Book Title: Agam aur Tripitak Ek Anushilan Part 1
Author(s): Nagrajmuni
Publisher: Concept Publishing Company
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इतिहास और परम्परा
शब्दानुक्रम कोशल देश २९७, २६८, ३०६, ३२५ क्षतविधवादी
४२५, ४३१ ३४६, ३७८, ४१०, ४२३, क्षत्रिय ११, ७५, ११७, १२५ ४४७
१३५, १३७, १४२, १४७ कोषाध्यक्ष
४४६
१६५, १७०, १०४, २१३ कोष्ठक चैत्य १७, २४, २५, १६०
२२५, टि०,२२६ टि०, २२७ २७०
टि०, २३४ टि०, २८८, कोसम्बी, धर्मानन्द २ टि०, ३, ४, १६ टि०
२६४, ३११, ३२२, ३४२ ५८, ७४, १०५, १०६ टि०,
३४४, ३६६, ३६६, ३८३ १७५
३८६,४०२,४१८ कोसल ३२१, ३५३ क्षत्रिय कन्या
३२२ कोसलक
३२२ क्षत्रिय कुण्डपुर ४८, १२६, १३१, १३५ कोसल गोत्रज ३२२
१८४, ३२८ कोसलवासी
३२२ क्षत्रिय वंश
१२८, २०१, २१३ कोसल संयुत्त ३२० टि०, क्षमा-याचना
२३६ कौटिल्य अर्थशास्त्र १३४ टि०, क्षमाश्रमण
१८६ कौटुम्बिक २५२, २५२ प्र०, क्षयोपशम
२३६ कौटुम्बिक पुरुष २७७, ३१८ क्षान्ति
१७०, ३७१ कौण्डिन्य १४१ १५६ २०१ टि०, २०२ क्षार मेध
३३१ कौण्डिन्य गोत्री १७६ क्षीणास्रव
२१२ कौतूहलशाला सुत्त ३८१ प्र. क्षीर-मेघ
३३१ कौत्स २५ क्षीर-समुद्र
१२७, ३३६ कौपीन (एक वस्त्र) धारी लोक ४१४ क्षीरोदक
३३६ कौमुदी ७६ क्षुद्रनगरक
३४२ कौशल २५, ७५, ८६ टि०, ८८ टि०, क्षुद्रकवस्तुस्कन्षक
२७६ १७६, २२५ टि०, क्षेत्प्रोजा
२८६ २२७ टि०,२३३ टि०, क्षेत्र
३८५ कौशाम्बी ८६ टि०, १७६, १७८, १८५ क्षेत्र-महोत्सव २२६ टि०, २३४ टि०, २६२ क्षेत्रज्ञ
२८६ २७२, २७४, ३१८, ३१६ क्षेत्रोजा
२८६ ३४२, ३४६, ३४६, ३५० ।।
८८ टि०, ३५२, ४२० क्षेमक
८६ टि०, कोशिक
१६५ क्षेमजित् ८८ टि०, ८६ टि०, ६४ टि०, क्रियावाद
७, ३७, ३५६ समजित् का राज्याभिषेक क्रियावादी
३५६, ३५७, ३५६ क्षेमवर्धन ८८ टि, ८६ टि०, ६४ टि०, क्रीतकृत
२७३ क्षेमेवर्धन का राज्याभिषेक क्रूरकर्मान्तक ४१२ क्षेमेन्द्र
१०१ टि. क्रोध
१८५, २६०, ४१६
१४२
y० क्षेम
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