Book Title: Suyagadanga Sutra
Author(s): Sudharmaswami, Lalchand
Publisher: ZZZ Unknown

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Page 148
________________ पनामिकी वितिसकी सिकताका कायायाननलमा महाकाय कहीं तिचिरहितचिरस्तितिकतिनी श्राप का सागाराम श्रमजिवीत परवागनी पिकारागा एकाजी नीली जलाल प्रतिज्ञाग्रही बाहिरिन नदिनभि स्तुतिदलित नागरिकातणिज चाकात परिणाम पतपय मुकाबला वादसहितका गोतम प्रतिद्रांना श्राश्र इथयिननमलन विषईए गया गातिवायविरपति एक प्राणातिपात विरतिनविषयलिस मारणा पातलगांगायमपवंच त्रापपञ्चायतितसा वेक्रिय करवायापा कराज Baal ma ताका auth माता गायमा ! हसमुद्दाका प्राप्त चिरहिताया। सवार्थदपापडाल शिक नासा पगपातिवायविरणविदाडगिरिकलिकाता वरकाया दासग रावतस छत्तम कार्य सिउच विकासमा एपञ्चायतिघा aऊंतित सकायाविमुञ्चम साघावर कार्य चमत्र सवालगागा यामउदयपाल पुत्र तवया सोणा खलु श्रासा स्माकं वित्र खांडा का नंद तक स्पाति/मदिन का राणादा वनि agaas संसारिया पाणा/संसारिया प्राणमाहामादिगतिनाकर महारारावित मन्त्राण्म। पञ्चायति उपजत साविपापाप प्राणायाम जायंतिक पहल के दिन काका का विषमघावना श्राि कात ती सातमकार्यसि सर्वकार्य न विषति कृपालिका लालन हीतकास काय की विमा कान का साघाट कार्य सिलाईघाईत ऊपईपालिकासहित सिंचन घावर कार्य सिमानानविधानामधानका निमकाही पकिपा स्वा की नगरवासी महामना की वा कासवायचाप्रतिबायान्तु श्रावतक प्रमादानविषई सघलालाक नई प्रसिद्वमंस्कृत लामा तिजइहोकारात वचनक दिन पूर्व ४

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