Book Title: Vadodarama Shrimad Vijayanandsurishwarji Maharajna Sanghadana Muni Sammelane Karela Tharavo
Author(s): Jain Yuvak Sangh
Publisher: Jain Yuvak Sangh

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Page 17
________________ (९) आपणो रिवाज छे तेने तेवो ने तेवो कायम राखवो, अने अन्य कोई मुनि सदरहु काम करतो होयतेने मिष्ट वचनथी हित शिक्षा आपी ते कामंथी निवृत्त करवानो प्रयत्न करवो. ठराव ओगणीसमो. आजकाल प्रायः केटलाक साधुओ उंची जातना तेमज बहु मुल्यना धुसा विगेरे कपडां राखता नजरे पडे छे ए रीवाजने आ संमेलन नापसंत करे छे अने ठराव करे छे के आपणा साधुओए आज पछी पंजाबी या बिकानेरी कामळी के तेवाज प्रकारनी बीजी अल्प किंमतनी कामळी वापरवी. ठराव वीसमो. जेने दिक्षा आपवी होय तेनी ओछामां ओछी एक महिनानी मुदत सुधी यथाशक्ति परिक्षा करी तेना संबंधी माता, पिता, भाई, स्त्री विगेरेने रजीष्टर कागळथी खबर आपत्रानो रिवाज आपणा साधुबोए राखतो, तेमज दिक्षा निमित्ते आपणी पासे जे वखते आत्रे तेज वस्वते तेनी पासे तेना संबंधीओने रजीष्टर कागळया खबर आपवानो उपयोग राखवो. Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com

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