Book Title: Varruchi Prakrit Prakash Part 01
Author(s): Kamalchand Sogani, Seema Dhingara
Publisher: Apbhramsa Sahitya Academy

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Page 84
________________ 9. यदि विसर्ग से पहले अ हो और विसर्ग के बाद म, ङ, द, ह आदि हों तो अ और विसर्ग मिलकर ओ हो जाता है - भिसः + हिं : भिसो हिं (सूत्र - 5/5) भ्यसः + हिन्तो : भ्यसो हिन्तो (सूत्र - 5/7) स्सः + ङसः : स्सो ङसः (सूत्र - 5/8) ङसः + वा : ङसो वा (सूत्र - 5/15) 10. यदि विसर्ग के बाद त् हो तो विसर्ग के स्थान पर स् और च हो तो श् हो जाता जसः + च : जसश्च (सूत्र - 5/16) ङसः + च : डसश्च (सूत्र - 5/42) ओः + च : ओश्च . (सूत्र - 6/10) त्थयोः + त : त्थयोस्त (सूत्र - 6/21) योः + तइ : ङ्योस्तुइ (सूत्र - 6/30) यदि विसर्ग से पहले अ और बाद में भी अ हो तो दोनों मिलकर ओऽ रूप हो जाता है - अतः + अमः : अतोऽमः (सूत्र - 5/3) नातः + अदातौ : नातोऽदातौ (सूत्र - 5/23) आत्मनः + अप्पाणो : आत्मनोऽप्पाणो (सूत्र - 5/45) वररुचिप्राकृतप्रकाश (भाग - 1) (77) Jain Education International For Personal & Private Use Only www.jainelibrary.org


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