Book Title: Chandraras Patra
Author(s): Mohanvijay, Kesharvijay
Publisher: Yakruli

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Page 196
________________ चदरास Education Fruerly वनमेंगिरिमैडर का निर पोईयिन विलाधारे सात विचारें जो नदीमेकं नरदें सनानी बाधार ३ कोसीजणी एककस्थानी नालेंवर सुंदर सुमारे ४ सारे ईश्मामारे ६ रन कराने रक्काएक नस राज्यारे दोसी रूप मे अरनिदर्शने नदयं अरवी काढी बोले कंचनयेारमा घाली नानेो हामी रुपमन नोवाराबिलीश्रावी निसाली रोसतरांीरें पास्कीदेवी मैं कोई कोर को ईदिनको बिऊं मिली नेता नितियेावां लेरे को सीनालीला वीच दादीबारे इक मादरी का बिररूमी ककको शीर मिएका दकया दिल यामोसी विदोसारे कबिंज जोई के बनी बिलीम बारे यदिचीन मोरही निनिडारबोरे डा० १० काबिरसिम अम्बालें तर बोली रूप मेडारी तिमसरे रूपमती बोलावें को सी वेंडर दे ० ११ बोलावेल किम हीन बोलें नरनी बोली को सारे रूपमती मनाए फोसीरे ० १२ बाउवोसाक निदारमतीन कोइसमें सीरे मादरी को नरकपरिक वारि नारी कोसीरे य २३ रूपमती हत्तीघमादी बीवीसारे रीलिलावा कोनों को सारे उपाय १४ र के के दीवानकर कंमो सीरे नीमिया रूपमतीको साने यांच्या जीवोसारे दोष १२ झोरमचाया कोईयेगाना सोल पेठ rary.org

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