Book Title: Abhidhan Rajendra Koshme Sukti Sudharas Part 03
Author(s): Priyadarshanashreeji, Sudarshanashreeji
Publisher: Khubchandbhai Tribhovandas Vora

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Page 144
________________ सूक्ति HD सूक्ति का अंश अभियान राजेन्द्रको भाग पृष्ठ بیا 751 بیا 912 بیا 1126 1128 بیا بیا 1128 بیا 1145 146. नाइएज्ज तणामवि ।। 183. नाणं च दंसणं चेव । 259. नाण किरियाहिं मोक्खो । 265. नाणेण विणा न होंति चरण गुणा । 266. नादंसणिस्स नाणं । 269. नाणेण होइ करणं । नि 248. निव्वाणं परमं जाइ। 261. निउणोऽवि जीव पोओ। - नो 233. नो व णं फरूसं वदेज्जा । 236. नो य णं फरुसं वए । بیا 1053 1127 بیا ___3 بیا 986 990 بیا بیا 556 751 752 بیا 961 بیا 962 99. पढमं नाणं तओ दया । 144. पच्चमाणस्स कम्मेहिं । 3 151. पक्खी पत्तं समादाय, निरवेक्खो परिव्वए। 3 194. पण्णा समिक्खए धम्मं । 197. पच्चयत्थं च लोगस्स नाणविहविगप्पणं । 204. पहावंतं निगिण्हामि, सुयरस्सी समाहियं । 3 234. पडिगाहेज्ज कप्पियं । पा 30. पास ! लोए महब्भय । । पावं छिंदइ जम्हा पायच्छितंति भण्णइ तेणं । 3 بیا 964 بیا 989 بیا 342 413 ا دیا بیا 752 150. 166. पुव्वकम्मखयट्ठाए, इमं देहं समुद्धरे। पुरिसम्मि दुव्विणीए । पुरिमा उज्जु जडाउ वक्क जडाय पच्छिमा। 3 بیا 855 196. بی 961 अभिधान राजेन्द्र कोष में, सूक्ति-सुधारस • खण्ड-30 136

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