Book Title: Agam 30 Mool 03 Uttaradhyayana Sutra Part 02 Uttarajjhayanani Terapanth
Author(s): Tulsi Acharya, Mahapragna Acharya
Publisher: Jain Vishva Bharati
View full book text
________________
ઉત્તરઝયણાણિ
१०३४
પરિશિષ્ટ ૭: ટિપ્પણ-અનુક્રમ
ટિસિંખ્યા
શબ્દ વગેરે पुण्णाइं (१३।२१) पुरंदरे (११।२३) पुराणपुरभेयणी (२०१८) पुरिमतालम्मि (१३।२) पुरिमस्स पच्छिमम्मी (२३३८७) पुलए (३६।७६) पुलागं (८/१२) पुव्बकम्मखयट्ठाए इमं... (६।१३) पुव्वमेवं (४९) पुव्वसंजोगं (८।२) पुव्वाई वासाइं (४८) पुव्वा वाससया बहू (३।१५) पुव्विल्लम्मि....समुट्ठिए (२६८) पूइदेह... (७।२६) पेज्जदोसमिच्छादंसण (२९।७२) पेसलं (८.१९) पोएण ववहरते (२१।२) पोत्थं (२०१६) पोरिसिं (२६।१२) पोरिसी (२६।१३) पोसहं (५।२३) पोसहरओ (९।४२) पोसेज्ज एलयं (७१)
ટિસિંખ્યા શબ્દ વગેરે
१६ बहवे परिभस्सई (३।९) 33 बहिविहार (१४।४) ११ बहिविहारा (१४.१७)
3 बहिया उड्डमादाय (६।१३) २८ बहु (८।१५) १५ बहुमए...मग्गदेसिए (१०।३१) २० बहुस्सुए (११।१५) २६ बहुहा बहुं च (१४।१०) २२ बहूणं बहुगुणे (९।९)
२ बारगाओ (२२।२२) २१ बालगवी (२७/१२) २८ बालग्गपोइयाओ (९।२४)
२ बालस्स...धीरस्स (७।२८, २९) 3८ बावत्तरि कलाओ (२११६) ॐ बावीसाए परीसहे (३१।१५) ३४ बाहाहि....संगोफ (२२॥३५)
४ बुद्धपुत्त नियागट्ठी (१७) १० बुद्धे (११।१३) ६ बुद्धोवघाई न सिया (१।४०) ७ बेइंदिया (३६।१२७) 39 बोहिलाभं (१७३१) 39 बोही (८।१५) ४ बोक्कसो (३।४)
फणग (२२।३०) फरुसा (२।२५) फालिओ (१९५४) फलिहे (३५।७५) फासा फुसंती (४।११) फिट्टई (२०३०) फोक्कनासे (१२२६)
२७ भंडगं (२४।१३) ४४ भंडयं (२६८) 3८ भंडवालो (२२।४५) १५ भएसु (१९९१) 30 भगवं (२१।१०) १८ भत्तपच्चक्खाणेणं (२९।४१) ७ भद्दा (२२।१७)
भयट्ठाणेसु सत्तसु (३१।९) २.१ भयभेरवा (१५।१४)
६ भयवं (९।२) १५ भयवेराओ उवरए (६६) २० भरहो...महाबलो (१८३४-५०) २४ भल्लीहि (१९।५५) ६ भारुडपक्खी (४६) २. भावणाहि य सुद्धाहिं (१९।९४)
बंध (१९।३२) बंधू (१८।१५) बंभगुत्तीसु (३१।१०) बंभणो (२५/३०) बंभम्मि (३१।१४) बल... (९।४) बलसिरी (१९।२)
Jain Education International
For Private & Personal Use Only
www.jainelibrary.org

Page Navigation
1 ... 503 504 505 506 507 508 509 510 511 512 513 514 515 516 517 518 519 520 521 522 523 524 525 526 527 528 529 530 531 532