रता रहे। मस्जिद
देखिये 'देवस्थान'। मसिपात्र
स्वप्न में दवात देखना परीक्षा में सफलता प्राप्त करने का सूचक है, तथा ऐसा स्वप्न मनोवांछित सफलता प्रदान करता
मसूरी
यह शुभ स्वप्न है । मेंहदी
___ यदि स्वप्न में कोई मेंहदी लगाई हुई नवयुवती दिखे तो इसे अत्यन्त शुभ संकेत समझना चाहिए तथा शीघ्र ही घर में
मांगलिक कृत्य सम्पन्न होंगे, ऐसा समझना चाहिए। महंत
देखिये 'परमहंस'। मेहमान
___ स्वप्न में मेहमान देखना शुभ माना गया है। जिस कार्य को __ करने के लिए आप काफी समय से परेशान थे, वह कार्य शीघ्र _ही होगा, ऐसा समझना चाहिए। महषि
देखिये 'परमहंस' । महाजन
स्वप्न में महाजन देखने का फलितार्थ स्वप्न-विशेषज्ञों के अनुसार अपव्यय होना तथा सिर पर कर्जा चढ़ाना है ।
१०३
Page #107
--------------------------------------------------------------------------
________________
महात्मा
देखिए 'परमहंस'। महाभारत
महाभारत को पढ़ना या सुनना अशुभ माना गया है। महायज्ञ
यदि स्वप्न में महायज्ञ के दर्शन हों तो यह अत्यन्त शुभ एवं भाग्योदयकारक है। निकट भविष्य में ही आवश्यक रूप से अर्थ-लाभ होगा, तथा जीवन में श्रेष्ठ स्थिति बन सकेगी, ऐसा
समझना चाहिए। महारानी
यदि स्वप्न में महारानी के दर्शन हों तो यह शुभ माना गया है, तथा चतुर्दिक् प्रसन्नता बढ़ेगी ऐसा समझना चाहिए। महावत
महावत को स्वप्न में देखना अर्थ-लाभ का सूचक है । महावीर
देखिए 'देवता'। मांस
, स्वप्न में मांस देखना, पकाना, शुभ एवं श्रेयस्कर माना गया है। इसका सीधा सम्बन्ध उत्तम स्वास्थ्य से है। माखन
इसका फल भी 'मधु' के समान समझना चाहिए । माता
देखिये 'जननी'। मानचित्र
देखिए · ‘नक्शा'। मानहानि देखिए 'बदनाम'।
१०४
Page #108
--------------------------------------------------------------------------
________________
मामा
इसका फल भी 'माता' के समान ही होगा।
मिट्टी
शुभ फल है। मित्र
स्वप्न में मित्र का देखना अत्यन्त शुभ माना गया है। यह इस बात का सूचक है कि इन दिनों आप किसी की सहायता चाहते हैं, और शीघ्र ही आकस्मिक रूप से सहायता मिलेगी,
यह निश्चित समझे। मिनिस्टर
__ स्वप्न में मिनिस्टर से मिलना या उससे वार्तालाप करना, सहायता प्राप्त करना है, पर इसका फल बहुधा यही देखने में आया है कि आप जो सहायता चाहते हैं, वह मिल नहीं सकेगी। मीठा
देखिये 'मधु'। मुकलावा
स्वप्न में मुकलावा होना श्रेयस्कर नहीं माना गया है। यह - स्वप्न इस बात का सूचक है कि प्रणय-सम्बन्ध में अन्तर
आएगा, एवं कठिनाइयाँ पैदा होंगी।
इसका फल शुभ नहीं है। यदि स्वप्नद्रष्टा स्वयं मुकुट पहनता है, या उसे कोई मुकुट पहनाता है, तो यह हानि, अपमान
एवं कठिनाइयों का सूचक है। मुक्केबाज
देखिए 'मल्ल'।
यदि मूंग की खेती या मूंग की ढेरी या मूंग खरीदता
१०५
Page #109
--------------------------------------------------------------------------
________________
बेचता हो तो यह मृत्यु का सूचक है, तथा हानिकारक भी।
मूंछ
स्वप्न में मूंछे मरोड़ना शुभ संकेत है, एवं साहस का परिचायक भी। मूत्र
देखिए 'पेशाब'।
मूर्ति
देखिए 'देवता'।
मृत्यु
स्वप्न में स्वयं की मृत्यु हो जाना अत्यन्त शुभ है । इस स्वप्न का फलितार्थ है कि शीघ्र ही रोग मुक्ति होगी, ऋण उतरेगा तथा भाग्योदय होगा।
मेरु
देखिये 'पठार'। मेहरिया
देखिये 'नारी'। मैदान
स्वप्न में मैदान देखना पराजय की निशानी है। इन दिनों आप जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उसमें पराजय होगी। मोती
देखिये ‘माणिक्य'।
मोदक
अत्यन्त शुभ है, पर यदि स्वप्नद्रष्टा स्वयं मोदक खाता है, तो यह शुभ नहीं है।
यंत्र
__ स्वप्न में यन्त्र देखना या यन्त्र बनाना सुखद भविष्य का सूचक है। यह स्वप्न इस बात का साक्षी है कि दुर्दिन लगभग समाप्त हो चुके हैं, और शीघ्र ही सुखद भाग्योदय होनेवाला है ।
१०६
Page #110
--------------------------------------------------------------------------
________________
यजमान
देखिए 'मेहमान'। यमुना
देखिये 'गंगा'। यवन
देखिए ‘म्लेच्छ' । यजुर्वेद
स्वप्न में यजुर्वेद पढ़ना, पढ़ाना, या अध्ययन करना शुभ संकेत है, निश्चय ही आप परीक्षा में सफल होंगे । यज्ञ .
देखिए 'महायज्ञ' । यात्रा
स्वप्न में यात्रा करना शुभ माना गया है । वास्तविक जीवन में भी आप शीघ्र ही यात्रा करेंगे, एवं मनोनुकूल फल प्राप्त कर सकेंगे।
स्वप्न में युद्ध करना स्वप्नवेत्ताओं के अनुसार शुभ है । आप इन दिनों जिस संघर्ष से गुजर रहे हैं, शीघ्र ही उसमें विजयी होंगे तथा भावी जीवन में लाभ उठाएँगे। युवराज
शुभ है। योगी
देखिए 'महर्षि' । योगिनी
योगिनियों का नृत्य या स्वप्न में योगिनी देखना अनुकूल नहीं कहा जा सकता । शीघ्र ही हमें दुर्दिन का सामना करना पड़ेगा, ऐसा समझना चाहिए।
१०७
Page #111
--------------------------------------------------------------------------
________________
युवती
रंक
फल सामान्य है ।
रंगमंच
देखिए 'नारी' |
रंक देखना शुभ नहीं है । जहाँ तक मेरा अनुभव है, इसका
देखिए 'नाटक' ।
स्वप्न में रंगरूट बनना या देखना सुरक्षा का प्रतीक है । इन दिनों वास्तविक जीवन में आप अपने-आपको अरक्षित-सा अनुभव कर रहे हैं, पर यह स्वप्न इस बात का साक्षी है कि शीघ्र ही आप अपने-आपको सुरक्षित अनुभव कर सकेंगे ।
रंडी
रंगरूट
स्वप्न में वेश्या देखना, उसके साथ विहार करना अथवा उसके साथ संभोग करना अत्यन्त शुभ माना है । आर्थिक दृष्टि से शीघ्र ही आप लाभप्रद स्थिति में होंगे, साथ ही भौतिक सुखों की भी वृद्धि होगी ।
रक्त
देखिए 'खून' |
रक्त चंदन
रवि
स्वप्न में रक्त चंदन देखना समृद्धि का प्रतीक है ।
देखिए 'दिनकर' |
स्वप्न में रक्षाबन्धन का त्यौहार मनाना शुभ है । इन दिनों आप जिन मानसिक यन्त्रणाओं में से गुजर रहे हैं, वे दूर होंगी, तथा अनुकूल स्थिति जमेगी, यह स्पष्ट समझें ।
१०८
रक्षाबन्धन
Page #112
--------------------------------------------------------------------------
________________
रखेल
देखिए 'रंडी' |
रजनीकर
देखिए 'चन्द्र' |
रजिस्ट्री
यदि स्वप्न में स्वप्नद्रष्टा रजिस्ट्री कराता है, या रजिस्ट्री प्राप्त करता है, तो यह अर्थ - वृद्धि का संकेतक स्वप्न है ।
रण
देखिए 'युद्ध' ।
देखिए 'महारानी' ।
देखिए 'माणिक्य' ।
स्वप्न मे रथ की सवारी करना शीघ्र ही दूरस्थ स्थान की यात्रा का सूचक है, साथ ही आप जिस उद्देश्य को लेकर यात्रा करेंगे, उस कार्य में भी सफलता प्राप्त होगी, यह निश्चित समझें ।
रबड़
रनिवास
रत्न
रेथ
रबड़ की वस्तुओं का प्रयोग करना अपने व्यक्तित्व प्रसार को लालायित होना है । आप चाहते हैं, किसी-न-किसी प्रकार बहुचचित हों, विख्यात हों, लोग आपको जानें ।
रबड़ी
देखिए 'मीठा' |
देखिए 'छेला' |
रसिक
राख
देखिए 'भस्म' |
१०६
Page #113
--------------------------------------------------------------------------
________________
राग
यदि स्वप्नद्रष्टा स्वप्न में राग से गीत गाता है, या रागरागिनियाँ निकालता है, तो यह दुर्भाग्य का सूचक है ।
देखिए 'देवता' |
देखिए 'नरपति' ।
राघव
"राजा
राजदूत
स्वप्न में राजदूत के साथ विहार करना, परिचय बढ़ाना या मिलना विदेशयात्रा का सूचक है ।
राजनीतिज्ञ
शीघ्र ही आपकी कार्यसिद्ध होगी, यह निश्चित समझें ।
देखिए 'भवन' |
देखिए 'महर्षि' |
देखिये 'दरबार' |
राजसिंहासन
राजसिंहासन पर बैठना शुभ नहीं है ।
राज्याभिषेक
यदि स्वप्न में स्वप्नद्रष्टा का राज्याभिषेक हो तो यह अत्यन्त अशुभ है। शीघ्र ही कठिनाइयों एवं बाधाओं का सामना करना पड़ेगा, ऐसा समझना चाहिए ।
'राजीनामा
राजमहल
राज
राजसभा
यदि स्वप्न में मुकद्दमे के बीच राजीनामा हो जाता है, तो यह वास्तविक जीवन में भी मानसिक शान्ति का सूचक है, और इस बात की ओर इंगित करता है कि आप शनैः-शनैः अपनी
११०
Page #114
--------------------------------------------------------------------------
________________
परिस्थितियाँ ठीक प्रकार से सुलझा रहे हैं ।
राज्यच्युत
रात्रि
रामदूत
देखिए 'देवता' |
यदि स्वप्न में राशन लेकर धान या अन्य सामान लावे, तो यह कठिनाइयों का संकेत है, और इस बात का सूचक है कि शीघ्र ही कुछ अन्य बाधाओं का भी सामना करना पड़ेगा ।
राष्ट्र
शुभ है ।
रिपु
देखिए 'दुष्ट' ।
रिश्वत
यदि आप स्वप्न में रिश्वत लेते हैं, या देते हैं, तो यह इस बात का सूचक है कि आप येन-केन-प्रकारेण अपना काम निकालना चाहते हैं, और इन दिनों आप जिन समस्याओं से जूझ रहे हैं उनका हल भी शीघ्र निकलेगा ।
रुद्र
देखिए 'देवता' |
स्वप्न में रुई देखना कठिनाइयों पर विजय पाने का संकेत है; आप शीघ्र ही बाधाओं को पार कर सकेंगे, इसमें संदेह नहीं ।
रेडियो
राशन
स्थानान्तरण या नौकरी से हटाने की ओर संकेत करता है ।
देखिए 'चन्द्र' |
रुई
देखिए 'दूरदर्शन' |
१११
Page #115
--------------------------------------------------------------------------
________________
रोकड़-बही
यदि आप स्वप्न में रोकड़बही देखें या लिखें, तो यह धनागम का सूचक है । आर्थिक दृष्टि से शीघ्र ही निश्चिन्तता
आयेगी, ऐसा समझे। रोगी
दखिये 'बुखार'। रोजगार
यदि स्वप्न में रोजगार मिल जाता है, तो आप वास्तविक जीवन में भी किसी-न-किसी कार्य में लग जाएँगे, ऐसा समझे ।
रोटी
___ स्वप्न में रोटी बनाना या खाना शुभ नहीं कहा गया है। यह स्वप्न रोगवृद्धि का सूचक है, एवं परेशानियों से पूर्ण भी।
रोना
स्वप्न में रोना शुभ संकेत माना गया है, यह भाग्योदय का सूचक है।
__देखिए 'भयंकर'।
लंगड़ा
स्वप्न में यदि लंगड़ा व्यक्ति दिखाई दे तो यह सामान्य है । इसका फल न शुभ कहा जा सकता है न अशुभ । लंगर
___यदि लंगर दिखे, या जहाज पर यात्रा हो तथा यात्रा के बीच लंगर डाला जाय तो यह वास्तविक जीवन में स्थिरता का प्रतीक है । इन दिनों आपके जीवन में जो भाग-दौड़ रही है,
उसकी समाप्ति समझें। लंगोट इसका फल 'मल्ल' के समान है ।। ११२
सु०-१५१
Page #116
--------------------------------------------------------------------------
________________
लक्ष्मी
यदि स्वप्न में लक्ष्मी दिखाई दे या लक्ष्मी-पूजन हो तो यह अत्यन्त शुभ संकेत है, तथा ऐश्वर्यपूर्ण जीवन का प्रारम्भ है। यह स्वप्न आपके प्रबल भाग्योदय का हेतु है । लजीला
___ लजीले व्यक्ति को देखना शुभ है । लठत
देखिए 'मल्ल'। लड्डू
देखिए 'मीठा'। लता
स्वप्न में लता-कुंज देखना शुभ माना गया है । यह जीवन में शान्ति एवं मधुरता का परिचायक है। लॉकेट
स्वप्न में लॉकेट पहनना या बनवाना दाम्पत्य जीवन में मधुरता का श्रीगणेश है। . लॉटरी
यदि स्वप्न में लाटरी निकले या उसके अंक दिखें, तो इसे वास्तविक समझकर वास्तविक जीवन में इनका उपयोग करना
चाहिए। लालची
लालची बनना, या लालची कहलवाना अथवा स्वप्न में किसी लालची व्यक्ति से सम्पर्क बनाना श्रेयस्कर है । यह वास्तविक
जीवन में मितव्ययता का परिचायक है जोकि शुभ संकेत है। लिपिबद्ध
स्वप्न में लिखना वास्तविक जीवन में परीक्षा में उत्तीर्ण होने का सूचक है।
लुंगी
- स्वप्न में लुंगी पहनना, या लुंगी पहनकर घूमना भौतिक
Page #117
--------------------------------------------------------------------------
________________
सुखों की वृद्धि का सूचक है । शीघ्र ही अर्थलाभ होगा, ऐसा समझें |
लुहार
I
यह वास्तविक जीवन में श्रम का सूचक है । शनैः-शनैः आप अकर्मण्य बनते जा रहे हैं यह शुभ नहीं है, श्रम रहना आवश्यक है ।
की ओर सजग
लूटना
अर्थप्राप्ति का सूचक है । शीघ्र ही आक
स्वप्न में
लूटना स्मिक रूप से अर्थलाभ होगा, ऐसा समझें ।
लेन-देन
स्वप्न में लेन-देन करना धन-वृद्धि का संकेतक है ।
लेफ्टिनेंट
नौकरी के क्षेत्र में उन्नति करने का सूचक है ।
लोटा
इसका फल सामान्य है ।
लोरी
स्वप्न में यदि स्वप्नद्रष्टा लोरी गावे सुने तो यह वास्तविक जीवन में प्रसन्नता का सूचक है ।
लौंडी
सेवा का सूचक है ।
वंदना
स्वप्न में वंदना करना शुभ एवं अनुकूल संकेत माना गया है । शीघ्र ही मनोकामना पूर्ण होगी, यह स्पष्ट समझें ।
वकालत
वकालत करना या कोर्ट में जिरह करना विजय का संकेतक है । इन दिनों आप जिन समस्याओं में उलझे हुए हैं, उनसे शीघ्र ही त्राण मिलेगा ।
वक्तृता
स्वप्न में भाषण देना शुभ है, तथा अपने पक्ष की प्रबल
११४
Page #118
--------------------------------------------------------------------------
________________
पुष्टि है । स्पष्टतः आप जिस रूप में विरोधी को मनाना चाहते हैं, उसी रूप में वह मान जायगा । वचन
वचन देना या वचन की रक्षा करना शुभ संकेत है, एवं जीवन की स्थिरता का प्रतीक है। बच
देखिए 'अस्त्र'। वजीर
इसका फल भी बैरिस्टर के समान ही होगा।
वध
किसी को जान से मार देना या वध करना अशुभ है, एवं - दुर्भाग्य का सूचक भी, ऐसा स्वप्न भावी जीवन की अवनति है । वधू
देखिये 'बहू'।
वनवास
स्वप्न में वनवास मिलना या जाना कठिनाइयों से विमुख .. होना है । जीवन-संघर्ष में मनुष्य का कर्तव्य जूझना है, भागना
उचित नहीं। वन्य जीव
__ उन्मुक्त भाव से विचरण करते वन्य जीव देखना स्वतन्त्रता का संकेतक है । यदि आप बन्दी हैं तो शीघ्र ही छूट जाएँगे, या मानसिक रूप से परेशान हैं तो आप इस यन्त्रणा से भी शीघ्र
ही मुक्ति पाएँगे। वाचनालय
स्वप्न में वाचनालय देखना या वाचनालय में जाकर पढ़ना परीक्षा-सम्बन्धी कार्यों में उत्तीर्ण होना है। शीघ्र ही आपको
सुनिश्चित सफलता की सूचना मिलेगी, ऐसा समझे। वादक
वादक देखना या वाद्य यन्त्र बजाना शुभ नहीं है, अपितु
Page #119
--------------------------------------------------------------------------
________________
कठिनाइयों का सूचक है ।
देखिये 'कपि' |
वानर
वानप्रस्थ
यह शुभ स्वप्न है ।
वायुयान
स्वप्न में वायुयान देखना या वायुयान में यात्रा करना शुभ माना गया है, शीघ्र ही आपको यात्रा करनी पड़ेगी, और जिस कार्य से आप यात्रा करेंगे, उसमें सफलता पाएँगे ।
वारुणी
जीवन में शिथिलता एवं आलस्य का संकेतक स्वप्न है ।
विकराल
देखिये 'भयंकर' ।
विच्छेद
देखिये 'तलाक' |
विजया
देखिये 'वारुणी' |
वित्त
यदि स्वप्न में धन मिल जाय, या भूमि खोदते समय उसमें से खजाना निकल आए, तो यह आर्थिक उन्नति एवं शुभता का सूचक है, शीघ्र ही लाभ होगा, तथा आर्थिक स्थिति सुदृढ़ बनेगी ।
विप्र
देखिये 'ज्योतिषी' ।
देखिये 'भयंकर' |
शीघ्र ही गृहकलह होगी, तथा परस्पर सम्बन्ध-विच्छेद समान ही वास्तविक जीवन में
विप्लव
विभाजन
होने के आसार बढ़ेंगे । स्वप्न के भी फल होता देखा गया है ।
११६
Page #120
--------------------------------------------------------------------------
________________
विमान
. देखिये 'वायुयान' । विश्वकर्मा
देखिये 'देवता'। विष
देखिये 'जहर'।
विष्णु
देखिये 'देवता'।
विस्फोट
देखिये प्रलय'।
विहंग
देखिये 'खग'। वीणा
देखिये 'वाद्य'। वृन्दावन
देखिये 'देवस्थान' वृक्ष
देखिये 'लता'।
इसका फल भी बूढ़ा या बुढ़िया के समान होगा। वृषभ
देखिये 'मवेशी'। वृश्चिक
स्वप्न में बिच्छू का काटना या बिच्छू देखना शुभ संकेत माना गया है। वेदपाठी
देखिये 'यजुर्वेद' ।
वेदी
देखिये. 'महायज्ञ'।
११७
Page #121
--------------------------------------------------------------------------
________________
वेधशाला
शुभ स्वप्न है, शीघ्र ही सफलता मिलेगी।
वेश्या
देखिये 'रंडी'। वैश्य
शीघ्र ही व्यापार में वृद्धि होगी तथा आर्थिक दृष्टि से सम्पन्नता आयेगी, ऐसा समझे। . व्यभिचारिणी
देखिये 'रंडी'।
व्याख्यान
देखिये 'वक्तृता'।
ध्यात्र
अत्यन्त शुभ स्वप्न है, तथा शीघ्र ही मनोरथ सिद्ध होगा, ___ ऐसा समझे।
व्यापार
देखिये 'वैश्य'। व्योमचारी
देखिये 'वायुयान'। शंख .
यदि स्वप्न में शंख बजाया जाय या शंख-घोष हो, तो ___ यह अत्यन्त श्रेष्ठ है, एवं शुभ भाग्योदयकारक स्वप्न है । शंभु
देखिये 'देवता'।
शठ
मूर्ख व्यक्ति से मिलना या उससे बातचीत करना शुभ नहीं ___ है। यह जीवन में परेशानियों का सूचक है।
शत्रु
शत्रु से जिस प्रकार का व्यवहार स्वप्न में होगा, उसी प्रकार का व्यवहार वास्तविक जीवन में भी होगा।
Page #122
--------------------------------------------------------------------------
________________
शरणगृह
शरणस्थल या शरणगृह को देखना शुभ माना गया है । आप जिस समस्या को लेकर परेशान हैं, उस समस्या से शीघ्र ही मुक्ति मिल सकेगी, ऐसा निश्चित समझें ।
शराबघर
जीवन में शिथिलता अकर्मण्यता एवं आलस्य का प्रतीक है ।
स्वप्न में शरीरान्त हो जाना शुभ एवं भाग्योदयकारक माना गया है ।
शवदाह
देखिये 'शरीरान्त' ।
शरीरान्त
शशक
स्वप्न में खरगोश देखना या शशक पालना शुभ माना गया है । शीघ्र ही आपकी गुप्त यात्रा होगी, तथा उससे मनोवांछित सिद्धि प्राप्त कर सकेंगे ।
शशि
देखिये 'चन्द्र' |
देखिये 'अस्त्र' |
देखिये 'मधु' |
यदि स्वप्न में जातक शागिर्द बने, या शागिर्द को देखे तो यह शुभ संकेत है, एवं मनोनुकूल कार्यसिद्धि का परिचायक भी । शामियाना
शस्त्र
शहर
शागिर्द
स्वप्न में शामियाना तानना, या शामियाने के नीचे बैठना शुभ लक्षण है । शीघ्र ही घर में मांगलिक कार्य सम्पन्न होंगे, तथा परिवार में प्रसन्नता बढ़ेगी ।
११६
Page #123
--------------------------------------------------------------------------
________________
शाला
. स्वप्न में शाला देखना परीक्षा में सफलता प्राप्त करने का सूचक है। शासक
देखिये 'महाराजा'।
शास्त्र
देखिये 'यजुर्वेद' । शिकार
यदि स्वप्न में जातक शिकार करता है, और उसमें वह सफल हो जाता, है, तो यह शुभ स्वप्न है । इसके फलितार्थ के अनुसार वास्तविक जीवन में वह शीघ्र ही लाभान्वित होगा। शिक्षा
स्वप्न में शिक्षा प्राप्त करना या शिक्षा देना परीक्षा-परि- णामों की अनुकूलता समझनी चाहिए। शिलालेख
___ यदि कोई व्यक्ति स्वप्न मे शिलालेख देखता है, या पढ़ता है, तो यह शुभ स्वप्न है। अगले कुछ ही समय में आपके द्वारा कुछ ऐसे कार्य सम्पन्न होंगे, जो आपकी प्रसिद्धि, यश एवं सम्मान
को बढ़ाने में सहायक होंगे। शिल्पी
देखिये 'काश्तकार'।
शिव
देखिये 'देवता'। शिष्य
देखिये 'शागिर्द'। शीशमहल
स्वप्न में शीशमहल देखना, या उसमें बैठना अथवा उसमें नृत्य करना शुभ माना गया है, तथा यह भौतिक सुखों में वृद्धि का सूचक है।
१२०
Page #124
--------------------------------------------------------------------------
________________
शुक्र
यदि स्वप्न में कोई जातक शुक्र तारे को देखे तो निश्चय ही अगले कुछ ही दिनों में उसके प्रणय-सम्बन्ध बनेंगे, एवं वह पूर्ण शारीरिक सुख प्राप्त कर सकेगा।
शूद्र को देखना या उससे मिलना दुर्दिन-प्रारम्भ का सूचक है। शृङ्गार
स्वप्न में यदि स्त्री शृङ्गार करती है, तथा नख-शिख शृङ्गार कर अनिन्द्य सुन्दरी बनती है, तो यह भौतिक सुखों में वृद्धि की सूचक है। इस स्वप्न से यह स्पष्ट है कि आनेवाले दिनों में स्वप्नद्रष्टा ज्यादा-से-ज्यादा भौतिक सुखों में वृद्धि करेगा।
शेर
देखिये 'व्याघ्र'।
शैतान
देखिये 'दुष्ट' ।
शैल
देखिये 'पर्वत'। शोक
स्वप्न में शोक मनाना शुभ माना गया है, तथा अनुकूल भाग्य का परिचायक है। श्मशान
स्वप्न में श्मशान देखना या श्मशान में जाना सौभाग्य का सूचक है। श्रमिक
श्रमिक देखना इस बात का सूचक है कि वास्तविक जीवन में अकर्मण्यता बढ़ती जा रही है, और श्रम के प्रति विमुखता होती जा रही है, जो कि उचित नहीं है।
१२१
Page #125
--------------------------------------------------------------------------
________________
श्राद्ध
स्वप्न में श्राद्ध करना शुभ है।
श्री
देखिये 'लक्ष्मी'। षोडशी
देखिये 'युवती'। संकीर्तन
स्वप्न में भजन होना, या संकीर्तन होना शुभ माना गया है । संतान
देखिये 'पुत्र'। संधि
देखिये 'महर्षि' ।
संन्यासी
देखिये 'युवती'। संपत्ति
देखिये 'धन'। संबंधी
देखिये 'मेहमान'। संसार
संसार की यात्रा अत्यन्त शुभ नानी गई है, तथा यह वास्तविक जीवन में भी यात्रा का ही सूचक स्वप्न है। सखा
देखिये 'मित्र'। सचिव
देखिये 'मंत्री'।
सती
स्वप्न में सती होते देखना अत्यन्त शुभ एवं भाग्योदय का
१२२
Page #126
--------------------------------------------------------------------------
________________
सूचक माना गया है ।
देखिये 'भाई' |
देखिये 'कीर्तन' |
देखिये 'कीर्तन' |
सहोदर
सत्संग
सदुपदेश
सप्तधातु
स्वप्न में सप्तधातु देखना शुभ माना गया है । यह धनप्राप्ति का तो सूचक है ही, साथ ही सौभाग्य एवं उचित अवसर पाने का मार्ग भी ।
सफेद
स्वप्न में सफेद वस्तु देखना पवित्रता का सूचक है, सज्जनता एवं सौम्यता का भी परिचायक है ।
सभापति
स्वप्न में सभापति बनना हार का चिह्न है । हो सकता है आपको झूठा लांछन सहना पड़े और अपमान भी । इसलिये वास्तविक जीवन में पग-पग पर सावधानी बरतनी आवश्यक है । समाधि
स्वप्न में समाधि देखना, समाधि पर पुष्प चढ़ाना या समाधि बनाना शुभ माना गया है । यह उन्नति का सूचक है
1
सम्मोहन
यदि स्वप्न में कोई व्यक्ति सम्मोहन कला बताये, या सम्मोहित करने का प्रयत्न करे, तो यह जीवन की वास्तविकताओं से विमुख होने का संकेत है ।
सरस्वती
देखिये 'लक्ष्मी' |
१२३
Page #127
--------------------------------------------------------------------------
________________
सरकस
स्वप्न में सरकस देखना शुभ माना गया है। यह जीवन में आमोद-प्रमोद की वृद्धि एवं शानशौकत का परिचायक है। यह इस बात का साक्षी है कि शीघ्र ही जीवन में भौतिक सुखों की
वृद्धि होगी। सर्प
देखिये 'नाग'। सहमिणी
यदि स्वप्न में सहर्मिणी दृष्टिगोचर हो तो यह पारिवारिक जीवन में सुखद बात है। इसका सीधा-सादा तात्पर्य है कि आनेवाले दिनों में आपका गृहस्थ जीवन उत्तरोत्तर उन्नत होगा, तथा
जीवन में मधुरती एवं श्रेष्ठता बनी रहेगी। स्वांग
देखिये 'नाटक'। सागर
यदि स्वप्न में समुद्र नजर आवे तो यह अत्यन्त शुभ है । ऐसा स्वप्न यात्रा प्रशस्त करता है एवं साथ-ही-साथ भाग्योदय भी। साज
देखिये 'वाद्य'। “साफा
देखिये 'पगड़ी'। सामन्त
देखिये ‘मंत्री'। 'सिंहासन
देखिये 'राजसिंहासन'। 'सिन्दूर
सिंदूर लगाना या उसका उपयोग करना अत्यन्त शुभ माना गया है।
१२४
Page #128
--------------------------------------------------------------------------
________________
सिंह
देखिये 'व्याघ्र। सिद्ध
देखिये योगी। सिपाही
देखिये 'पहरा'। सिक्का
स्वप्न में सिक्के या सिक्कों का ढेर देखना अत्यन्त श्रेयस्कर माना गया है। ऐसा स्वप्न लक्ष्मी-प्राप्ति का सूचक है । सुगंध
__ यदि स्वप्न में सुगन्धित वस्तु दृष्टिगोचर हो, या सुगन्ध आवे तो यह कल्याणकारी है । ऐसा स्वप्न रोगमुक्ति का सूचक तो है
ही, साथ ही लक्ष्मी-साधन में सहायक भी । सुधार
स्वप्न में सुधार देखना शुभ माना गया है। इसका तात्पर्य है आप शनैः-शनैः अपनी प्रगति की ओर उन्मुख हैं।
सुनार
__ स्वप्नदर्शियों के अनुसार सुनार को देखना शुभ नहीं माना गया है। यह परेशानियों को बढ़ानेवाला माना गया है, पर मेरा अनुभव सर्वथा इसके विपरीत है।
स्वर्ण
स्वर्ण का ढेर देखना या स्वर्ण खरीदना या पहनना शुभ नहीं है। सुमुखी
देखिये 'युवती' । सुलोचनी देखिये 'सुमुखी'।
१२५
Page #129
--------------------------------------------------------------------------
________________
धान साफ करने का सूप स्वप्न में देखना अशुभ है।
देखिये 'दिनकर'। सूली __स्वप्न में सूली देखने का फलितार्थ यही है कि व्यक्ति या तो आत्महत्या करने पर उतारू है, या फिर उसके हाथों से कोई ऐसा कार्य होगा, जिससे उसे प्राणदण्ड तक मिल सकता है। सेज
देखिये 'पलंग'। सैनिक
देखिये 'सिपाही'। सुपारी
स्वप्न में सुपारी खाना या सुपारी खरीदना शुभ माना गया है। स्नान
स्वप्न में स्नान करना शुभ माना गया है, और यह रोगमुक्ति का सूचक है। स्वर्ग
___ यदि कोई जातक स्वप्न में स्वर्ग की यात्रा करे या स्वर्ग में विचरण करे, तो यह सौभाग्यवृद्धि का सूचक है । स्वेच्छाचारी
- स्वप्न में स्वेच्छाचारी या अहंकारी बनकर विचरण करना वास्तविक जीवन की उपेक्षा करना है। यह स्वप्न सम्मान-हानि
का सूचक है। हंस
__स्वप्न में हंस देखना जहाँ धनप्राप्ति का सूचक है, वहीं यह सम्मान तथा कीर्ति-वृद्धि का कारक भी। निश्चय ही आपके जीवन में न्याय-भावना प्रबल बनती जा रही है।
१२६
Page #130
--------------------------------------------------------------------------
________________
हजामत
स्वप्न में हजामत करना या कराना शुभ नहीं माना गया है ।
देखिये 'तीर्थ'
स्वप्न में हड्डियों को देखना शुभ माना गया है ।
हड़ताल
हड़ताल में भाग लेना या हड़ताल करना वास्तविक जीवन में अकर्मण्यता का बोध कराता है । यह इस बात का सूचक है कि आप अपने कर्तव्य पथ से च्युत हो रहे हैं ।
हरजाई
हज
हड्डियाँ
हवाई जहाज
हाथी
हवालात
देखिये 'रंडी' |
हीरा
होम
होता
देखिये ‘वायुयान' ।
देखिये 'गज' |
देखिये 'जेल' |
देखिये 'रत्न' |
देखिये 'यज्ञ' |
यह सर्व प्रकार से कल्याणकारी एवं मंगलमय स्वप्न है ।
१२७
Page #131
--------------------------------------------------------------------------
________________
सर्वश्रेष्ठ पुस्तकें
M ०
०
२.००
و
३.००
विशाल
अमृता पांचाली उजाले
३.०० अधूरे होंठ मजबूरी
३.०० प्रेम पंख निर्दयी
३.०० अम्बिका सपना
म० आनन्द स्वामी तड़प और तड़प
३.०० दो रास्ते बावरी ३.०० प्रभु दर्शन
४.०० गुलशन नन्दा
बोध कथायें घाट का पत्थर
आनन्द गायत्री कथा ३.०० गुरुदत्त
एक ही रास्ता जंजाल
३.०० बाल पॉकेट बुक्स प्रेयसी
४.०० जादू का चिराग स्वेट मार्डन
मसखरा मुर्दा हंसते-हंसते कैसे जियें
पूजारी का भूत जो चाहें सो कैसे पायें २.०० गधे की हजामत आप क्या नहीं कर सकते २.०० तीन जादुई रत्न अनिल कुमार
आदर्श बालक अंग्रेजी बोलना कैसे सीखें ४.०० डॉ० समरसेन योगाचार्य भगवान देव
स्त्री पुरुष स्वास्थ्य और योगासन ४.०० वात्स्यायन कामसूत्र डॉ०द्वारका प्रसाद
परिवार नियोजन घेरे के बाहर
४.०० सेक्स की समस्यायें रंजना
३.०० सर्दी जुकाम खाँसी रति ३.०० घरेलू इलाज
४.०० बेड़ियाँ ३.०० मोटापा कैसे घटायें
४.०० जोरावरसिंह
जासूस कुलदीप वह खूनी रात ३.०० काली आंधी
२.०० हवस और हत्यायें ३.०० सभ्यता के चोर फैलती परछाईं २.०० मौत की नींद गहरे घाव
२.०० पाप की गठरी सुबोध पाकेट बुक्स, २ दरियागंज, नई दिल्ली-२
० ० ० ० ० Xxx Mar iiiiii
० ० ० ० ० ०
له
० ० ० mmm.xxx
० ० ० ०
०
०
०
Page #132
--------------------------------------------------------------------------
________________ स्वप्न हमारे भूत, वर्तमान और भविष्य को तस्वीरें हैं यह मस्तिष्क भविष्य की ऐसी सिनेमास्कोपिक पिक्चर है जो पूरे जीवन को साकार कर देती है। * सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ० नारायणदत्त श्रीमालो द्वारा प्रस्तुत हिन्दी को प्रामाणिक पुस्तक भारत की सर्वश्रेष्ठ पॉकेट बुक्स सुबोध पाकट नुक्स दिल्ली