Book Title: Pragnapana Sutra Part 01
Author(s): Nemichand Banthiya, Parasmal Chandaliya
Publisher: Akhil Bharatiya Sudharm Jain Sanskruti Rakshak Sangh

View full book text
Previous | Next

Page 403
________________ ३९० 姿嚳****楽楽楽楽楽東南安安安***出*物* प्रज्ञापना सूत्र ***************** * * * * * * ॐ ******** असंखिज्जगुणा १२, छंट्ठीए तमाए पुढवीए णेरड्या असंखिज्जगुणा १३, सहस्सारे कप्पे देवा असंखिज्जगुणा १४, महासुक्ने कप्पे देवा असंखिज्जगुणा १५, पंचमाए धूमप्पभाए पुढवीए णेरड्या असंखिजगुणा १६, लंतए कप्पे देवा असंखिज्जगुणा १७, चउत्थीए पंकप्पभाए पुढवीए णेरड्या असंखिज्जगुणा १८, बंभलोए कप्पे देवा असंखिज्जगुणा १९, तच्चाए वालुयप्पभाए पुढवीए णेरड्या असंखिज्जगुणा २०, माहिंदे कप्पे देवा असंखिज्जगुणा २१, सणकुमारे कप्पे देवा असंखिज्जगुणा २२, दोच्चाए सक्करप्पभाए पुढवीए णेरड्या असंखिज्जगुणा २३, संमुच्छिमा मणुस्सा असंखिज्जगुणा २४, ईसाणे कप्पे देवा असंखिज्जगुणा २५, ईसाणे कप्पे देवीओ संखिज्जगुणाओ २६, सोहम्मे कप्पे देवा संखिज्जगुणा २७, सोहम्मे कप्पे देवीओ संखिज्जगुणाओ २८, भवणवासी देवा असंखिज्जगुणा २९, भवणवासिणीओ देवीओ ' संखिज्जगुणाओ ३०, इमीसे रयणप्पभाए पुढवीए णेरड्या असंखिज्जगुणा ३१, खहयरपंचिंदियतिरिक्खजोणिया पुरिसा असंखिज्जगुणा ३२, खहयर - पंचिंदियतिरिक्खजोणिणीओ संखिज्जगुणाओ ३३, थलयर पंचिंदिय तिरिक्खजोणिया पुरिसा संखिज्जगुणा ३४, थलयर पंचिंदिय तिरिक्खजोणिणीओ संखिज्जगुणाओ ३५, जलयर पंचिंदिय तिरिक्खजोणिया पुरिसा संखिज्जगुणा ३६, जलयर पंचिंदिय तिरिक्खजोणिणीओ संखिज्जगुणाओ ३७, वाणमंतरा देवा संखिज्जगुणा ३८, वाणमंतरीओ देवीओ संखिज्जगुणाओ ३९, जोइसिया देवा संखिज्जगुणा ४०, जोइसिणीओ देवीओ संखिज्जगुणाओ ४१, खहयर पंचिंदिय तिरिक्खजोणिया णपुंसगा संखिज्जगुणा ४२, थलयर पंचिंदिय तिरिक्खजोणिया णपुंसगा संखिज्जगुणा ४३, जलयर पंचिंदिय तिरिक्खजोणिया णपुंसगा संखिज्जगुणा ४४, चउरिदिया पज्जत्तगा संखिज्जगुणा ४५, पंचिंदिया पज्जत्तगा विसेसाहिया ४६, बेइंदिया पज्जत्तगा विसेसाहिया ४७, तेइंदिया पज्जत्तगा विसेसाहिया ४८, पंचिंदिया अपज्जत्तगा असंखिज्जगुणा ४९, उरिदिया अपज्जत्तगा विसेसाहिया ५०, Jain Education International इंदिया अपज्जत्तगा विसेसाहिया ५१, बेइंदिया अपज्जत्तगा विसेसाहिया ५२, पत्तेयसरीर बायर वणस्सइकाइया पज्जत्तगा असंखिज्जगुणा ५३, बायर णिओया For Personal & Private Use Only www.jainelibrary.org

Loading...

Page Navigation
1 ... 401 402 403 404 405 406 407 408 409 410 411 412 413 414