Book Title: Arhat Vachan 2002 01 Author(s): Anupam Jain Publisher: Kundkund Gyanpith Indore View full book textPage 5
________________ वर्ष - 14, अंक - 1, 2002 अर्हत् वचन कुन्दकुन्द ज्ञानपीठ, इन्दौर अनुक्रम / INDEX सम्पादकीय - सामयिक सन्दर्भ प्रकाशकीय अनुरोध sta / ARTICLES Area of Bow - figure in Jaina Mathematics O R. C. Gupta, Jhansi Mathematics in Mahāvira's Tradition Anupam Jain, Indore The Mensuration of a Conch in Ancient India o Dipak Jadhav, Barwani & Padmavathamma, Mysore Mathematical Formulary of Jinistic Precepts O N. L. Jain, Rewa जैन गणित पर आधारित नारायण पंडित के कुछ सूत्र 0 राधाचरण गुप्त, झाँसी जैन साहित्य में ध्वनि/शब्द विज्ञान ___ अभयप्रकाश जैन, ग्वालियर आधुनिक मस्तिष्क सम्बन्धी खोजें (जैन कर्म सिद्धान्त के परिप्रेक्ष्य में) । प्रभा जैन एवं लक्ष्मीचन्द्र जैन, जबलपुर समीक्षा / REVIEW जीवन क्या है? द्वारा डॉ. अनिलकुमार जैन - सूरजमल जैन बोबरा, इन्दौर आख्या/ REPORTS 'भगवान महावीर : जीवन एवं दर्शन' राष्ट्रीय संगोष्ठी, इन्दौर, 24 - 25 फरवरी 2002 - सूरजमल जैन बोबरा, इन्दौर अर्हत् वचन, 14 (1), 2002 Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.orgPage Navigation
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