Book Title: Arhat Vachan 2002 01 Author(s): Anupam Jain Publisher: Kundkund Gyanpith Indore View full book textPage 6
________________ 93 'उपाध्याय ज्ञानसागर श्रुत संवर्द्धन पुरस्कार (2000) समर्पण समारोह, दिल्ली, 6 जनवरी 2002 हंसकुमार जैन, मेरठ गतिविधियाँ 97 मत-अभिमत 103 आगामी अंक 1. अर्हत् वचन का आगामी अंक 14 (2), अप्रैल - जून 2002 जैन गणित अंक-2 के रूप में जून 2002 में प्रकाशित किया जा रहा है। गणित एवं विज्ञान से सम्बद्ध अनेक आलेख हम इस अंक में प्रकाशित नहीं कर पा रहे हैं। इन्हें 14 (2) में स्थान देंगे। 2. अहिंसा, शाकाहार एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु सम्पूर्ण जीवन संघर्षरत रहे स्व. डॉ. नेमीचन्द जैन की स्मृति में 14 (3), जुलाई 2002 अंक अहिंसा, शाकाहार एवं पर्यावरण संरक्षण को समर्पित होगा। सन्दर्भित सामग्री 30 जून 2002 से पूर्व आमंत्रित है। निदेशक मंडल - सन् 2001- 2002 अध्यक्ष सचिव प्रो. ए.ए. अब्बासी डॉ. अनुपम जैन पूर्व कुलपति, स. प्राध्यापक - गणित, बी-417, सुदामा नगर, शा. होल्कर स्वशासी विज्ञान महाविद्यालय, इन्दौर-452009 'ज्ञान छाया', डी-14, सुदामा नगर, फोन : 0731-482898 इन्दौर-452009 फोन : 0731- (नि.) 787790 (का.) 545421 सदस्य 1. प्रो. आर. आर. नांदगांवकर 3. प्रो. सुरेशचन्द अग्रवाल पूर्व कुलपति, प्राध्यापक एवं अध्यक्ष - गणित, चन्द्रदीप अपार्टमेन्ट, निकालस मन्दिर, इतवारी, ए-2, चौधरी चरणसिंह वि.वि. परिसर, नागपुर-440002 मेरठ-250 404 (उ.प्र.) फोन : 0712-763186 फोन : 0121-762526. 2. प्रो. नलिन के. शास्त्री डॉ. एन.पी. जैन कुलसचिव - बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर पूर्व राजदूत, केन्द्रीय विश्वविद्यालय, रायबरेली रोड़, ई-50, साकेत, लखनऊ (उ.प्र.) इन्दौर-452001 फोन : 0522-440822 फोन : 0731-561273 5. डॉ. प्रकाशचन्द जैन 91/1, गली नं. 3, तिलकनगर, इन्दौर - 452001 फोन : 0731-490619 अर्हत् वचन, 14 (1), 2002 Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.orgPage Navigation
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