Book Title: Dandak Prakaranam
Author(s): Gajasarmuni, Vijayodaysuri
Publisher: Granth Prakashak Sabha

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Page 2
________________ SE SE NE SE NG X X X X ale sta dla sie sie sie ale à se se 24 ॥ श्री ॥ ॥ स्वपरसमयपारावारपारीण - शासनसम्राट्तीर्थरक्षकतपागच्छाधिराज भट्टारकाचार्य - विजयने मिसूरि भगवद्भ्यो नमः ॥ ॥ श्रीगजसारमुनिप्रणीतं ॥ ॥ दण्डकप्रकरणम् ॥ ॥ संस्कृतानुवाद- शब्दार्थ-विस्तरार्थ यन्त्र-परिशिष्ट- टिप्पण्यादिविभूषितम् ॥ ॥ स्वोपज्ञावचूर्णि - रूपचन्द्रमुनिमणीत वृश्यलङ्कृतञ्च ॥ ॥ तदर्थावबोधकप्राचीनस्तवनोपशोभितञ्च ॥ -: संयोजकः -: तपागच्छाधिपति सूरिचक्रचक्रवर्तिभट्टारकाचार्यश्री विजयने मिसूरीश्वरपट्टालङ्कार - सिद्धान्तवाचस्पतिन्यायविशारद - आचार्य श्री विजयोदयसूरिः || प्रकाशक ग्रन्थप्रकाशकसभानाओनररी--सेक्रेटरी. वाडीलाल बापुलाल शाह--अमदावाद. नकल १०००, प्रथमावृत्ति: विक्रम सं० १९८२ वीर सं० २४५१. सन्ने ९९२५, मूल्य रु १, शुद्ध शुद्ध शुद्ध शुद्ध शुद्ध शुद्ध शुद्ध शुद्ध शुद्धः शू

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