Book Title: Sugandhdashmi Katha
Author(s): Hiralal Jain
Publisher: Bharatiya Gyanpith

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Page 134
________________ चित्र-परिचय [ " पृ० ३५ चित्र ५० भोज में राजा भी शामिल हुआ नीले रंग की पृष्ठभूमि में चित्र के ऊपरी अर्धभाग में बांयी ओर भवन में सुगंधा गेडुबे तकिये के सहारे बैठी है, तथा दाहिनी ओर राजा हाथ में जल भरा घट लिये खड़ा है। सुगंधा ने कहा कि वह केवल पैर धोने पर अपने वर को पहचान सकती है । श्राकार पृ० ३५ चित्र ५१ सेठ जिनदास द्वारा अभ्यागतों का स्वागत ___ पृष्ठभूमि बैंगनी रंग की है। एक ओर जिनदास हाथ जोड़े खड़ा है। सामने तीन व्यक्ति प्राश्चर्य मुद्रा में बैठे हैं । जिनदास हलके बैंगनी रंग का अंगरखा पहने है । एक पुरुष का चोगा लाल रंग का है जिस पर धारी और बुंदकियां हैं, एक का बैंगनी रंग का । तथा एक की धोती लाल है। सबकी पगड़ियाँ लाल रंग की हैं । प्राकार ५३४३३ इंच।। पृ० ३६ चित्र ५२ चरणस्पर्श से पति की पहचान संबंधी योजना से सभी को आश्चर्य बैंगनी रंग की पृष्ठ भूमि पर दो पुरुष तथा दो स्त्रियां आमने-सामने आश्चर्य मुद्रा में खड़ी हैं । एक पुरुष गहरे, तथा दूसरा हलके हरे रंग का अंगरखा पहने हैं। दोनों की पगड़ियाँ लाल रंग की हैं । एक स्त्री गहरे हरे रंग की चोली और लाल रंग का लहंगा पहने है, जिस पर सामने हरा पटका है। दूसरी लाल रंग की चाली और गहरे हरे रंग का घाघरा पहने है, जिस पर लाल पटका है । आकार ५१४३१ इंच। पृ० ३६ चित्र ५३ पैर धोने पर पति को पहिचान पृष्ठभूमि नीली रंग की है । बांयी ओर गेडुए तकिये के सहारे सुगंधा बैठी है । इसकी चोली और घाघरा धारीदार लाल रंग का है, तथा बैंगनी रंग की छापेदार झीनी मोढ़नी है । सामने चौकी पर राजा खड़ा है। उसके पैर धोने के लिये जल भरा टोंटीदार कलश रखा है। राजा की पगड़ी और धारीदार अंगरखा लाल रंग का है, जिस पर सफेद बुंदकियां हैं । राजा के पीछे एक चामरग्राहगी परिचारिका खड़ी है। इसको चोली और घाघरा पीले रंग के हैं, तथा ओढ़नी और पटका हलके हरे रंग के हैं । प्राकार ५३४५ इंच । पृ० ३७ चित्र ५४ __ राजा द्वारा सुगंधा के पारिण ग्रहण की स्वीकृति सेठ के महल में पीली पृष्ठभूमि में राजा गेडए तकिये के सहारे बैठा है । अधोवस्त्र हरा धारीदार है, और पटका बैंगनी रंग का है । सामने सुगंधा खड़ी है ।

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