Book Title: Anusandhan 2011 12 SrNo 57
Author(s): Shilchandrasuri
Publisher: Kalikal Sarvagya Shri Hemchandracharya Navam Janmashatabdi Smruti Sanskar Shikshannidhi Ahmedabad
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डिसेम्बर २०११
१२८
धन ? नीवी - (मूल द्रव्य) घेरायेली ।
नीमी रेवणी अदाप उरम
१३१
생
जधं
१३४ १३५
१३६
घांघलउ थीणधी खीणधी निटोल च्यारि चउकुं ओकलां
युद्धमां (युद्ध करतांये उंघे) ऊंघर्बु (?) थीणद्धि(निद्रानो एक प्रकार) क्षीण बुद्धि वाळो नक्की / अवश्य. सोल (१६) (४४४)
१४४ १४७
१६४
१६५
चांब
१६६
अलकमलकनुं (?) भेगु करवू (सुमेळ)
१६८
१७१
अलकसमलक समेलु खटकशाल दीकोलां बनीआदि प्रातिकी आवटइ अहिंड वस्त
१७३
१७८
द्विपद-बेपगां (?) वणिज आदि (?) एक क्रियानुं नाम(आश्रयीने) अटवाय शिकार (आहेड)नी वस्तु (?) कष्ट-मर्दन खंचकाट वगर लींपण (?) तिरस्कार रूप वाणी, विभाषा भावना (अनित्यादि)
कठमर्द
१८१ १८७ १९६
अखंच लंपणी
वैभाख
२०४
पत्नी
२०५
भावन घरणी पिआरू परीखा अवरति सुमति
२०६ २०७ २१७
परायु खाई (?) अविरति समिति (सम्यग् प्रवृत्ति)

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