Book Title: Vardhaman Tap Mahima Yane Shrichand Kevali Charitram Part 01
Author(s): Siddharshi Gani
Publisher: Vishva Shanti Prakashan
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________________ * 33 250 दक्षिणावर्त वाली हो तो वह प्रेम की भाजन बनती है / जिसके अंगुलियां लवी और बाल लंबे हों वह दीर्घ आयुष्य वाली होती है और धन्ध धान्य स वृद्धि को पाती है। जो स्त्री कृष्ण के जैसी श्याम, चम्पक जैसी प्रभावाली, गौरी ओर निग्ध अग वानी हो वह भी सुख को प्राप्त होती है। नील कमल के द न जैसी कांति वाली, पीनी कांति वाली हो तो वह समस्त संग प्रत्यंग पर अलंकार धाररग करेगी। जिस स्मो के ललाट पर स्वस्तिक हो वह हजार जहाजों के आधिपति का वरण करती है। जिस स्त्री के दांयें तरफ गले पर, स्तन पर लांछन तिल या मसा अगर हो तो वह पहले पुत्र को जन्म देती है / जिस स्त्री के प्रस्वेद, रोन, निदा और भोजन अल्प हों तो वह उत्तम लक्षणों वाली होती है। जिस स्त्री की साथल हथिनी की सूढ जैसी भरावदार हो, योनि पीपल के पत्ते जैसी और रोम बिना की हो, कमर, ललाट और पेट कछुओं जैसा उन्नत हो और मणिबंध गूढ़ हो तो वह विपुल लक्ष्मी को प्राप्त करती है। 'जो स्त्री की जंघा रोम वाली हो, स्तन और हाथ पर अगर रोम हों तो वह तत्काल विधवा हो जाती है। जिस स्त्री का साथल मोटा हो, पैर चपटे हो वह विधवा और दारिद्रय के दुख को प्राप्त होती है। जिसके पीछे प्रावर्त हो वह पति को मारती है, जिसके हृदय पर प्रांवर्त हो वह पतिव्रता होती है, जिसके कमर पर प्रावर्त हो वह स्वच्छन्दी होती है। जिसकी तीनों ललाट, पेट और यौनि लम्बी हो ता वह ससुर, देवर और पति का नाश करती है। जिसकी जीभ काली P.P. Ac. Gunratnasuri M.S. Jun Gun Aaradhak Trust