Book Title: Agam 30 Mool 03 Uttaradhyayana Sutra Part 02 Uttarajjhayanani Terapanth
Author(s): Tulsi Acharya, Mahapragna Acharya
Publisher: Jain Vishva Bharati

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Page 495
________________ ઉત્તરજઝયણાણિ ૧૦૨૪ પરિશિષ્ટ ૭ : ટિપ્પણ-અનુક્રમ ટિ, સંખ્યા શબ્દ વગેરે अविहेडए (१५/१५) असंख अणंत (३६।१३, १४) असमाणो (२।१९) असमंजसं (४।११) असीहि (१९।५५) असंखयं (४।१) असंतो (१४।१८) असंविभागी (१७११) अस्संजमम्मि (३१०१३) अह कालम्मि संपत्ते (५/३२) अहक्खायं (२८।३३) अहस्सिरे (१२४) अहाउयं (२९/७३) अहीवेगंतदिट्ठीए (१९।३८) अहुणोववन्नसंकासा (५।२७) अहेऊहिं (१८।५१) अहे वयइ... (९।५४) अहो ! वण्णो अहो ! रूवं (२०१६) आ आइण्णे (११।१६) आइण्णे गणिभावम्मि (२७४१) आउं जाणे (१८।२९) आउजीवा (३६।८५) आउत्तया (१०।४०) आउयं नरए कंखे (७७) आउसं (१६। सू० १) आएसं (७१) आगासे गंगसोउ ब्व (१८।३६) आगंतुं (२५।२०) आघायाय समुस्सयं (५।३२) आणाइस्सरियं (२०१४) आणाए (२८।२०) आणानिद्देसकरे (१०२) आभिओगं भावणा (३६।२५६) आभिनिबोहियं नाणं (२८।४) आयगुत्ते (१५।३, २१॥ १९) आमोसे (९।२८) आयगवेसए (१५।५) आययट्ठिया (२९/३४) ટિ. સંખ્યા શબ્દ વગેરે २६ आयरक्खिए (२०१५) १० आयरियपरिच्चाई (१७।१७) 30 आयरिया (२०।२२) २८ आयरियं (६८) 3८ आयाण (१३।२०) १ आयाणं नरयं (६७) १८ आयारं (११३१) १२ आयारधम्मपणिही (२३।११) २३ आयंकेण (५।११) 43 आरण्णगा (१४।९) २६ आराहए दुहओ... (१७।२१) ४ आराहिया दुवे लोग (८।२०) ७१ आरिअत्तं (१०।१६) २७ आरिएहिं (८1८) ४४ आरंभ परिग्गहेसु (१३॥३३) ३२ आलवंते... (१।२१) ४७ आलस्सएण (११।३) ४ आलोएमाणस्स (१६। सू० ४) आलोयण (१९४४) २५ आवट्ट जोणीसु (३५) ५ आवसहा (१३।१३) १८ आससाए (१२।१२) १७ आसीविसो (१२।२७) २४ आसुरी भावणा (३६।२५६) १२ आसुरं कायं (३।३) १. आसुरियं दिसं (७/१०) १ आसुरे काए (८।१४) २६ आसे जहा... (४८) १४ आहाकम्मेहि (५।१३) ५४ आहारपच्चक्खाणेणं (२९।३६) ८,८ आहारे (२६। ३१-३४) ૨૨ ___3 इंगियागार (१०२) २७ इंदनीले (३६७५) 3 इंदियचोर.... (३२।१०४) १२,२१ इंदियबलहाणी (१०।२०-२५) उ२ इड्विगारविए (२७।९) १५ इड्डी (२२४४) ४६ इड्डी जुई... (७/२७) इ Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org

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