Book Title: Chandraras Patra
Author(s): Mohanvijay, Kesharvijay
Publisher: Yakruli

View full book text
Previous | Next

Page 162
________________ दराडारास शराबी कीरविक्षन्यादारासिटाएदवो काधाविषकन्यादा मायनिशलो होश भीमसोमती श्योगकष्टमयानासघला कासरालदिौराजित श्यानिकलानुनविरदै कणिजिमश्राविटलताहालैयारगाहोवानि आजएऊष्टाघमुस्खनी तरगतमीबानी वेदश्यति धाडसपाहीरासिागीमननीखानमा दक्षिसंवसिन चाउजिमशनधारादाराम्राि ८१ कारागारवा मनालखीतात्रेयसिदगाशहारारिकावारगुटीवेकीशशिदलस्यने त्रवान बोनायादारारियायामश्की वैश्वसाव्यामसलीयेटतेलमयाब्योहोरालि सादरमुकावण कोकटकाटकरने किमतरविगारोदाराडि एसाऊमतिक नीsसास्तीमाeamगोराडियागमनवनियमकतनाबाई उमनिहोवतमासाहाराहि धिगरकामायमसम्या सहितारमतिधाजाविसनानयं चासाहोराविधकरुपनमाया वधकरवतियोचेस्त्रयोदयायादाराङिबोल्याचंदनय निदा समयोकिमकरोकारी मोडामाय्यादोराजि सहिाराजनगरें आया रखोयाव्या कदालिमहराईदोराशिकारिताकोमामोसमानाकिराविधिले दजगाईवोराडि व एअयगारीयायदा एमालाबविमारीमामलेक्षितम्रोदोराडि सव गणपरिसंगाकरहने कियाापरतावको विसयोहारारि उहजार स्पो तो गमेमरोवस्ये सुयमाघरोहीराजि हास्यनावणुश्चक एहदवनविकार में जाम

Loading...

Page Navigation
1 ... 160 161 162 163 164 165 166 167 168 169 170 171 172 173 174 175 176 177 178 179 180 181 182 183 184 185 186 187 188 189 190 191 192 193 194 195 196 197 198 199 200 201 202 203 204 205 206 207 208