Book Title: Paia Lacchinammala
Author(s): Dhanpal Mahakavi, Bechardas Doshi
Publisher: R C H Barad & Co Mumbai

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Page 155
________________ ८.२४ पम्हलय ८४९ पम्ह ५०५ पम्हु ४ पयंगः पक्ष्मल पक्ष्मन् प्रमुष्ट Hairy Eyelashes Forgotten Sun Moth पतङ्ग ७४५ पयंग न० रोम युक्त-रोमवाला। न० आंख के बाल, पापण' वि. विस्मृत पुं० सूर्य पुं० पतंगिया-फतंगर-दीयेमें पडनेवाला कीडा न० पानी न० दूध स्त्री० स्वभाव वि० प्रवृत्त पतङ्ग ३५ पय २८० पय ९०७ पयइ ७८५ पयट्टय पयस् पयस् प्रकृति प्रवृत्तक २२३ पयड ४४९ पयत्त ४१० पयत्थ १८ पयर ५९६ पयलाइ ८३ पयवी ५३३ पयल्ल* ६९६ पयाम ५३७ पयारिअ २ पयावइ ७५ पयास २२२ परच्छंद प्रकट वि० प्रकट, स्पष्ट प्रयत्न पुं० प्रयत्न-आदर पदार्थ पुं० वस्तु, तत्त्व प्रकर पुं० समूह प्रचलायते क्रि० नींद लेता है पदवी स्त्री० पदवी प्रस्त वि० फैला हुआ पकाम न० अत्यंत प्रतारित वि० ठगा हुआ प्रजापति पुं० ब्रह्मा प्रकाश प्रकाश परच्छन्द वि० पराधीन Water Milk Temper, Nature Rolling on, going on? Famous Respect, steem Substance Heap, quantity He sleeps Path Stretched Successively Cheated Brahma Light Subjected, dependent The other bank Tormented Truth Final liberation Brahma Order, succession ७२७ परतीर ५४९ परद्ध ९०८ परमत्थ १९ परमपय २ परमिट्टि ४६५ परंपरा परतीर न० सामने वाला किनारा अपराद्ध वि० अपराधी परमार्थ न० सच्चा परमपद न० मोक्ष परमेष्ठिन् पुं० ब्रह्मा परम्परा स्त्री० परम्परा Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org

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