Book Title: Abhinav Prakrit Vyakaran
Author(s): N C Shastri
Publisher: Tara Publications

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Page 514
________________ अअह अ आणि अ आणण अइमुत्तर्यं अइतयं अइरेगअवास अइस रिअ अको अक्खइ अङ्को अगरु अगरु अग्गओ अग्गिणी अग्घइ घ अङ्गारो अच्छअर अच्छरसा 1 अच्छरि अच्छेरिजं अछरीअं ५० ५६ ५३, ६९ १६ २९ १३७ २५, १३८ अकछरा २४, २५, ७७, १२७ ८६, १३७ १३७ १३७ १६५ ७२ अि अच्छी अ ८ ८ १८ १८ ८ ४८, १०६ ५३, ६८ ५६ २७ ५२ ९४ १५ २१ ४१ परिशिष्ट १ उदाहृतशब्दानुक्रमणिका अच्छेरं ३०, ७७, १२७ अज्जा ३३, ६९, १३३ ३३, ८९ ६३ ७८ १६ १३६ १२३ १३६ ६९ १८ १८, ११४ ११९ ७५. १३० ९ १०५ १२३ १३० ३१ २३ २२ अजू अजोग्गो अकाओ अञ्जि अट्ठ अडो अं अण्णा अणि यं अणिउँ तयं अणिॐतयं अणि अणोय अर्ण अत्तमाणो अस्थि अन्तरगर्य अन्तरपा अन्त पाओ अन्तरिदा अन्तरं अन्तावेई अन्तै अन्तेरेर अन्तरि असंभ २३ १६ ११ ३१ ३१ २४ १५ अन्तो- वीसम्भ निवेसिआणं अहो अहं अघणो अधीरो अनुमई अन्नन्नं अन्नारिच्छो अन्नारिसो अन्नं अप्प उदय अपनो अप्पण्णू अप्पा अप्पाणो अपि ३१ ६८ ३४ ५६ अथ अम्देव ५६. २१४ १०७ १०३ ४७,१०३ १०७ १० ६९, १६३ ६९, १३३ १३७ १३७ ३१ ३१ ५३, १०९ १०४ १०३ ७२ अ अमुँगो अच्छ अमूरिलो अम्हरं अम्हक्रं ७२ अम्हारिच्छो ४७, १०४ अम्हारिस ४७, ८०, १०४, १३१ २० २०

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