Book Title: Subodhika Kalpasutra Tika Gujarati Bhashantar
Author(s): Vinayvijay
Publisher: Shravak Bhimsinh Manek

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Page 378
________________ कल्प लापर्यषणापर्व करे .. ६. जेवी रीते हालना समयमा जे था श्रमण निग्रंथो पण वर्षाकालना एक|| सुबो० मास अने वीश दिवस गया बाद चोमासामां पर्युषणापर्व करे ने तेवी रीते अमारा पण श्राचार्यों ? ॥१६॥ थने उपाध्यायो पर्युषणापर्व करे जे. ७. जेवी रीते श्रमारा आचार्यों श्रने उपाध्यायो पर्युषणापर्व करे ने तेवी रीते अमे पण वर्षाकालना एक मास अने वीश दिवस गया बाद चोमासामा पर्यु-18 झाषणापर्व करीए बीए. तेनी ( जादरवा सुदि ५नी) पहेला पण पर्युषणापर्व करतुं कल्पे , परंतु ते है। (नादरवा सुदि ५ नी) रात्रि अतिक्रमवी ( उलंघवी) कल्पे नहीं . ७. सर्व प्रकारे अने उषणं-वसनं एटले वसतुं ते पर्युषणा..ते वे प्रका-12 करनी बे. एक गृहि ज्ञाता (गृहस्थोए जाणेली) अने बीजी गृह्यज्ञाता (गृहस्थोए नहीं जाणेली).8 ४तेमां गृह्यज्ञाता ए डे के जेमां वर्षा (चोमासा )ने योग्य पीठे, फलक श्रादि प्राप्त कर्ये बते ४ कल्पमां कहेल इव्य, क्षेत्र, काल अने जावरूप स्थापना करवामां आवे , अने ते आषाढ है पूर्णिमानी अंदर करवामां आवे बे, परंतु योग्य देवना अनावे पांच पांच दिवसनी वृद्धिथी| दश पर्वतिथिना क्रमवडे श्रावण वदि श्रमास सुधीज करवामां थावे . गृहिझाता पण वे प्रकारनी बे. एक सांवत्सरिक कृत्य विशिष्टा एटले सांवत्सरिक कृत्योए करीने युक्त अने बीजी गृहिज्ञातमात्रा एटले मात्र गृहस्थोए जाणेली. तेमां सांवत्सरिक प्रतिक्रमण, लोच, है अमनो तप, सर्व जिनेश्वरोनी नक्तिपूजा अने संघy अरस्परस खामवं ए सांवत्सरिक है। कृत्यो ने अने ते कृत्योए करीने युक्त एवी पर्युषणा नादरवा सुदि पंचमीने दिवसेज अने कालिकाचार्यना आदेशश्री चतुर्थीने दिवसे पण करवामां आवे . मात्र गृहस्थोए जाणेली ते 8 ए ले के जे वर्षमां अधिक मास होय ते वर्षमा चोमासाना दिवसथी मामीने वीश दिवसे मुनि ॥२२६॥ 'श्रमे श्रहीं रह्या बीए' एम प्रश्न करनार गृहस्थोनी पागल कहे बे. ते पण जैन टीपणाने अनुसारे । * या पर्युषणा वार्षिक पर्वरूप समजवी. १ पाटलो. २ पाट. ३ अहीं कहप शब्दे वृहत् कट्पादि लेवु. Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org

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