Book Title: Sugandhdashmi Katha
Author(s): Hiralal Jain
Publisher: Bharatiya Gyanpith

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Page 164
________________ ८४ ] सुगंध दशमी कथा वरूपशाली तीन्यारूयाविपादातांमदाली दर सुजंगप्रयातांचंदः वरूथतिविकायासिबोली सुगंधाया देश मोगेनिगेली रसेदेकमारी मला एकजोडी कमासियांना ६५ बरे. मोलोनियां वामनेन्द्र सालिग्नसन्मानदा न विकाई सुखशिघ्रमावासिगेली याईकाक थारसा कसा राहीली स्मशानी दी सेवकन्यानसी रूपस्वाति पाहांत्या बोगादिचार पोला कमानमाजीवरीकामाना 0 २७ ३७

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