Book Title: Varruchi Prakrit Prakash Part 01
Author(s): Kamalchand Sogani, Seema Dhingara
Publisher: Apbhramsa Sahitya Academy

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Page 83
________________ आत् + ईतौ : आदीतौ (सूत्र - 5/24) ईत् + ऊतोः : ईदूतोः (सूत्र - 5/29) पदान्त म् के आगे कोई व्यंजन हो तो म् का अनुस्वार हो जाता हैस्त्रियाम् + शस : स्त्रियां शस . (सूत्र - 5/19) ङसाम् + णो : डसा णो (सूत्र - 5/38) 6. यदि स् के आगे श् वर्ग हो तो स् को श् होगा - जस् + शसोः : जश्श्सोः (सूत्र - 5/2) जस् + शस् : जश्शस् (सूत्र - 5/11) विसर्ग सन्धि 7. यदि विसर्ग से पहले अ या आ के अतिरिक्त इ, ए, ओ आदि स्वर हों और विसर्ग के बाद अ आदि स्वर अथवा म् , ण, ल, व् आदि व्यंजन हों तो विसर्ग का र हो जाता है - शसोः + लोपः : शसोर्लोपः (सूत्र - 5/2) आमोः + णः : आमोर्णः (सूत्र - 5/4) ङसेः + आ : ङसेरा । (सूत्र - 5/6) हु: + एम्मी : उरेम्मी (सूत्र - 5/9) ईदूतोः + ह्रस्वः : ईदूतोर्हस्वः (सूत्र - 5/29) 8. यदि विसर्ग से पहले अ या आ और बाद में कोई स्वर अथवा ङ्, म् आदि हों तो विसर्ग का लोप हो जाता है - अतः + ओत् : अत ओत् (सूत्र - 5/1) शसः + उदोतौ : शस उदोतौ (सूत्र - 5/19) स्त्रियामातः + एत् : स्त्रियामात एत् (सूत्र - 5/28) ऋतः + आरः : ऋत आरः (सूत्र - 5/31) शसः + एत् : शस एत् (सूत्र - 5/39) (76) वररुचिप्राकृतप्रकाश (भाग - 1) Jain Education International For Personal & Private Use Only www.jainelibrary.org


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