Book Title: Chandraras Patra
Author(s): Mohanvijay, Kesharvijay
Publisher: Yakruli

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Page 184
________________ के चंदराय बरेला २० १२ गो० गडाच्च सवारी कराने किंवारे बिशेश्में वन रोम विनिग्रासनारातिय काम सं० २२ गो० वेदज्ञानविरख में योम्यो अतिविस्तार योगी शवगड अलीबल सिरदार १३ गो को ईनरोनमी रातंराव ॐ० विद्यामंघरलीवाशिश्रावी केवलशीललाव के १४ गो० नरसुरसुररक्रमेघर लोयान कैलाद लोग बिटामिलाल नागुण गाती नरदेबीना निडाना नारीणा नियमाव्याशसाद नियं विवप्रतिष्ठा करावी नीतिया से साला मु० २६० पतलावेकरली तेकरे मंदिरें तय मोहनविज का कही एक दीसमटाल क० १७ ग इदा एवें काननयाल के दानव्यनृपत्तिका समस्यामाकरें मुनि निरा १ निलीवनपाल कें कीलीपूर गोदोवंद तुवर सिगारेचागार खरी तिमाज्ञानरनारि सीरीजादिकमनोहारि न सामदिन संदरसज्यों मुद्दिश्री नघेषि साम्बरपरवर करवासमतिमा ४ रामवारनियोना साध्यातिगमपंच मलदिशिवपदकरचा बंदेधईरोमांच परयदनी सरलागली -वादशो यांन अतिसकिए.‍ केवलज्ञाननिन नरनरिनिनिसा शेताविज्ञानंद चंदन कोरतीयों निरनिर ६७ बाल रणीकमुनीवर चाल्या गोवरी एदेशी शहर सीली रेनवलीमा अतरसलिलाये रेशविकश्या कलशारतीय अनुसनमु एवमुबशबीरे श्रीमुनी सुदेशना लोकालोक चि श

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