Book Title: Anusandhan 2011 12 SrNo 57
Author(s): Shilchandrasuri
Publisher: Kalikal Sarvagya Shri Hemchandracharya Navam Janmashatabdi Smruti Sanskar Shikshannidhi Ahmedabad
View full book text
________________
डिसेम्बर २०११
१०५
ह.वा.
* केटलांक पाठान्तरो - गाथाक्र. मु.वा. (मुद्रित)
बालत्तणिमि देवी तिअसलोगंमि मिहुणनरेहिं जगग्गुरू
महिम० सिबिअविमाणारूढो दिक्खसमयंमि सिद्धत्थवणं ते धन्ना
तह
नाहमल्लीणा वंछियरिद्धि ते धन्ना जेहिं दिट्ठो सि गयपुर सेयंसराइणो विहरंतो ०कोडीओ मुक्का सुर० तवंतो ०महिमा गहिओ पउमेसु ठविअचलणो ते धन्ना कयपुन्ना केवल(ल्ल?)नाणसमये अहन्नेहिं
बालत्तणमि देवीइ तिअसलोरोहिं मिहुणेहिं पुणो जगगुरू ०महम० सिबियाविमाणरूढो दिक्खकालंमि सिद्धत्थवणे वनवासे तुह देव ! संलीणा इच्छियरिद्धि गरुआण न निप्फला सेवा गयपुरनयरे सिज्जंसरायणो पारंतो ०कोडी मुक्का उ सुर० चरंतो ०महिमाइ गओ पउमे चलण ठवंतो विहरतो सुकयत्था केवलनाणसमग्गो अहम्मेहिं

Page Navigation
1 ... 109 110 111 112 113 114 115 116 117 118 119 120 121 122 123 124 125 126 127 128 129 130 131 132 133 134 135