Book Title: Lonkashahka Sankshipta Parichay
Author(s): Punamchandra, Ratanlal Doshi
Publisher: Punamchandra, Ratanlal Doshi
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________________ (3) तो 67 70 71 ७र 74 क द्वेश पं० . अशुद्ध शुद्ध -क्या हितचिन्तक हितचिन्तन फल्यो कल्यो থগা थतां मुखराशाकशीभिन: मुखराशोकशोभिनः मालव्य मालंब्य कुतक कुतर्क द्वेष गिना गिनना दान दाना . खावे रक्खे हो स्मारण स्मरण ऐस ऐसे भोजन भाजन युगमें काल) युग (काल) में बह मूल्य बहुमूल्य भी. मन 'दमन न्याय मल पाप मल की तरह "की तरह" স্মথ। अर्थ नून नूतन पट पेट .. 6 . निषे R: 60mnm n n n K: koc k". हों . U V 9 Mom W की d 105 117 निषेध

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