Book Title: Shrutsagar 2017 05 Volume 04 Issue 01
Author(s): Hiren K Doshi
Publisher: Acharya Kailassagarsuri Gyanmandir Koba
View full book text
________________
Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra
www.kobatirth.org
Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandir
28
पालक
मौर्यराज्य
श्रुतसागर
जून-२०१७ ___ गौतमस्वामी पचास वर्ष गृहस्थपर्यायमां, वीस वर्ष साधुपदमां-गणधरपदमां रही प्रभु महावीरनी सेवामां अने बार बर्ष केवळी पर्यायमां गाळी वीर नि. सं.१२मां ९२ वर्षतुं आयुष्य भोगवी निर्वाण पाम्यां. साधुओमां तो युगप्रधान पट्टावली, वाचक पट्टावली अने स्थविरावली वगेरे मळे छे. ते बधांनो अहीं उल्लेख नथी को. मात्र गुरूपट्टावलीनां आधारे वीरनिर्वाण पछीनां एक हजार वर्षमांना पट्टपरंपरागत आचार्योनुं वर्णन आप्यु छे. आ साथे ज एक हजार वर्षमा थयेल केटलाक राजाओनी संवतवार ढूंकी याद अहीं आपुं छु: राजा राज्यकाळ
वीरनि.सं.
६० सुधी नवनंद
२१५ सुधी
३२३ सुधी पुष्यमित्र
३५३ सुधी बलमित्र/भानुमित्र
४१३ सुधी नभोवाहन
४५३ सुधी गर्दभिल्ल
४६६ सुधी शक
४७० सुधी विक्रम राजा
५३० सुधी धर्मादित्य
५७० सुधी भाइल्ल
५८१ सुधी नाइल्ल
५९५ सुधी नाहट
आ प्रमाणे वीर नि. सं. ६०५ सुधीनां राजाओनी वंशावलीनी क्रमश: यादी मळे छे. वीर नि. सं. ६०५ पछी शक संवत शरू थाय छे, जेनो अनुक्रमे मळतो नथी.
हवे प्रस्तुत लेखमां सुधर्मास्वामीथी शरू थती गुरूपट्टपरंपरा आपी छे ते नीचे मुजब छे.
६०५ सुधी
For Private and Personal Use Only

Page Navigation
1 ... 28 29 30 31 32 33 34 35 36