Book Title: Siddhant Kaumudi Vyakhyan Vyakaran
Author(s): Unknown
Publisher: ZZZ Unknown

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Page 471
________________ सिरस भावाव्यशनिवेशस्तस्मिन्गुशीवायेप्रत्ययतिनिहशोवन्सोवन्सनर इनिनप्रयोगगनत्रव Yuयानस्याप्रीवत्सत्वस्पश्ननावचिनतन्सहचादतधमीतराग निघथा।शानाइत्यवाश्वत्वस्य न्यूनत्यमत्पयितकवानरागमनाश्चाया सूत्पादितश्तरावस्यरूवाताएवंषभोभारवाठा ऋषभनरक मंशानिकिंवनदानिडीप मागावाचिम्पयित्ययाशशक्तिस्वाभाव्यास्वार्थ कत्वाचानकयोरन्पनरोदेवदनाययोस पारित्पनिहाराष्धिवाविभ्यानमत्याहयारि तिकिाबरनामध्यएकस्पनिहारसीमाभराएकस्पेनिकिहियोरिनिकमसिषष्ठीमाभराते नकौदेवदनयज्ञदनावित्पननातिप्रसंगाएतनकस्पतिनकर्तव्यमितिकैयटोनिस्ताभाष्य हयोरितिप्रत्याख्यान उतरवबड़ायहरोनास्पतहिषयकवाभावातरातहलीवहिदीमिडीयो यावताइयोरेकस्पेवहिनिदीरां भवतीनिअपेठेहयोरितिकर्तव्यबहनोग्रहमा मेवनकर्तवमि राम त्याइरिनिभायातथाचडतमजुन्सर्गातदयवादोडतरविधीयनइनियरिशेषाइहानिहारसोडतमम ४५८ Dharmartha Trust J&K. Digitized by eGangotri

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