Book Title: Ghantamantrakalpa
Author(s): Digambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti Jaipur
Publisher: Digambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti

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Page 71
________________ nou घण्टाकर्ण मंत्र कल्पः वाद जय यंत्र विधि इस यंत्र को भोजपत्र पर अष्टगंध से लिखकर दांये हाथ की भूजा पर बाध तो वादविवाद में विजय हासिल होती है । { इस यंत्र के लिए यंत्र चित्र नं० ४३ देखें ) मस्तक वेदना दूर होने की यंत्र विधि इस यंत्र को भोजपत्र पर केशर से लिखकर मस्तक पर धारण करें तो मस्तक की वेदना दूर होती है । ( इस यंत्र के लिए यंत्र चित्र नं० ४४ देखें ) ॐ ह्रीँ श्रीँ क्लीँ १४२ १६ £. ३ १५ ८ १३ ५ १८ | ४ | १२ | ६ | ११ | ७ | १७ | ५. ठः ठः ठः स्वाहा क र्ण यंत्र को २००० बार पृथ्वी पर भी लिखे । क [ यंत्र चित्र नं० ४४ ] गडे हुए धन की प्राप्ति यंत्र विधि इस यंत्र को बेलपत्र के रस भौर हरताल से बेलपत्र की ही कलम से एकान्त स्थान में बैठकर २००० बार लिखें तो गडा हुआ धन प्राप्त होता है । ( इस यंत्र के लिए यंत्र चित्र नं० ४५ देखें }

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