Book Title: Agam Suttani Satikam Part 23 Dashashrutskandh Aadi 3agams
Author(s): Dipratnasagar, Deepratnasagar
Publisher: Agam Shrut Prakashan
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१२
दशाश्रुतस्कन्ध-छेदसूत्रम् - २/२
नामनिष्फन्नो । सुत्तानुगमे सुत्तं उच्चारेतव्वं
भू. (३) सुतं मे आउसंतेण भगवता एवमक्खातं, इह खलु थेरेहिं भगवंतेहिं एक्कवीसं संबला पत्रत्ता कयरे खलु ते धेरेहिं भगवंतेहिं एक्कवीसंसबला पन्त्रत्ता ? इमे खलु ते थेरेहिं भगवंतेहिं एकवीसं सबला पन्नत्ता तं जहा - हत्थकम्मं करेमाणे सबले ||9|| मेहुणं पडिसेवमाणे सबले ॥२॥ रातीभोयणं भुंजमाणे सबले ||३|| आहाकम्मं भुंजमाणे सबले ॥४॥ रायपिंडं भुंजमाणे सबले ॥५॥ कीयं पामिचं अछेज्जं अनिसट्टं आहट्टु दिजमाणं भुंजमाणे सबले ||६|| अभिक्खणं पडियाइक्खित्ताणं भुंजमाणे सबले ||७|| अंतो छण्हं मासाणं गणातो गणं संकममाणे सबले ॥८॥ अंतो मासस्स तयो दगलवे करेमाणे सबले ||९|| अंतो मासस्स ततो माइट्ठाणे करेमाणे सबले ||१०|| सागारियपिंडं भुंजमाणे सबले ||११|| आउट्टियाए पाणाइवायं करेमाणे सबले ||१२|| आउट्टियाए मुसावाए वदमाणे सबले ||१३|| आउट्टियाए अद्दिन्नादानं गेण्हमाणे सबले ।।१४।। आउट्टियाए अनंतरहियाए पुठवीए द्वाणं वा सेज्जं वा निसीहियं वा चेतेमाणे सबले ।। १५ ।। एवं ससणिद्धाए पुढवीओ ससरक्खए पुढवीए ||१६|| एवं आउट्टियाए चित्तमंताए सिलए चित्तमंताए लेलूए कोलावासंसि वा दारुए जीवपइट्ठिए सअंडे सयासपाणे सबीए सहरिए सउस्से सउत्तिंगे पणगदगमट्टियमक्कडसंताणए तहप्पगारं द्वाणं वा सिज्जं वा निसीहियं वा चेतेमाणे सबले ||१७|| आउट्टियाए मूलभोयणं वा कंदभोयणं वा खंधभोयणं वा तयाभोयणं वा पवालभोयणण वा पत्तभोयणं वा पुप्फभोयणं वा फलभोयणं वा बीयभोयणं वा हरियभोयणं वा भुंजमाणे सबले ||१८|| अंतो संवच्छरस्स दस उदगलेवे करेमाणे सबले ।।१९।। अंतो संवच्छरस्स दस माइट्ठाणाइं करेमाणे सबले ||२०|| आउट्टियाए सीतोदगवग्घारिएणं हत्थेण वा मत्तेण वा दव्विएभायणेण वा असनं वा पानं वा खाइमं वा साइमं वा पडिग्गाहेत्ता भुंजमाणे सबले ॥२१॥
एते खलु थेरेहिं भगवंतेहिं एक्कवीसं सबल पन्नत्ता त्तिबेमि ।।
चू. सूयं मे आउसंतेणं भगवता थेरा गणहरा पुव्वधरा भद्दबाहू वा अज्जथूलभदाईंण सीसाण कथेंति । हत्थकम्मदारब्भजाव रायपिंडं ताव कालगा अनुग्घातिया अवराधपदा, हत्थकम्मं करेंति । सयं परेणवा मेहुणं दिव्वमानुसतिरिक्खजोणिय अतिक्कममवतिक्कम्प अतियारेतिवि, अनायारे सव्वभंग एव, सालंबो वा जयणाए सेवंतो सबलो भवति, आतसंजमविराधना विभासितव्वा एक्केक्के । राईंभोयणं चउव्विह, दिया गेण्हंति दिया भुंजति चउभंगा अतिक्कमवतिक्कमअइयार अनायारेसु चउसुवि सालंवो वा जयणाए अपडिसेवग एव सन्निहिमादीसु । रायपिंडदोसावि भासियव्वा । आवाकम्म भंजुति अतिक्कमादिसु ४ कीतादि जाव आहद्दु दिज्जमाणं एक्को सबलो अभिहडमानीतं अभिहडं आहट्टु आहत्य दिजमाणं, अभिक्खणं पडियाइखेत्ता सुत्तं- अभिक्खणो पुनो पुनो पुव्वण्हे अवरहे पञ्चक्खाइत्ता पडियाइखेत्ता भुंजति ।
‘अंतो छण्हं मासाणं' सुत्तं-अत्र गाणंगणियदोसा नाणदंसणचरित्तट्टं वा संकमेज्जा । 'अंतो मासस्स सुत्तं । अंतो-अब्भितरतो तता माइट्टाणाई दोन्निसिय अमाई तत्तिया गाथा । अंतो मासस्स सुतं दगलेवो संघट्टोवरि । आउट्टियाए पाणातिवात करेमाणे सबले आउट्टिया नाम जाणंतो विनावतीए वा दव्वादिसु जं करेति जधा गिलाणी लोणं गिण्हइति पुढविक्कायमक्खित्तेण वा हत्थमत्तेणं भिक्खं गिण्हइ । आउट्टियाए उदगं गेण्हइ उदउल्लसंसिणद्धेहि वा हत्थमत्तेहिं अपरिणएहिं
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