Book Title: Vadodarama Shrimad Vijayanandsurishwarji Maharajna Sanghadana Muni Sammelane Karela Tharavo
Author(s): Jain Yuvak Sangh
Publisher: Jain Yuvak Sangh

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Page 19
________________ ( ११ ) वर्तन चलाये छे जेथी शासननी होलना थवाना अनेक प्रसंगो प्राप्त थाय छे, तेमज मुनिओने कोई कोई बखत अनेक मुश्केलीओमां उतरवुं पडे छे, जेथी आ संमेलन आवी रीते दिक्षा आपी शिष्यो करवानी पद्धतिने तेमज तेवी रीते दिक्षा आपनार-लेनार अपावनाने माटे अत्यंत नापसंदगी जाहेर करे छे अने आ मंडळ ठरात्र करे छे के आपणा समुदायना साधुओ पैकी कोई पण मुनीओए आवी खटपटमा उतरवुं नहि अने जे मुनी आवी खटपटमां पडशे तेने माटे आचार्यजी महाराज सख्त विचार करशे. ठराव चोवीस मो. नामदार शहेनशाह पंचम ज्योर्जनी राज्यनी शीतळ छायाम वीर क्षेत्र ( वडोदरा ) के ज्यां महाराजा श्रीमान् शियाजीराव गायकवाड सरकार बीराजे छे जेमना नेक राज्यमां धर्मनी उन्नति निमित्ते आ संमेलन अनंदनी साथे आपणे करी शक्या छीए ते बाबतमां आ संमेलन परमात्मानी प्रार्थना करे छे के तेओना नेक राज्यमां आवा धार्मिक अनेक कार्यो निर्विघ्ने पसार थाओ अने सर्वत्र शांति प्रसरो. Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com

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